बार-बार बुखार आना किन गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है?

यदि किसी व्यक्ति को बार-बार बुखार आ रहा है, तो ज्यादातर मामलों में यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत होता है। इसलिए बार-बार बुखार को एक चेतावनी की तरह लें और समय रहते सही जांच करवाएं ताकि स्थिति गंभीर न हो।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : June 14, 2026 10:38 AM IST

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Medically Verified By: Dr R.S. Mishra

बुखार को हम अक्सर एक सामान्य बीमारी समझ लेते हैं, लेकिन मेडिकल साइंस यह कहता है कि बुखार अपने ईप में कोई बीमार नहीं होता है बल्कि यह आमतौर पर शरीर में किसी बीमारी के प्रति होने वाली एक प्रतिक्रिया होती है। उदाहरण के लिए अगर आपको ज्यादा इंफेक्शन हो गया है, तो उसके कारण आपको बुखार होने लग जाएगा। डॉ. आर. एस. मिश्रा, प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं हेड, इंटरनल मेडिसिन और को-चेयर, एकेडमिक, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के अनुसार ज्यादातर मामलों में बुखार कुछ दिनों के आराम और सही इलाज से ठीक हो जाता है।

बार-बार बुखार होना सही नहीं है

हालांकि, एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि अगर आपको बार-बार बुखार हो रहा है तो यह अच्छा संकेत नहीं है और बल्कि शरीर के अंदर कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। बार-बार लौटकर आने वाले बुखार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आपको एक या दो बार बुखार हो चुका है, तो इस बारे में आपको एक बार डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि आगे की जांच करके स्थिति के अंदरूनी कारण का पता लगाया जा सके।

बार-बार बुखार होना किन बीमारियों का संकेत

डॉ. आर. एस. मिश्रा के अनुसार बार-बार बुखार आमतौर पर निम्न समस्याओं का संकेत हो सकता है जैसे -

  • शरीर में लंबे समय संक्रमण
  • अचानक से गंभीर संक्रमण
  • टीबी
  • मलेरिया
  • टाइफाइड
  • फंगल इन्फेक्शन

एक बात को और ध्यान रखना होगा कि अगर बुखार के साथ-साथ लगातार खांसी, वजन कम होना, थकान रहना, रात में पसीना आना और बदन दर्द जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं तो यह आमतौर पर किसी न किसी अंदरूनी बीमारी का ही संकेत होता है, जिन्हें गलती से भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।

ऑटोइम्यून कंडीशन से बुखार

कुछ मामलों में बार-बार बुखार आना ऑटोइम्यून बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है। ये ऐसी स्थितियां होती हैं, जिनमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही ऊतकों पर हमला करने लगती है। रुमेटॉइड आर्थराइटिस और सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (SLE) जैसी बीमारियां शरीर में लगातार सूजन पैदा कर सकती हैं, जिसके कारण बार-बार बुखार, जोड़ों में दर्द और कमजोरी हो सकती है।

ब्लड डिसऑर्डर से बुखार

रक्त से जुड़ी बीमारियों के कारण भी बार-बार बुखार हो सकता है। ल्यूकेमिया और लिम्फोमा जैसी जानलेवा कंडीशन्स के शुरुआत में ही बार-बार बुखार, बिना कारण वजन कम होना, अत्यधिक पसीना आना और लगातार थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, ऐसा भी नहीं है कि अगर आपको बार-बार बुखार हो रहा है, तो इसका मतलब कोई ब्लड डिसऑर्डर ही है, ये बीमारियां इतनी नॉर्मल नहीं है और इनके केस बहुत कम मिलते हैं। लेकिन जांच कराना बेहद जरूरी है।

बच्चों और बुजुर्गों में बार-बार बुखार आने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है, क्योंकि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली संक्रमणों के प्रति उतनी प्रभावी प्रतिक्रिया नहीं दे पाती। बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवाएं लेना या बार-बार ओवर-द-काउंटर दवाओं का उपयोग करना कभी-कभी असली बीमारी की पहचान में देरी कर सकता है।

बुखार अपने आप में कोई बीमारी नहीं

जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया है कि यह समझना जरूरी है कि बुखार स्वयं कोई बीमारी नहीं, बल्कि किसी बीमारी का एक लक्षण या प्रतिक्रिया होती है। जब बुखार बार-बार आता है, तो बुखार उतारने के लिए दवाएं लेने के साथ-साथ इस बात का भी पता लगाना चाहिए कि बुखार क्यों हो रहा है। मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर ब्लड टेस्ट, इमेजिंग जांच और अन्य परीक्षणों की आवश्यकता पड़ सकती है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल बार-बार बुखार आने के पीछे के कारणों से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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