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बरसात में तेजी से बढ़ता है आंखों का इंफेक्शन, बचाव के लिए इन 5 बातों का रखें ध्यान

बरसात के मौसम में जब हवा में बहुत ज्यादा नमी होती है तब कई लोगों को आंखों में खुजली, लालिमा, दर्द और सूजन की समस्या भी होने लगती है। इसलिए ऐसे समय में यह जानना जरूरी है आंखों के इंफेक्शन से बचाव कैसे करें।

Written By Ashu Kumar Das
Published : August 11, 2026 5:24 PM IST

मानसून में हवा में नमी के कारण आंखों में इंफेक्शन की समस्या होती है।

बरसात का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह के हेल्थ प्रॉब्लम भी लेकर आता है। इस मौसम में आंखों से जुड़ी परेशानियां भी काफी बढ़ जाती हैं। आंखों में लालिमा, पानी आना, खुजली, जलन और आंखों से चिपचिपा पदार्थ निकलना जैसे लक्षण आम देखने को मिलते हैं। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि आंखें खोलने में भी परेशानी होने लगती है। दिल्ली के मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर के ENT Specialist डॉ. (मेजर) आर. के. भारद्वाज कहते हैं कि बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है। गंदा पानी, धूल-मिट्टी और आसपास की गंदगी के कारण बैक्टीरिया और वायरस आसानी से फैल सकते हैं। यही वजह है कि बरसात में कंजंक्टिवाइटिस यानी आंखों का इंफेक्शन ज्यादा देखने को मिलता है।

आंखों में इंफेक्शन के क्या लक्षण हैं?

डॉक्टर बताते हैं कि अगर आंखें सामान्य से ज्यादा लाल हो रही हैं, लगातार पानी आ रहा है या आंखों में खुजली और जलन महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ लोगों की आंखों में सूजन भी आ सकती है। इसके अलावा सुबह उठने पर पलकों का आपस में चिपक जाना या आंखों से सफेद, पीला या चिपचिपा डिस्चार्ज निकलना भी इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।

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आंखों में इंफेक्शन होने पर तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

मानसून में आंखों को इंफेक्शन से कैसे बचाएं?

डॉ. भारद्वाज का कहना है कि मानसून के दिनों में आंखों की परेशानी न हो इसके लिए रोजमर्रा की लाइफस्टाइल में कुछ खास बदलावों को करना जरूरी है। इसमें मुख्य रूप से शामिल है-

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  1. सबसे पहली और जरूरी बात है हाथों की सफाई। आंखों को छूने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं। अगर हाथ गंदे हैं तो आंखों को छूने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
  2. बारिश में भीगने के बाद चेहरे और आंखों को साफ पानी से धो लें। अगर आंखों में बारिश का गंदा पानी चला गया है तो उन्हें रगड़ने के बजाय साफ पानी से धीरे-धीरे धोना बेहतर है।
  3. तौलिया, रुमाल और तकिया किसी के साथ शेयर न करें। अगर घर में किसी व्यक्ति को आंखों का इंफेक्शन है तो उसकी निजी चीजों का इस्तेमाल करने से बचें। कंजंक्टिवाइटिस के कुछ प्रकार आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकते हैं।
  4. आंखों को गंदे हाथों से रगड़ने की आदत भी छोड़नी चाहिए। खुजली होने पर आंखों को रगड़ने से जलन और संक्रमण दोनों बढ़ सकते हैं।
  5. किसी कारण आंखों में लालिमा, दर्द या ज्यादा पानी आने की समस्या हो रही है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप न डालें। डॉक्टर कहते हैं कि आंखों में लालिमा या जलन होते ही मेडिकल स्टोर से कोई भी आई ड्रॉप खरीदकर डालना सही नहीं है। हर तरह के इंफेक्शन का इलाज एक जैसा नहीं होता है। खासतौर पर ऐसी आई ड्रॉप जिनमें स्टेरॉयड हो, उनका इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के नुकसान पहुंचा सकता है।

Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। आंखों में लगातार दर्द, ज्यादा लालिमा, सूजन, धुंधला दिखाई देना या अन्य गंभीर लक्षण होने पर खुद से कोई दवा या आई ड्रॉप इस्तेमाल न करें। आंखों से जुड़ी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से बात करें।