
... Read More
Written By: Anshumala | Updated : July 21, 2020 12:49 PM IST
बुखार होने पर क्या करें और क्या ना करें।
Dos and Don'ts in Fever: शरीर का तापमान तब सामान्य माना जाता है, जब यह लगभग 98.6° फारेनहाइट होता है। जब शरीर के तापमान में इससे अधिक वृद्धि होती है, तो इसे बुखार (Fever) कहते हैं, जिसे चिकित्सकीय टर्म में पाइरेक्सिया (pyrexia) कहा जाता है। आमतौर पर, बुखार रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन के कारण होते हैं। दरअसल, बुखार कोई बीमारी नहीं है, बल्कि शरीर के अंदर होने वाली बीमारियों या संक्रमण का एक लक्षण होता है। शरीर का तापमान तब बढ़ जाता है, जब आपका इम्यून सिस्टम (Immunity) शरीर से बैक्टीरिया या वायरस जैसे रोगजनकों (pathogens) से लड़ने के लिए कड़ी मेहनत करता है। जैसे-जैसे शरीर का तापमान बढ़ता है, आपको ठंड महसूस होने लगेगी। कुछ लोगों को बुखार होने पर कंपकंपी (Fever care tips) भी होती है। बुखार होने पर कुछ बातों का ख्याल जरूर रखना (Dos and don'ts in Fever) चाहिए...
किसी भी कारण से बुखार हो या फिर कम या ज्यादा हो, इसे नजरअंदाज करना ठीक (Fever care tips) नहीं। बुखार होने पर में भी आपको अपना खास ख्याल रखना चाहिए। बुखार बढ़ता जा रहा हो, तो डॉक्टर से जरूर मिलें। बुखार होने पर कुछ डूज एंड डोंट्स (dos and don'ts in fever) का ख्याल रखना चाहिए। से ग्रसित होने पर कुछ चीजें करने से बचना चाहिए और कुछ चीजें करनी चाहिए। तो आइए आपको बताते हैं कि बुखार से ग्रसित होने पर क्या करें और क्या ना करें।
अधिकतर लोग बुखार में बहुत कम खाते हैं। दरअसल, बुखार होने पर मुंह का स्वाद कड़वा हो जाता है, जिससे खाने की इच्छा नहीं होती, लेकिन नहीं खाने से आप कमजोर हो सकते हैं। बुखार से जल्दी उबरने के लिए शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है और यह ऊर्जा आप पौष्टिक चीजों के सेवन से ही प्राप्त कर सकते हैं।
कुछ लोग तीन-चार दिनों तक तेज बुखार होने पर भी खुद से ही दवाई लेते रहते हैं। ऐसा ना करें। पहले-दूसरे दिन दवा लें, लेकिन बुखार फिर भी ना उतरे, तो डॉक्टर से मिलें। हो सकता है यह डेंगू, चिकगुनिया, वायरल फीवर, टायफॉइड आदि के कारण भी हो सकता है। ऐसे में बुखार होने पर खुद दवाई लेने से बेहतर है (Dos and Don'ts in Fever in hindi) डॉक्टर से दिखा लें।
बुखार में अधिक शारीरिक श्रम करने से बचना चाहिए। कुछ लोग घर के काम या फिर एक्सरसाइज, हेवी लिफ्टिंग करने लगते हैं। आराम करने से रीर जल्दी रिकवर करता है।
बुखार के दौरान जब आप दवा लेते हैं, तो तेजी से अधिक पसीना आता है। इससे बुखार कम भी होता है। पर, पसीना अधिक निकलने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, ऐसे में पानी या जूस पीते रहें। इससे शरीर हाइड्रेट रहेगा।
बुखार होने पर कई तरह के लक्षण नजर आते हैं जैसे उल्टी, जी मिचलाना, सिर दर्द, रेड रैशेज आदि। ऐसे में शरीर के तापमान के साथ अन्य लक्षणों और संकतों पर भी ध्यान दें।