
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Updated : April 24, 2026 6:58 PM IST
Medically Verified By: Dr. Neetu Jain
malaria treatment
Malaria Treatment: हर बीमारी की दवा अलग-अलग होती है, यह तो हम सभी जानते हैं। लेकिन, एक ही बीमारी की भी अलग-अलग दवा होती हैं, जो हर तरह के मरीज की स्थितियों के लिए अनुसार काम करती हैं। चाहें पेट दर्द, बुखार हो या सिर दर्द, डॉक्टर हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग दवा लिख सकते हैं। ऐसे ही मलेरिया के मरीजों के साथ भी होता है, उनका इलाज अलग-अलग तरह से होता है।
मलेरिया एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो प्लास्मोडियम नामक परजीवी के कारण होती है। यह मच्छरों के काटने से फैलती है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि मलेरिया का इलाज एक जैसा होता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। मलेरिया का इलाज कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है। हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस (World Malaria Day) मनाया जाता है, ताकि लोगों के बीच इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके। तो आइए, इस मौके पर PSRI hospital की पलमोनॉली क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. नीतू जैन (Dr Neetu Jain, Senior consultant pulmonology critical care and sleep medicine, PSRI hospital) से जानते हैं कि मलेरिया का इलाज कैसे किया जाता है?
मलेरिया का इलाज कई चीजों पर निर्भर करता है, इसमें शामिल हैं-
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मलेरिया के इलाज के लिए तीसरा फैक्टर है- बीमारी की गंभीरता। मलेरिया के शुरुआती स्टेज में आमतौर पर ओरल दवाइयों से इलाज किया जाता है। वहीं, अगर मरीज को मलेरिया की वजह से तेज बुखार, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत या अंगों पर असर जैसे लक्षण दिखने लगते हैं भर्ती की जरूरत पड़ सकती है और इंजेक्शन की जरूरत भी पड़ सकती है।
कई बार मरीज को कुछ दवाइयों से एलर्जी होती है, ऐसे में इन बातों का भी ध्यान रखना होता है और इसी के अनुसार दवा लिखी जाती है।
मलेरिया की वजह से होने वाले संक्रमण को भी ध्यान में रखा जाता है। अगर संक्रमण गंभीर है और दूसरे अंगों तक फैल चुका है, तो मरीज को भर्ती कराने की जरूरत पड़ सकती है।
तेज बुखार के साथ ठंड लगना और कपकंपी, ज्यादा पसीना आना, सिरदर्द, मतली, उल्टी और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण महसूस हो तो इन्हें बिल्कुल नजरअंदाज न करें। ये मलेरिया के संकेत हो सकते हैं।