
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Symptoms and Treatment of Lung Damage: फेफड़े हमारे शरीर का एक अत्यंत आवश्यक और संवेदनशील अंग है, जो शरीर को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये फेफड़े हवा से ऑक्सीजन लेकर उसे खून के माध्यम से पूरे शरीर में पहुंचाते हैं, और शरीर की प्रयोग की गई गैस कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालते हैं। यदि फेफड़े सही तरीके से कार्य न करें, तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, जिससे थकान, चक्कर आना, सांस फूलना और अन्य अंगों की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है। हालांकि इसके कुछ शुरुआती लक्षण होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर आप भी अपने फेफड़ों को हेल्दी रखा चाहते हैं, तो आपको इस लेख में दी हुई जानकारी जरूर पढ़नी चाहिए।
जब फेफड़े खराब होने लगते हैं, तो उनके ठीक से काम करने की क्षमता प्रभावित हो जाती है और इस कारण से शरीर में कुछ लक्षण देखे जा सकते हैं जिनके बारे में आप इस लेख में जानेंगे।
यह फेफड़े खराब होने का एक सामान्य और प्रारंभिक लक्षण है। यदि व्यक्ति सामान्य चलने-फिरने या हल्की शारीरिक गतिविधि करने पर भी जल्दी सांस फूलने की शिकायत करे, तो यह फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी या किसी बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति बिना अधिक मेहनत किए भी बार-बार हांफने लगे या उसे सांस की तकलीफ महसूस हो, तो यह शरीर में ऑक्सीजन की कमी और फेफड़ों की किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों को अनदेखा न करें और तुरंत चिकित्सा सलाह लें।
अगर आपको लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी हो रही है और यह कई हफ्तों तक ठीक नहीं हो रही, तो यह फेफड़ों में संक्रमण, सूजन या किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को इस तरह के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो जल्द से जल्द उसे डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
अगर आपको खांसते हुए बलगम आ रहा है और बलगम का रंग अगर सफेद, पीला, हरा या नीला हो जाए, या उसमें खून नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यह संक्रमण या टीबी जैसे रोग का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों को गलती से भी इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए।
गहरी सांस लेने या खांसने पर यदि छाती में तेज दर्द हो, तो यह फेफड़े में सूजन, संक्रमण या अन्य गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। वहीं सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या अन्य अवरोधक फेफड़े संबंधी रोगों का संकेत हो सकता है।
जरूरी नहीं की आपकी जीवनशैली ही फेफड़ों के खराब होने का कारण बने कई बार टीबी, अस्थमा, सीओपीडी, निमोनिया और फेफड़ों का कैंसर जैसी बीमारियां फेफड़ों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। इनमें से टीबी एक संक्रामक बीमारी है, अस्थमा में वायु मार्ग सिकुड़ जाते हैं, सीओपीडी धूम्रपान से जुड़ी पुरानी बीमारी है, निमोनिया संक्रमण से होता है और फेफड़ों में सूजन लाता है, जबकि फेफड़ों का कैंसर प्रारंभ में बिना लक्षण के उभरता है और समय के साथ जानलेवा रूप ले सकता है, इसलिए इन बीमारियों की समय रहते पहचान और इलाज जरूरी है, ताकि फेफड़ों को सुरक्षित रखा जा सके।
फेफड़ों से जुड़ी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक होता है, क्योंकि डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार जांच कर इलाज तय करते हैं, जैसे- टीबी में लंबा दवा कोर्स दिया जाता है, अस्थमा में इनहेलर और ब्रोंकोडायलेटर उपयोग किए जाते हैं, संक्रमण की स्थिति में एंटीबायोटिक्स और सहायक थेरेपी दी जाती है और यदि सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई हो, तो ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत पड़ सकती है।
फेफड़ों की बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी होता है। यदि ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण आपको महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर जांच और इलाज से फेफड़ों को होने वाले गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है। साथ ही इस बात का ध्यान भी रखना है कि हर व्यक्ति के शरीर के अनुसार उसे कुछ अन्य लक्षण भी महसूस हो सकते हैं और ऐसे में उन्हें इस चीज का खास तौर पर ध्यान रखा चाहिए।
अगर आपके फेफड़े खराब होने लगे हैं, तो कुछ तरीकों से उससे बचाव भी किया जा सकता है। अपने फेफड़ों को हेल्दी बनाए रखने के लिए सबसे पहले आपको स्मोकिंग छोड़नी होगी, अगर आप सिगरेट, हुक्का या किसी भी तरह का धूम्रपान करते हैं, तो आपको उसे जल्द से जल्द छोड़ना होगा क्योंकि यह आपके फेफड़ों का सबसे बड़ा दुश्मन है। इसके अलावा जितना हो सके बहुत धूल-मिट्टी वाले क्षेत्र में न जाएं और अगर किसी कारण से जाना है, तो उचित मास्क आदि का उपयोग करें। जितना हो सके किसी गैस या केमिकल के संपर्क में न आएं, क्योंकि इसके केमिकल भी फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही में कुछ चीजों का ध्यान रखें जो आपको आपके फेफड़ों को हेल्दी रखे में मदद कर सकते हैं जैसे -
नियमित रूप से एक्सरसाइज - अपनी एक्सरसाइज में कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग व अन्य तरह की एक्सरसाइज करें, जिससे आपके फेफड़ों को भी फायदा मिलेगा।
योगाभ्यास करें - योग भी आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है, अनुलोम-विलोम व अन्य व्यायाम करें जिससे आपके समस्त शरीर भी हेल्दी रहेगा।
मानसिक स्वास्थ्य सही रखें - शारीरिक या मानसिक तनाव से बचें, ऐसा करना आपको स्मोकिंग जैसी बुरी आदतों में डाल सकता है और इसका असर समस्त शरीर पर पड़ा है जिसमें फेफड़े भी शामिल हैं।
खानपान का विशेष ध्यान रखें - अपनी डाइट में हेल्दी फूड्स को शामिल करें मौसमी सब्जियां व फल खाएं, रोजाना पर्याप्त पानी व अन्य स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थ पिएं।
बाहर की चीजें छोड़ दें - बाहर तैयार किया हुआ डिब्बाबंद खाना, तला हुआ, बहुत ज्यादा चीनी या बहुत ज्यादा नमक वाला खाना न खाएं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
ठीक से सांस न ले पाना, बार-बार सांस फूलना, लंबे समय से खांसी आना, खांसने व गहरी सांस लेने पर सीने में दर्द होना आदि फेफड़े खराब होने या फेफड़ों से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।
नियमित रूप से एक्सरसाइज करें जैसे ब्रीथिंग एक्सरसाइज, अनुलोम-विलोम जैसे योगाभ्यास करें, सही डाइट लें और धूम्रपान आदि से दूर रहें।
फेफड़े खराब होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे धूम्रपान करना, बाहरी वायु प्रदूषण, लंबे समय से किसी केमिकल या गैस के संपर्क में रहना आदि।