मशहूर हॉरर फिल्म निर्माता श्याम रामसे का निमोनिया से निधन, जानें निमोनिया के लक्षण

बॉलीवुड के मशहूर हॉरर फिल्‍मों के निर्माता श्‍याम रामसे का बुधवार को निमोनिया के कारण निधन हो गया। यह इतनी खतरनाक बीमारी है कि विश्‍व भर में 18 फीसदी मौतों का कारण निमोनिया ही होता है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : September 18, 2019 5:58 PM IST

बॉलीवुड के मशहूर हॉरर फिल्‍मों के निर्माता श्याम रामसे का 67 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे निमोनिया (Symptoms of pneumonia) से पीडि़त थे और उनका मुंबई के कोकिलाबेन अस्‍पताल में इलाज चल रहा था। वहीं उन्‍होंने अंतिम सांस ली। श्‍याम रामसे और उनके भाई तुलसी रामसे को हॉरर फि‍ल्‍में बनाने के लिए जाना जाता है। बुधवार को श्‍याम रामसे का निमोनिया के कारण निधन हो गया। जबकि उनके भाई तुलसी रामसे का निधन पिछले साल दिसंबर में हो गया था।  पुराना मंदिर, धुंध: द फॉग, अंधेरा, पुरानी हवेली जैसी हॉरर फि‍ल्‍मों के लिए उन्‍हें याद किया जाता है।

क्या है निमोनिया

श्‍याम रामसे पिछले कई दिनों से निमोनिया से पीडि़त थे। उन्‍हें सांस लेने में दिक्‍कत हो रही भी। जिसकी वजह से उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था। निमोनिया फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है। इसमें मरीज का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। शुरूआत में भले ही यह सर्दी-जुकाम की तरह साधारण लगे पर यह कई बार गंभीर रूप अख्तियार कर लेता है। इसलिए जब मौसम बदल रहा हो तो छोटे बच्‍चों, बुजुर्गों और जिन लोगों की इम्‍यूनिटी कमजोर हो, उन्‍हें संभल कर रहना चाहिए। यह इतनी खतरनाक बीमारी है कि विश्‍व भर में 18 फीसदी मौतों का कारण निमोनिया ही होता है।

पहचानें निमोनिया के लक्षण Symptoms of pneumonia

शुरूआत में निमोनिया सर्दी-जुकाम की ही तरह साधारण लगता है। पर अगर लापरवाही की जाए तो यह गंभीर रूप अख्तियार कर लेता है। देखने में यह भी आया है कि सर्दी-जुकाम बिगड़ जाने पर निमोनिया का रूप ले लेता है। इसमें उल्‍टी, दस्‍त, तेज बुखार, सिर दर्द, सांस लेने में परेशानी, तेज ठंड लगना और दांत किटकिटाने के लक्षण दिखाई देते हैं। अगर ये लक्षण दिखाई दें और सांस लेने में परेशानी हो रही हो तो मरीज को तुरंत डॉक्‍टर के पास ले जाना चाहिए।

संक्रमण से भी हो सकता है

कुछ लोग किन्‍हीं खास चीजों के प्रति एलर्जिक होते हैं। जैसे कुछ लोगों को पोलर पीरियड में जब फूलों से पराग कण निकलते हैं तब संक्रमण हो जाता है। इसके अलावा कुछ खास किस्‍म के वायरस भी निमोनिया के बैक्‍टीरिया में इजाफा करते हैं। इसलिए संक्रमण से भी खुद को बचाकर रखना चाहिए।

मौसम बदल रहा है निमोनिया से बचने के लिए यूं रखें सेहत का ख्याल !

अतिरिक्त मात्रा में विटामिन ई का सेवन बचाता है निमोनिया से

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