
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : June 10, 2026 8:13 PM IST
Medically Verified By: Dr. Manoj Chadha
thyroid problems health issues (AI generated image)
थायराइड कोई बीमारी का नाम नहीं होता बल्कि एक ग्रंथि का नाम होता है, जो दिखने में भले ही छोटी हो लेकिन शरीर में काम बड़े-बड़े करती है जैसे मेटाबॉलिज्म, दिल की धड़कन और रक्त प्रवाह को नियंत्रित करना आदि। जब थायराइड हार्मोन का स्तर कम हो जाता है, तो इसका असर केवल थकान या वजन बढ़ने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दिल और रक्त वाहिकाओं पर भी दबाव डाल सकता है। ऐसे में कई मामलों में यह भी देखा गया है कि इससे ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। कई रिसर्चों में थायराइड की बीमारियां और हाई ब्लड प्रेशर के बीच काफी कनेक्शन पाया गया है। इसलिए एक्सपर्ट्स की मदद से हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि हाई ब्लड प्रेशर और हाइपोथायरायडिज्म के बीच कनेक्शन का पता लगने की कोशिश करेंगे।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर है उनमें हाइपोथायरायडिज्म होने का खतरा सामान्य लोगों से कई गुना बढ़ सकता है। बढ़ती उम्र के साथ यह संबंध और मजबूत हो जाता है। थायराइड हार्मोन सीधे हार्ट और रक्त वाहिकाओं पर असर डालता है। जब इन हार्मोनों का स्तर कम हो जाता है, तो दिल की धड़कन धीमी पड़ सकती है और रक्त वाहिकाएं कम लचीली होने लगती हैं। इन दोनों कारणों से ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
"हाइपोथायरायडिज्म हार्ट और ब्लड वेसल्स को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। यह दिल की धड़कन को धीमा कर सकता है और ब्लड प्रेशर लेवल को बढ़ा सकता है। हाइपोथायरायडिज्म का सही इलाज न केवल थायराइड हार्मोन को संतुलित करता है, बल्कि ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने और हृदय को स्वस्थ बनाने में भी मदद करता है।"
Dr. Manoj Chadha Endocrinologist, Hope and Care Clinic
हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों के लिए यह बेहद जरूरी है कि अगर वे अपने ब्लड प्रेशर को बढ़ने से रोकना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी हाइपोथायरायडिज्म की समस्या को जरूर मैनेज करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहने के साथ-साथ अन्य भी कई फायदे मिल सकते हैं जैसे -
"हाइपोथायरायडिज्म हाई ब्लड प्रेशर का एक ऐसा कारण है जिसका इलाज संभव है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर के साथ अचानक वजन बढ़ना, लगातार थकान, त्वचा का रूखापन, बालों का पतला होना या झड़ना, कब्ज या सामान्य से अधिक ठंड लगना जैसी समस्याएं हों, उन्हें थायराइड की जांच जरूर करानी चाहिए।"
Dr. Kinnera putrevu medical affairs head, Abbott India
हाइपोथायरायडिज्म और हाई ब्लड प्रेशर अक्सर एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं, जिससे दोनों स्थितियों को नियंत्रित करना कठिन हो सकता है। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर पहचान और सही उपचार बेहद जरूरी हैं। हालांकि, अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर के साथ निम्न लक्षण दिख रहे हैं तो जल्द से जल्द थायराइड की जांच करा लेनी चाहिए -
अगर आप अपने थायराइड के स्वास्थ्य को बनाए रखते हैं, तो इससे न सिर्फ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है बल्कि हृदय को सुरक्षित रखने और लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल थायराइड और हाई ब्लड प्रेशर के आपसी कनेक्शन से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।