... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : June 22, 2018 5:03 PM IST
आपने कई बार लोगों को यह कहते हुए सुना होगा की रात में भूत का डर लगता है। यह एक प्रकार का भय होता है जिसे मेडिकल टर्म में फॉस्मोफोबिया कहा जाता है। किसी प्रकार का भय इंसान के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। भूत का डर हो या अन्य किसी प्रकार का डर इंसान के दैनिक जीवन के काम को भी प्रभावित करता है।
हीरानंदानी हॉस्पिटल, वाशी की साइकोलॉजिस्ट डॉ मधुमिता कहती हैं कि ''लोगों में कई तरह के भय होते हैं कुछ तो परिस्थितियों के हिसाब से (जैसे हवाई जाहज या बंद जगह) कुछ प्रकृति (जैसे आंधी या ऊंचाइयों से) और जानवरों या कीड़े (जैसे कुत्तों या मकड़ियों) से हो सकता है।''
डॉ मधुमिता कहती हैं कि ''भूत की कहानियों और डरावनी फिल्मों को देखते हुए कुछ लोग रोमांच का अनुभव करते हैं तो कुछ लोग डर जाते हैं। ज्यादातर लोग इस तरह के रोमांच को नियंत्रित कर सकते हैं। कुछ लोगों में इस तरह का डर खतरनाक होता है जिसका इलाज आवश्यक होता है। इस तरह का डर जीवन को प्रभावित करता है। यह कहना बिल्कुल गलत है कि कुछ लोगों में जो भूत का डर होता है वह कोई अलौकिक शक्ति के द्वारा होता है।''
उपचार
Read this in English.
अनुवादक – Akhilesh Dwivedi
चित्रस्रोत:Shutterstock.