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खाने से लगता है डर ? एनोरेक्सिया है, तो ट्राई करें ये 5 आयुर्वेदिक नुस्खे

एनोरेक्सिया के कुछ मामलों में एक गिलास गर्म पानी पीने से सकारात्मक और प्रभावी परिणाम देखे गए हैं।

एनोरेक्सिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को भूख नहीं लगती। एनोरेक्सिया से पीड़ित लोगों को खाना खाने और भोजन के प्रति रुचि नहीं रह जाती। एक दूसरी स्थिति होती है, जिसमें लोगों को आवश्यकता से अधिक खाने के प्रति फोबिया हो जाता है। इसे ''एनोरेक्सिया नर्वोसा'' कहते हैं। यह एनोरेक्सिया से बिल्कुल अलग होता है। एनोरेक्सिया नर्वोसा एक प्रकार का ईटिंग डिसऑर्डर है, जो लोगों को उनके वजन के प्रति जुनूनी बना देता है, जो मस्तिष्क के सर्किट को बदल सकता है और विशेष रूप से चीनी के लिए अपने टेस्ट-रिवॉर्ड प्रॉसेसिंग मेकैनिज्म को प्रभावित कर सकता है। ऐसा एक अध्ययन में पाया गया है।

जर्नल जामा (जेएएमए) साइकियाट्री में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों को ईटिंग डिसऑर्डर है (विशेष रूप से एनोरेक्सिया नर्वोसा से ग्रस्त लोग), वो टेस्ट को वजन बढ़ने के साथ जोड़ कर देखते हैं और इससे बचने की कोशिश करते हैं।

अध्ययन से पता चला है कि एनोरेक्सिया से पीड़ित लोगों के बीच मस्तिष्क कार्यशीलन (ब्रेन एक्टिवेशन) चीनी खाने के किसी भी सुखद अनुभव से विपरीत ढंग से जुड़ा हुआ था।

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अमेरिका में कोलोराडो स्कूल ऑफ मेडिसिन यूनिवर्सिटी के मुख्य लेखक ग्विडो फ्रैंक ने कहा, "जब आप अपना वजन कम करते हैं, तो आपके दिमाग की रिवॉर्ड रिस्पॉन्स बढ़ जाती है, लेकिन खाने की बजाय, हम मानते हैं कि यह एनोरेक्सिया नर्वोसा में चिंता को बढ़ाता है, जिससे वे खुद को खाने के प्रति रोकते हैं। तब यह अधिक खतरनाक हो जाता है।

एनोरेक्सिया में ट्राई कीजिए ये आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

बड़ी इलायची

कुछ व्यंजनों में बड़ी इलायची को डालने से भी एनोरेक्सिया के इलाज में मदद मिलती है। इसका स्वाद बेहतर होता है और अरोमा भी बहुत अच्छी होती है। इससे हर व्यंजन का स्वाद बढ़ जाता है। विभिन्न व्यंजनों में छोटी मात्रा में इसका उपयोग करने से एनोरेक्सिया की स्थिति में फायदेमंद साबित हो सकता है।

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गर्म पानी

कई स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए गर्म पानी का उपयोग किया जाता है। एनोरेक्सिया के कुछ मामलों में एक गिलास गर्म पानी से सकारात्मक और प्रभावी परिणाम देखे गए हैं।

अदरक

यह बहुत मददगार हो सकता है, क्योंकि यह कई स्वास्थ्य लाभकारी गुणों से भरा हुआ होता है। अदरक के एक टुकड़े को नींबू के रस और रॉक सॉल्ट के साथ खाना खाने के बाद लें। इससे टेस्ट बड बेहतर होता है और पाचन में सहायता करता है। इसे कच्चा खाना ही बेहतर माना गया है।

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इमली और नमक

किसी भी खाने के स्वाद में दिलचस्पी नहीं रह गई है या फिर स्वाद अच्छा नहीं लगता तो इमली और नमक आपके काम आ सकता है। एक चम्मच इमली पाउडर और नमक लें और इसे चाटते रहें। यह आपके मुंह के स्वाद को बेहतर करता है और भोजन के प्रति भी रुची को बढ़ाता है।

त्रिकाटु

यह एक आयुर्वेदिक हर्बल मिश्रण है, जिसमें एक समान मात्रा में पिपली, अदरक और काली मिर्च होती है। यह गैस्ट्रिक को कम करता है। आप इसे एक चम्मच शहद के साथ खा सकते हैं या इसे पानी के साथ पाउडर के रूप में ही ले सकते हैं।

चित्रस्रोत-Shutterstock.

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