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बिना मीठा खाए भी आपका ब्लड शुगर क्यों बढ़ रहा है, एक्सपर्ट से जानें इसके पीछे का कारण

डायबिटीज के मरीजों का अक्सर सवाल रहता है कि चीनी छोड़ने के बाद भी उसका ब्लड शुगर लेवल क्यों बढ़ने लगता है। इसपर इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने इसके पीछे के कारणों को बताया और साथ ही ही अन्य कई जरूरी सलाह भी दी।

Written By Mukesh Sharma
Published : July 31, 2026 7:17 AM IST

blood sugar hike (AI Generated image)

भारत में एक बड़ी संख्या में डायबिटीज के मरीज हैं और हर किसी के परिवार, रिश्तेदार या फिर आस-पड़ोस में कोई न कोई डायबिटीज का मरीज मिल ही जाता है। आपने भी कभी न कभी किसी डायबिटीज के मरीज के मुंह से यह जरूर सुना होगा कि “हम तो मीठा बिल्कुल नहीं खाते, फिर भी पता नहीं क्यों ब्लड शुगर बढ़ रहा है।” दरअसल, यह सवाल लगभग हर डायबिटीज के मरीज का होता है। इस पर बीएलके मैक्स के इंटरनल मेडिसिन प्रिंसिपल डायरेक्टर, डॉ. राजेंद्र कुमार सिंगल ने Thehealthsite.com को बताया कि अक्सर लोग यही मानते हैं कि सिर्फ मिठाई या चीनी खाने से ही डायबिटीज होती है, लेकिन असलियत इससे काफी अलग है। हमारी रोजमर्रा की कई ऐसी अनदेखी आदतें, खान-पान की छिपी चीजें और लाइफस्टाइल से जुड़ी गलतियां हैं जो बिना चीनी खाए भी शरीर में शुगर का लेवल तेजी से बढ़ा सकती हैं।

सिर्फ मीठी चीजे ही नहीं बढ़ाती ब्लड शुगर

डॉ. सिंगल ने बताया कि एक बहुत ही आम धारणा है, जिसके कारण भी कई बार लोगों को ब्लड शुगर कम नहीं हो पाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे अक्सर उन सभी चीजों का सेवन बंद कर देते हैं, जो स्वाद में मीठी होती है। लेकिन फिर इस उलझन में फंस जाते हैं कि डाइट से चीनी वाली चीजें पूरी तरह से बंद कर देने के बावजूद भी फास्टिंग या पोस्ट-प्रांडियल शुगर लेवल कंट्रोल क्यों नहीं हो रहा है।

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refined carbs

चीनी के अलावा भी चीजें बढ़ाती हैं शुगर

डायबिटीज के मरीजों व उनकी देखभाल करने वाले परिवारजनों को यह समझना होगा कि ब्लड शुगर सिर्फ चीनी ही नहीं और भी कई फूड्स हैं जो बढ़ा सकते हैं और इनमें आमतौर पर रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स आदि शामिल है। यानी ऐसे फूड्स जो शरीर के अंदर तेजी से टूटकर (Breakdown) ग्लूकोज में बदल जाते हैं और ब्लड शुगर को बढ़ाने का काम करते हैं। इनमें आमतौर पर मैदा, सफेद चावल, प्रोसेस्ड फूड्स और चिकनाई वाली चीजें शामिल हैं।

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अन्य शारीरिक समस्याएं

कुछ ऐसे भी केस सामने आते हैं, जो लोग अपनी डाइट में कोई भी ऐसी चीज शामिल नहीं करते हैं, जो शुगर बढ़ाती है और पूरी तरह से बैलेंस व जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेते हैं। अगर उनका ब्लड शुगर भी अक्सर बढ़ जाता है, तो उसके पीछे आहार नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं जैसे तनाव रहना। मानसिक या शारीरिक तनाव होने के कारण हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी-एड्रिनल (HPA) एक्सिस सक्रिय हो जाता है। इसके कारण कोर्टिसोल और एड्रिना

लीन हार्मोन्स लेवल बढ़ने लगता। हार्मोन का लेवल बढ़ने से हार्मोन्स इंसुलिन प्रभावित होने लगता है और इसके परिणामस्वरूप लिवर में जमा ग्लाइकोजन धीरे-धीर ग्लूकोज में बदलकर रक्त में मिलने लगता है।

बॉडी क्लॉक का ब्लड शुगर पर असर

अगर व्यक्ति किसी कारण से नींद पूरी नहीं कर पा रहा है तो इससे सर्केडियन रिदम प्रभावित होने लगता है। 7 घंटे से भी कम नींद लेने से भी शरीर में कोर्टिसोल लेवल बढ़ने लगता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस कारण से अग्न्याशय की इंसुलिन का इस्तेमाल करने की क्षमता प्रभावित होने लगता है, जिसका सीधा असर ब्लड शुगर लेवल पर पड़ने लगता है।

high blood sugar

कुछ प्रकार की दवाएं या इन्फेक्शन

कुछ प्रकार की दवाएं भी ऐसी हैं जो इंसुलिन के स्राव को कम कर देती हैं, जिनमें मुख्य रूप से कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, डाईयुरेटिक्स और बीटा-ब्लॉकर्स आदि शामिल हैं। वहीं अगर शरी के अंदर कहीं पर इन्फेक्शन बना हुआ है, जैसे यूरिन या रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन आदि। इन्फेक्शन होने पर जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता उस पर प्रतिक्रिया देने लगती है, जिसका कारण भी ग्लूकोल लेवल बढ़ने लगता है।

अस्वीकरण: डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर की सलाह और ध्यानपूर्वक उनके सभी निर्देशों का पान करना बेहद जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और समय पर चिकित्सीय जांच ही इसका स्थायी समाधान है। Thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।