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Low bp complications: शरीर में बहते हुए रक्त का दबाव सामान्य से कम हो जाने की स्थिति को निम्न रक्तचाप या लो ब्लड प्रेशर कहा जाता है लो ब्लड प्रेशर से ज्यादा हाई ब्लड प्रेशर को गंभीर माना जाता है, यह भी देखा गया है कि लोग लो बीपी को इतना सीरियस नहीं लेते हैं। लेकिन यह जानकारी होना भी बहुत जरूरी है कि लो ब्लड प्रेशर भी हाई बीपी के जितना ही खतरनाक हो सकता है और कुछ मामलों में यह हाई बीपी की समस्या से भी ज्यादा भयानक स्थिति बन जाता है। कुछ आंकड़े बताते हैं, जिन लोगों को लो बीपी की समस्या ज्यादा गंभीर है उनकी असमय मृत्यु होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी जानलेवा बीमारियों व अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बताने वाले हैं, जो आमतौर पर लो ब्लड प्रेशर के कारण होती है।
बहुत ही कम लोग जानते हैं कि अगर लंबे समय तक आपके बीपी का स्तर कम है या फिर गंभीर रूप से बीपी का स्तर कम हो गया है, इसके कारण किडनी भी काम करना बंद कर देती हैं। दरअसल, रक्त का दबाव कम होने के कारण गुर्दे द्वारा फिल्टर किए गए रक्त का दबाव कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में धीरे-धीरे किडनी फेल होने लगती है और व्यक्ति की जान भी जा सकती है।
बीपी का स्तर गंभीर रूप से कम होना कई बार हृदय को भी नुकसान पहुंचा सकता है। अगर लंबे समय के लो बीपी की शिकायत है और उसका सही तरीके से इलाज नहीं किया जा रहा है, तो यह हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है। खून के बहाव का प्रेशर कम होने पर हृदय को भी सामान्य रूप से रक्त नहीं मिल पाता है और इस कारण से हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर होने का खतरा बढ़ जाता है।
लो बीपी के कारण शरीर में हो रहा रक्त का बहाव कम हो जाता है और इस कारण से शरीर के कई अंगों को पर्याप्त रक्त भी नहीं मिल पाता है। इन अंगों में से मस्तिष्क भी एक है और मस्तिष्क में रक्त का दबाव कम हो जाने के कारण ऑक्सीजन युक्त रक्त नहीं मिल पाता है और ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है।
लो बीपी के कारण होने वाली इन बीमारियों का अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो ये जानलेवा भी हो सकती है। हृदय, मस्तिष्क और किडनी जैसे शारीरिक अंगों का सामान्य रूप से काम करना बहुत महत्वपूर्ण होता है और अगर ये ठीक से काम न कर पाएं तो मृत्यु का खतरा काफी हद तक बढ़ सकता है।