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Medically Verified By: Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj
मानसून में हवा में नमी के कारण आंखों में इंफेक्शन की समस्या होती है।
बरसात का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह के हेल्थ प्रॉब्लम भी लेकर आता है। इस मौसम में आंखों से जुड़ी परेशानियां भी काफी बढ़ जाती हैं। आंखों में लालिमा, पानी आना, खुजली, जलन और आंखों से चिपचिपा पदार्थ निकलना जैसे लक्षण आम देखने को मिलते हैं। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि आंखें खोलने में भी परेशानी होने लगती है। दिल्ली के मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर के ENT Specialist डॉ. (मेजर) आर. के. भारद्वाज कहते हैं कि बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है। गंदा पानी, धूल-मिट्टी और आसपास की गंदगी के कारण बैक्टीरिया और वायरस आसानी से फैल सकते हैं। यही वजह है कि बरसात में कंजंक्टिवाइटिस यानी आंखों का इंफेक्शन ज्यादा देखने को मिलता है।
डॉक्टर बताते हैं कि अगर आंखें सामान्य से ज्यादा लाल हो रही हैं, लगातार पानी आ रहा है या आंखों में खुजली और जलन महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ लोगों की आंखों में सूजन भी आ सकती है। इसके अलावा सुबह उठने पर पलकों का आपस में चिपक जाना या आंखों से सफेद, पीला या चिपचिपा डिस्चार्ज निकलना भी इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।
आंखों में इंफेक्शन होने पर तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
डॉ. भारद्वाज का कहना है कि मानसून के दिनों में आंखों की परेशानी न हो इसके लिए रोजमर्रा की लाइफस्टाइल में कुछ खास बदलावों को करना जरूरी है। इसमें मुख्य रूप से शामिल है-
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। आंखों में लगातार दर्द, ज्यादा लालिमा, सूजन, धुंधला दिखाई देना या अन्य गंभीर लक्षण होने पर खुद से कोई दवा या आई ड्रॉप इस्तेमाल न करें। आंखों से जुड़ी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से बात करें।