Sign In
  • हिंदी

आपकी आंखों का रंग भी बताता है सेहत का हाल, जानिए नीली, काली और भूरी आंखों वालों की सेहत का राज

Eye Color And Health: क्या आप जानते हैं कि आप की आंखों का रंग आप की सेहत के बारे में कुछ कहता है। जानिए

Written by Atul Modi |Published : December 27, 2020 10:53 PM IST

यूवल मेलानोमा एक प्रकार का कैंसर है जो आंखों को प्रभावित करता है। भूरे रंग की आंखों वाले लोगों की तुलना में यह उन लोगों में अधिक आम है जिनके पास हरे, नीले या ग्रे रंग की आंखें हैं। इस तरह के नेत्र कैंसर का खतरा बहुत कम है। यह अमेरिका में हर साल लगभग 2,500 लोगों को प्रभावित करता है।

जिन लोगों की आंखें भूरी होती हैं वे ज्यादा सुरक्षित होते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार भूरी आंखों वाले लोगों में मेलानिन अधिक होता है, शायद यह एक वजह है।

अलग अलग लोगों की आंखों का अलग अलग रंग (Eye Color And Health) होता है। कुछ लोगों की आंखों का रंग नीला होता है तो कुछ लोगों की आंखों का रंग हरा व ग्रे। भारत में ज्यादातर लोगों की आंखों का रंग भूरा या काला ही होता है। तो आइए जानते है आप की आंखों का रंग आप की सेहत के बारे में क्या कहता है?

Also Read

More News

ब्लड शुगर से सम्बन्धित समस्याएं:

2011 में हुई एक स्टडी कहती है कि जिन लोगों की स्किन का रंग साफ होता है और जिनकी आंखों का रंग नीला होता है उन्हे टाइप 1 डाइबिटीज होने का अधिक खतरा होता है।

सुनने की क्षमता खोना:

शोध से पता चला है कि एक शोर भरे वातावरण में भूरी आंखों वाले लोगों के मुकाबले नीली व हरे रंग की आंखों वाले लोगों को सुनने की क्षमता खोने का अधिक रिस्क रहता है।

शराब पर निर्भर होना:

यदि आप की आंखें नीली हैं तो आप की शराब पीने की लत बढ़ती जाएगी और आप दूसरे लोगों के मुकाबले अधिक शराब पर निर्भर होने लगेंगे।

दर्द सहन करने की क्षमता:

अध्ययन यह कहते हैं की जिन महिलाओं की आंखों का रंग गहरा होता है वह अधिक दर्द बर्दाश्त कर सकती हैं। वह हल्के रंग की आंखों वाली महिलाओं के मुकाबले दर्द में अधिक काम करने की क्षमता रखती हैं।

खेल आदि में अधिक सक्रिय:

रिसर्च कहती है कि जिन लोगों की आंखे भूरी होती हैं वह खेल आदि में ज्यादा आगे तक जाते हैं और ऐसा अधिकतर बॉक्सिंग व फुटबॉल के केस में होता है। परन्तु यदि आप की आंखों का रंग नीला है तो आप गेंदबाजी, गोल्फ व बेसबॉल आदि में अपनी कला को अच्छे से प्रदर्शित कर सकते हैं।

मोतियाबिंद होना:

यदि आप की आंखें भूरे या गहरे रंग की हैं तो आप को मोतियाबिंद होने की ज्यादा सम्भावना है। एक ऑस्ट्रेलियन स्टडीज का कहना है कि आंखों का शेड मोतियाबिंद की स्थिति का खतरा दोगुना कर सकता है।

अलग आकार की पुतली:

शोध से यह भी पता चला है कि 5 में से किसी एक व्यक्ति की अलग साइज की पुतली होती है यानी कि एक बड़ी एक छोटी। ये बेमेल पुतलियां कभी-कभी नर्वस-सिस्टम समस्या, स्ट्रोक या संक्रमण जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण हो सकती हैं।

Total Wellness is now just a click away.

Follow us on