अब सिर्फ बड़ों की ही बीमारी नहीं रही फैटी लिवर, बच्चों में भी लगातार बढ़ रहे हैं इसके मामले

बच्चों में फैटी लिवर की परेशानी काफी तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे कई सामान्य कारण हो सकते हैं। आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके कारण-

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Written By: Kishori Mishra | Published : April 21, 2026 9:39 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Aditya Satish Kulkarni

Fatty Liver in Kids : पहले फैटी लिवर को सिर्फ वयस्कों की समस्या मानी जाती थी, लेकिन अब यह बीमारी बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहा है। इसे आजकल मेटाबोलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज कहा जाता है, जिसमें लिवर में धीरे-धीरे फैट जमा होने लगता है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह बीमारी अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के होती है, बच्चा सामान्य दिखता है, खेलता है, स्कूल जाता है, और फिर भी अंदर ही अंदर समस्या बढ़ती रहती है। इस विषय की जानकारी के लिए हमने  मुंबई स्थित नारायणा हेल्थ SRCC चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी, कंसल्टेंट डॉ. आदित्य कुलकर्णी से बातचीत की है।  आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में विस्तार से-

बच्चों में क्यों बढ़ रहा है फैटी लिवर?

डॉ. आदित्य का कहना कि बच्चों में फैटी लिवर के कई कारण हो सकते हैं,   जो निम्न हैं-

1. बदलती लाइफस्टाइल और खानपान

आजकल बच्चों की दिनचर्या में कई छोटे बदलाव आए हैं, जैसे - अनियमित भोजन, पैकेज्ड और जंक फूड का बढ़ता सेवन, मीठे ड्रिंक्स का रोजाना सेवन करना,  टीवी या मोबाइल देखते हुए खाना इत्यादि।  बच्चों की इन सभी आदतों से धीरे-धीरे शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होने लगता है, जिसकी वजह से  लिवर के आसपास फैट जमा होने लगता है।

2. फिजिकल एक्टिविटी में कमी

इन दिनों फिजिकल एक्टिविटी बच्चों में काफी ज्यादा कम होने लगी, जिसकी वजह से उन्हें फैटी लिवर की परेशानी होने का खतरा काफी ज्यादा रहता है। डॉक्टर बताते हैं कि पहले बच्चे ज्यादा आउटडोर खेलते थे, अब स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। रनिंग, साइकलिंग, खेल-कूद कम हो गए हैं,  इससे कैलोरी बर्न नहीं होती और वजन बढ़ने लगता है, जो फैटी लिवर का बड़ा कारण है।

फैटी लिवर में, लिवर के अंदर क्या चल रहा होता है?

फैटी लिवर धीरे-धीरे विकसित होता है और इसका संबंध इंसुलिन रेजिस्टेंस से होता है। इस स्थिति में शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता, इससे लिवर में फैट जमा होने लगता है। शुरुआत में कोई दर्द या लक्षण नहीं होते, यही वजह है कि बीमारी लंबे समय तक छुपी रहती है।

क्यों आसानी से पकड़ में नहीं आता?

  • बच्चे सामान्य दिखते हैं, जिसकी वजह से समय पर पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
  • फैटी लिवर के कोई खास लक्षण नहीं होते, ऐसे में समय पर इसकी पहचान मुश्किल हो जाती है।
  • अक्सर किसी अन्य टेस्ट या अल्ट्रासाउंड में अचानक पता चलता है
  • इसलिए परिवार को तब तक शक नहीं होता, जब तक रिपोर्ट में सामने न आए।

किन बातों से बचकर रहने की है जरूरत?

रोजमर्रा की अच्छी आदतें अपनाएं, इससे काफी हद तक फैटी लिवर से बचाव किया जा सकता है, जैसे-

  • बच्चों को नियमित रूप से घर का खाना खिलाएं।
  • जंक फूड और पैकेज्ड स्नैक्स बच्चों को न के बराबर दें।
  • मीठे ड्रिंक केवल कभी-कभी लें।
  • बच्चों को रोजाना कम से कम 1 घंटा फिजिकल एक्टिविटी कराएं।
  • बच्चों का वजन और ग्रोथ समय-समय पर चेक करें।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर बच्चे का वजन तेजी से बढ़ रहा हो, परिवार में डायबिटीज या लिवर की बीमारी का इतिहास हो, तो ऐसी  स्थिति में बच्चों की समय-समय पर जांच करएं। समय पर जांच से बीमारी को शुरुआती स्टेज में ही रोका जा सकता है।

Disclaimer : बच्चों में फैटी लिवर कोई अचानक होने वाली समस्या नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे रोजमर्रा की आदतों से विकसित होती है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह बिना लक्षण के लंबे समय तक छुपी रहती है। इसलिए जरूरी है कि हम बच्चों की लाइफस्टाइल पर ध्यान दें और छोटी-छोटी आदतों को सुधारें, यही आगे चलकर बड़ी बीमारियों से बचाव करेगा।

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