Fact Check: क्या ठंडा पानी पीने से हार्ट पर असर पड़ता है? डॉक्टर बता रहे हैं इसके पीछे की सच्चाई

cold water fact check : क्या ठंडा पानी पीने से हार्ट अटैक आता है? इस बात को लेकर कई लोगों के मन में सवाल उठता है। आइए डॉक्टर विशाल से जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से-

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Written By: Kishori Mishra | Published : June 8, 2026 9:49 AM IST

Cold Water and Heart health : सोशल मीडिया पर अक्सर यह दावा किया जाता है कि ठंडा पानी पीने से हार्ट अटैक आ सकता है या व्यक्ति की अचानक मौत हो सकती है। कई वायरल पोस्ट में यह भी कहा जाता है कि फ्रिज का पानी शरीर के लिए जहर की तरह काम करता है। लेकिन क्या यह दावा सच है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने डॉक्टर और कुछ रिसर्च की मदद ली।

हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल्स में कंसल्टेंट कार्डियोथोरेसिक एंड मिनिमल इनवेसिव सर्जन डॉ. विशाल खांटे से बातचीत की। उन्होंने कहा अधिकतर मामलों में स्वस्थ लोगों के लिए ठंडा पानी पीना जानलेवा नहीं होता। हालांकि, बहुत ठंडे पानी में अचानक उतरना या लंबे समय तक रहना खतरनाक हो सकता है।

ठंडा पानी पीना और ठंडे पानी में उतरना, दोनों अलग बातें हैं

डॉक्टर कहते हैं कि बताते हैं कि अक्सर लोग ठंडा पानी पीने और बर्फ जैसे ठंडे पानी में अचानक शरीर डुबोने को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों स्थितियां पूरी तरह अलग हैं।

कुछ रिसर्च के अनुसार, काफी ज्यादा ठंडे पानी में अचानक उतरने पर शरीर में कोल्ड शॉक रिस्पॉन्स शुरू हो सकता है। इस दौरान सांस तेजी से चलने लगती है, दिल की धड़कन बढ़ सकती है और व्यक्ति घबराहट महसूस कर सकता है।

कुछ मामलों में इससे डूबने का खतरा भी बढ़ जाता है। एक 2024 की सिस्टेमेटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि अचानक ठंडे पानी में जाने से हाइपरवेंटिलेशन, कार्डियक अरेथमिया और डूबने का जोखिम बढ़ सकता है।

क्या ठंडा पानी पीने से हार्ट अटैक आ सकता है?

मौजूदा वैज्ञानिक प्रमाण इस दावे का समर्थन नहीं करते कि सामान्य परिस्थितियों में ठंडा पानी पीने से किसी स्वस्थ व्यक्ति की मौत हो सकती है या हार्ट अटैक आ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर पानी के तापमान को जल्दी संतुलित कर लेता है।

हालांकि, माइग्रेन, अचलेसिया  जैसी कुछ विशेष स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों में ठंडा पानी कुछ लक्षणों को बढ़ा सकता है। इसके बावजूद आम लोगों के लिए ठंडा पानी पीना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है।

हाइपोथर्मिया कब बनता है खतरा?

खतरा तब बढ़ता है जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक ठंडे पानी में रहता है। ऐसी स्थिति में शरीर तेजी से गर्मी खोने लगता है और हाइपोथर्मिया विकसित हो सकता है। यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक गिर सकता है।

दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं वाले लोगों को अचानक अत्यधिक ठंडे पानी के संपर्क में आने से अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

Disclaimer :  सामान्य रूप से ठंडा पानी पीना अधिकतर लोगों के लिए सुरक्षित है और इससे अचानक मौत होने का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। असली जोखिम ठंडा पानी पीने से नहीं, बल्कि बेहद ठंडे पानी में अचानक उतरने या लंबे समय तक रहने से जुड़ा है। ऐसी स्थिति में कोल्ड शॉक रिस्पॉन्स, डूबने का खतरा और हाइपोथर्मिया जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

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