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कैसे पेनकिलर दवाएं आपकी हड्डियों को अंदर ही अंदर डैमेज कर देती हैं, हड्डियों के एक्सपर्ट से जानें

दर्द से राहत पाने के लिए लोग अक्सर पेनकिलर खा लेते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक ये दवाएं खा रहा है तो उसकी हड्डियों पर क्या असर पड़ेगा? इस लेख में हम हेल्थ एक्सपर्ट्स से इसी में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 19, 2026 10:56 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Kamal Bachani

जब हड्डियों से जुड़ी कोई समस्या होती है, तो अक्सर पेन किलर दवाएं ली जाती हैं जिन्हें लेने के बाद दर्द ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ लोग दर्द निवारक गोलियों को ही इलाज समझ लेते हैं, जबकि ये पेनकिलर दवाएं हड्डी को जोड़ने या नई हड्डी बनाने का काम नहीं करतीं ये सिर्फ दर्द को कंट्रोल करती हैं। जब किसी व्यक्ति की हड्डी टूटती है, तो शरीर उस स्थान पर नई हड्डी की कोशिकाएं बनाना शुरू करता है। इस प्रक्रिया में रक्त का थक्का बनना, नए टिश्यू का बनना और धीरे-धीरे हड्डी का मजबूत होना शामिल होता है। इसमें कई सप्ताह या महीनों का समय लग सकता है। दर्द निवारक दवा केवल इस दौरान होने वाले दर्द और सूजन को नियंत्रित करती है ताकि मरीज को आराम मिल सके। इसलिए यदि डॉक्टर ने प्लास्टर, सपोर्ट, सर्जरी या फिजियोथेरेपी की सलाह दी है, तो केवल पेनकिलर खाकर इलाज अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए। डॉ. कमल बचानी, सीनियर कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक, स्पोर्ट्स इंजरी एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन, के अनुसार, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल चिराग एंक्लेव दिल्ली ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

लंबे समय तक पेनकिलर दवाएं लेंगे तो क्या होगा?

कई लोग हल्का-सा दर्द होने पर भी बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार दर्द निवारक गोलियां लेने लगते हैं। शुरुआत में इससे आराम जरूर मिलता है, लेकिन लगातार या जरूरत से ज्यादा इन दवाओं का सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कुछ प्रकार की दर्द निवारक दवाएं लंबे समय तक लेने से पेट, किडनी, लिवर और हृदय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, तो बिना चिकित्सकीय सलाह के पेनकिलर लेना जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए इन दवाओं का उपयोग हमेशा सीमित समय के लिए और डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा में ही करना चाहिए। दर्द बार-बार हो रहा है, तो केवल दवा खाने के बजाय उसके वास्तविक कारण का पता लगाना अधिक जरूरी है।

पेन किलर दवाओं का आपकी हड्डियों पर असर

कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में यह संकेत मिले हैं कि कुछ विशेष प्रकार की पेनकिलर, विशेषकर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs), यदि लंबे समय तक और अधिक मात्रा में ली जाएं, तो वे हड्डी के प्राकृतिक रूप से जुड़ने की प्रक्रिया को कुछ हद तक धीमा कर सकती हैं। हालांकि, इस विषय पर अभी भी शोध जारी है और सभी मामलों में ऐसा होना जरूरी नहीं है।

इसलिए डॉक्टर मरीज की उम्र, चोट की गंभीरता और स्वास्थ्य स्थिति को देखकर ही उचित दवा लिखते हैं। यदि किसी व्यक्ति का फ्रैक्चर हुआ है, तो उसे अपनी मर्जी से लंबे समय तक पेनकिलर लेने के बजाय डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना चाहिए। सही इलाज, संतुलित आहार और पर्याप्त आराम हड्डी को जल्दी और मजबूती से जोड़ने में कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कैसे रखें अपनी हड्डियों को मजबूत

यदि आपकी हड्डी में चोट लगी है या फ्रैक्चर हुआ है, तो केवल दर्द कम करना ही पर्याप्त नहीं होता। शरीर को हड्डी की मरम्मत के लिए पर्याप्त पोषण और आराम की आवश्यकता होती है। इसलिए आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए -

  • अपने भोजन में कैल्शियम, विटामिन D, प्रोटीन, मैग्नीशियम और अन्य आवश्यक पोषक तत्व शामिल करें।
  • नियमित रूप से डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं लें और यदि सलाह दी गई हो तो फिजियोथेरेपी भी करें।
  • धूम्रपान और शराब जैसी आदतें हड्डियों के जुड़ने की गति को प्रभावित कर सकती हैं, इनका सेवन बंद करें।
  • डॉक्टर की अनुमति मिलने तक चोट वाली हड्डी पर अधिक दबाव न डालें। याद रखें कि हड्डी को मजबूत बनने में समय लगता है और जल्दबाजी में सामान्य गतिविधियां शुरू करना दोबारा चोट का कारण बन सकता है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल यह बताना है कि किस प्रकार पेन किलर दवाएं आपकी हड्डियों को प्रभावित कर सकती हैं। इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।