बार-बार हाई बीपी कहीं आपको हाइपोथायरायडिज्म तो नहीं? जानें क्यों एक्सपर्ट्स जांच कराने की सलाह देते हैं
बहुत ही कम लोगों को शायद इस बारे में जानकारी नहीं है कि बार-बार हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के पीछे कई बार थायराइड से जुड़ी कोई बीमारी भी हो सकती है। ऐसी ही स्थिति के बारे में हम इस लेख में जानने वाले हैं।
थायराइड कोई बीमारी का नाम नहीं होता बल्कि एक ग्रंथि का नाम होता है, जो दिखने में भले ही छोटी हो लेकिन शरीर में काम बड़े-बड़े करती है जैसे मेटाबॉलिज्म, दिल की धड़कन और रक्त प्रवाह को नियंत्रित करना आदि। जब थायराइड हार्मोन का स्तर कम हो जाता है, तो इसका असर केवल थकान या वजन बढ़ने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दिल और रक्त वाहिकाओं पर भी दबाव डाल सकता है। ऐसे में कई मामलों में यह भी देखा गया है कि इससे ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। कई रिसर्चों में थायराइड की बीमारियां और हाई ब्लड प्रेशर के बीच काफी कनेक्शन पाया गया है। इसलिए एक्सपर्ट्स की मदद से हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि हाई ब्लड प्रेशर और हाइपोथायरायडिज्म के बीच कनेक्शन का पता लगने की कोशिश करेंगे।
हाइपोथायरायडिज्म और हाई ब्लड प्रेशर के बीच कनेक्शन
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर है उनमें हाइपोथायरायडिज्म होने का खतरा सामान्य लोगों से कई गुना बढ़ सकता है। बढ़ती उम्र के साथ यह संबंध और मजबूत हो जाता है। थायराइड हार्मोन सीधे हार्ट और रक्त वाहिकाओं पर असर डालता है। जब इन हार्मोनों का स्तर कम हो जाता है, तो दिल की धड़कन धीमी पड़ सकती है और रक्त वाहिकाएं कम लचीली होने लगती हैं। इन दोनों कारणों से ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
"हाइपोथायरायडिज्म हार्ट और ब्लड वेसल्स को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। यह दिल की धड़कन को धीमा कर सकता है और ब्लड प्रेशर लेवल को बढ़ा सकता है। हाइपोथायरायडिज्म का सही इलाज न केवल थायराइड हार्मोन को संतुलित करता है, बल्कि ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने और हृदय को स्वस्थ बनाने में भी मदद करता है।"Dr. Manoj Chadha Endocrinologist, Hope and Care Clinic
बीपी कंट्रोल करने के लिए हाइपोथायरायडिज्म कंट्रोल करना क्यों जरूरी?
हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों के लिए यह बेहद जरूरी है कि अगर वे अपने ब्लड प्रेशर को बढ़ने से रोकना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी हाइपोथायरायडिज्म की समस्या को जरूर मैनेज करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहने के साथ-साथ अन्य भी कई फायदे मिल सकते हैं जैसे -
- हृदय को स्वस्थ रखने में मदद - जब हाइपोथायरायडिज्म का सही से इलाज किया जाता है, तो शरीर अतिरिक्त पानी और नमक को बेहतर तरीके से बाहर निकाल पाता है, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और हार्ट भी हेल्दी रहता है।
- कोलेस्ट्रॉल पर रहेगा कंट्रोल - हाइपोथायरायडिज्म के कारण थायराइड हार्मोन की कमी के कारण खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ सकता है। अगर आप हाइपोथायरायडिज्म को मैनेज करते हैं, तो बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा भी कम हो जाएगा।
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद - हाइपोथायरायडिज्म को कंट्रोल करने के लिए आपको संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव को नियंत्रित रखना, पर्याप्त नींद लेना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना आदि आदतें अपनानी पड़ती हैं जो अच्छे लाइफस्टाइल को बढ़ावा देती हैं।
"हाइपोथायरायडिज्म हाई ब्लड प्रेशर का एक ऐसा कारण है जिसका इलाज संभव है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर के साथ अचानक वजन बढ़ना, लगातार थकान, त्वचा का रूखापन, बालों का पतला होना या झड़ना, कब्ज या सामान्य से अधिक ठंड लगना जैसी समस्याएं हों, उन्हें थायराइड की जांच जरूर करानी चाहिए।"Dr. Kinnera putrevu medical affairs head, Abbott India
समय-समय पर जांच कराते रहना बेहद जरूरी
हाइपोथायरायडिज्म और हाई ब्लड प्रेशर अक्सर एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं, जिससे दोनों स्थितियों को नियंत्रित करना कठिन हो सकता है। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर पहचान और सही उपचार बेहद जरूरी हैं। हालांकि, अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर के साथ निम्न लक्षण दिख रहे हैं तो जल्द से जल्द थायराइड की जांच करा लेनी चाहिए -
- थकान
- वजन बढ़ना
- सूखी त्वचा
- बाल झड़ना
- कब्ज
- हमेशा ठंड लगना
अगर आप अपने थायराइड के स्वास्थ्य को बनाए रखते हैं, तो इससे न सिर्फ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है बल्कि हृदय को सुरक्षित रखने और लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल थायराइड और हाई ब्लड प्रेशर के आपसी कनेक्शन से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।