
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 15, 2020 7:36 PM IST
लॉकडाउन के दौरान बच्चों में बढ़ी आंखों की समस्याएं, इन एक्सपर्ट टिप्स के साथ रखें आंखों को हेल्दी
Eye Care during Covid-19: कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन की घोषणा की गयी और तब से बच्चों का घर से निकलना पूरी तरह बंद हो गया है। बच्चे खेलने-कूदने के लिए बाहर नहीं जाते और ना ही स्कूल जाने की इज़ाज़त है उन्हें। हालांकि, बच्चों की पढ़ाई का नुकसान कम से कम हो, इसके लिए बच्चों को अब ऑनलाइन क्लासेस (Online Classes) के ज़रिए पढ़ाया जा रहा है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई घर में ही हो जाती है वे सुरक्षित अपने घरों में भी रह पाते हैं। भले ही यह तरीका बच्चों को इस जानलेवा संक्रमण (Covid-19 Infection) से सुरक्षा प्रदान कर रहा है लेकिन, इससे बच्चों की शारीरिक और मानसिक सेहत पर असर पड़ रहा है। (Children's Health during Coronavirus Pandemic)
पढ़ाई के लिए ऑनलाइन क्लासेज और घर से बाहर ना निकलने की स्थिति में बच्चे अब गेमिंग में अपना बहुत अधिक समय बिता रहे हैं। स्क्रीन के सामने इतना वक़्त बिताने से बच्चों की आंखों पर इसका असर पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार लॉकडाउन के दौरान बच्चों की आंखों को बहुत नुकसान पहुंचा है। वहीं पिछले कुछ सप्ताह में 40 फीसदी से अधिक बच्चों को आंखों में तकलीफ और दृष्टि से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है। (Eye Care during Covid-19)
आईएएनएस से बातचीत में मशहूर नेत्र विशेषज्ञ अनिल रस्तोगी ने बताया कि, इनमें से अधिकतर बच्चों में अभिसरण अपर्याप्तता की समस्या देखी गई - यह एक ऐसी अवस्था है, जहां निकट स्थित किसी चीज को देखने के दौरान आंखें एक साथ काम करने में असक्षम रहती हैं। इस स्थिति के चलते एक आंख के अंदर रहने के दौरान दूसरी बाहर की ओर निकल आती है, जिससे चीजें एक से अधिक संख्या में दिखायी पड़ती हैं या फिर नज़र धुंधली महसूस होने लगती है। इसी तरह बच्चों को ये समस्याएं भी हो रही हैं-
आई स्पेशलिस्ट शिखा गुप्ता ने भी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उन्हें भी इस तरह के केसेस देखने को मिल रहे हैं जहां बच्चे दिन में कई घंटें कम्प्यूटर या स्मार्टफोन के सामने बिताते हैं। जिससे, बच्चों की आंखों में तकलीफ होने लगी है। डॉ. शिखा के अनुसार, बच्चे जब 8-10 घंटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस देखते रहे हैं तो इससे उनकी आंखों को नुकसान पहुंचता है। इसीलिए माता-पिता को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। " ऐसी स्थिति में बच्चों की आंखों को आराम दिलाने के लिए कुछ इस तरह के उपाय अपनाए जा सकते हैं-