आंखें, स्किन और बालों से जानें अपनी सेहत का हाल

कहीं आपकी आंखों की पुतली के आगे व्‍हाइटनेस तो नहीं, तो हो सकता है आपका कॉलेस्‍ट्रॉल लेवल बढ़ रहा हो।

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Written By: Anshumala | Updated : August 1, 2018 1:13 PM IST

शरीर के कई अंग ऐसे हैं जो आपकी संपूर्ण सेहत का हाल बयां करते हैं। इनमें से आंखें, बाल और त्वचा सबसे महत्वपूर्ण हैं। यदि कुछ दिनों से आपके बाल अधिक गिर रहे हैं, त्वचा रूखी है या बार-बार दाने, छाले हो रहे हैं, आंखें भी लाल रहती हैं, तो समझ लीजिए की आपको कोई न कोई शारीरिक परेशानी है।

किडनी से संबंधित समस्याएं, हड्डियों के रोग, दिल की समस्याएं होने पर अक्सर इसका सबसे पहले असर आंखों, स्किन और बालों पर दिखता है। जानिए, कुछ जरूरी बातों को जो आपको बताते हैं कि आपकी त्वचा, आंखें और बाल किस तरह से आपकी बिगड़ती सेहत की तरफ इशारा करते हैं।

आंखों से जाने सेहत का हाल

कई सेहत संबंधी समस्याएं हैं, जिसका पता आंखों को देखकर भी लगाया जा सकता है। आपने गौर किया होगा कि जब आप डॉक्टर को दिखाने जाते हैं, तो सबसे वे भी आंखें ही चेक करता है। यदि आपकी आंखों की पुतली के आगे व्‍हाइटनेस है, तो हो सकता है आपका कॉलेस्‍ट्रॉल लेवल बढ़ गया हो। कई बार अधिक लैपटॉप और मोबाइल यूज करने से भी आंखों के आसपास रेडनेस हो जाती है। यदि आंखें लगातार लाल रहें, तो हो सकता है आप तंत्रिका (Nervous) संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हों।

यदि आंखें लाल हैं, तो हो सकता है आप थके हुए हों या फिर नींद पूरी न हुई हो, लेकिन आंखों के आसपास काले धब्बे होना डायबिटीज की ओर इशारा करता है। ब्‍लड शुगर में वृद्धि के कारण डायबिटीज होता है। इसके परिणामस्वरूप सूजन और रक्त वाहिकाओं के फटने का डर हो सकता है। इस स्थिति को मधुमेह रेटिनोपैथी के रूप में जाना जाता है। यदि आपको रात के समय कम दिखाई देता है, तो हो सकता है आप डायट में प्रॉपर विटामिन ए शामिल नहीं कर रहे हों। अधिक स्मोकिंग जो लोग करते हैं, उनकी आंखें ड्राई हो सकती हैं। इससे थायरॉइड, ल्यूपस या रूमेटाइड गठिया जैसी अन्य ऑटोम्यून्यून स्थितियां हो सकती हैं। आंखों में दर्द होना ट्यूमर, इंफेक्‍शन और यहां तक कि स्क्लेरोसिस के भी कारण हो सकता है। इस दर्द को अधिक दिनों तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा।

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त्वचा में बदलाव

उम्र बढ़ने से त्वचा पर झुर्रियों होना आम बात है लेकिन समय से पहले चेहरे पर झुर्रियां होने लगे तो यह अर्ली मेनोपॉज के कारण हो सकता है। कई बार ऐसा होने पर ऑस्टियोपोरोसिस का भी खतरा बढ़ जाता है। हाई बीपी के कारण शरीर के उस भाग पर झुर्रियां हो सकती हैं जो हिस्‍से सूरज के सम्‍पर्क में नहीं आते। कई बार बच्चों को बार-बार त्वचा पर रैशेज हो जाते हैं, यह किसी न किसी तरह के तनाव के कारण हो सकता है।

कई बार नाखून बेजान, पीली नजर आते हैं। जल्दी-जल्दी टूट जाते हैं। नाखूनों का कमजोर होना यानी आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी है। नाखूनों में कोई परिवर्तन होना यानी किडनी या लीवर की समस्या होना। होंठ ड्राई रहते हैं, तो शरीर में पानी की कमी या किसी अन्य इंफेक्‍शन के कारण हो सकता है। त्वचा पर अचानक से रोएं आने लगें, तो इसका मतलब है कि आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन अधिक बन रहा है। यदि ऐसा आपके साथ भी हो रहा है तो एक्‍सरसाइज करें। मीठा कम खाएं। पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) भी अधिक बाल होने का एक और कारण है।

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बालों का गिरना

आईब्रो पतली होना हाइपोथायरॉयडिज्म के लक्षण हो सकते हैं। आपकी आईब्रो के बाहरी हिस्‍से पर चकते बनना थायरॉइड हार्मोन के उत्पादन में असंतुलन के कारण हो सकता है। हेल्‍दी डायट न लेने से भी कई बार बाल अधिक गिरने लगते हैं। बालों का शरीर में आयरन की कमी का संकेत होता है।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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