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Cancer patients care: कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनकर ही लोग डर जाते हैं, लेकिन डॉक्टर भी कहते हैं सही व समय पर देखभाल और उचित ट्रीटमेंट न सिर्फ मरीज की जान बचा सकता है, बल्कि उसके शरीर में होने वाली जटिलताओं को कंट्रोल करने में भी काफी मदद मिलती है। हालांकि, यह भी सच है कि यह बहुत सी चीजों पर निर्भर करता है जैसे कैंसर शरीर के किस हिस्से में है, कौन सी स्टेज में है और मरीज का स्वास्थ्य कितना अच्छा है। नवरात्रि चल रहे हैं और कैंसर के बहुत से मरीजों को का भी मन व्रत रखने का जरूर होगा। लेकिन अपने स्वास्थ्य और चल रहे ट्रीटमेंट को लेकर बहुत से कैंसर मरीजों के मन में यह सवाल होगा कि नवरात्रि का व्रत रखना चाहिए या नहीं। इस बारे में डॉ. समित पुरोहित, डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, एक्शन कैंसर हॉस्पिटल, दिल्ली ने खास जानकारियां दी। अगर आप या आपके परिवार या रिश्तेदारी में किसी को कैंसर की समस्या है, तो आपके लिए यह जरूरी है कि आप यह लेख पढ़ें। इस लेख में डॉक्टर आपको कैंसर के मरीजों के लिए कुछ जरूरी जानकारियां देंगे। चलिए जानते हैं क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स
डॉ. समित पुरोहित के अनुसार कैंसर के मरीजों को सबसे ज्यादा अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। परंतु फिर भी यदि आप की आस्था है और आप व्रत रखना चाह रहे हैं, तो आपको सबसे पहले तो अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बगैर कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए।
इस दौरान आपको यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि आपके शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति होती रहे, चाहे वह व्रत के दौरान फलों, नारियल पानी, दही, मूंगफली, साबूदाना या फिर डॉक्टर द्वारा बताए गए अन्य पोषक तत्वों के सेवन से हो, वह आपको करना चाहिए। क्योंकि कैंसर के मरीजों को लिए सही डाइट का होना सबसे ज्यादा जरूरी होता है।
आगे डॉक्टर समित ने बताया कि कैंसर के मरीज अगर फास्ट रख रहे हैं, तो उन्हें आपको पैकेट युक्त खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए, यदि आपको व्रत रहने के दौरान कमजोरी महसूस हो रही है, तब आप अपने डॉक्टर से बात करके उचित निर्णय ले सकते हैं। कुल मिलाकर आपको अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है और उसी के अनुरूप आप व्रत रखते हैं या फिर नहीं रहते हैं यह निर्णय ले सकते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यदि आप व्रत रखते भी हैं तब आपको उसे दरमियां अपने शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी नहीं होने देनी है और समय-समय पर डॉक्टर से परामर्श लेते रहना है।
कुछ लोग व्रत आदि के दौरान अपने चल रहे इलाज की दवाओं को व्रत के समय तक के लिए छोड़ देते हैं, जो एक बड़ी गलती हो सकती है। डॉ. समित के अनुसार कैंसर के मरीज अगर व्रत रखना चाह रहे हैं, तो समय पर सही डाइट तो उन्हें लेनी ही है साथ ही दवाओं छोड़ने की गलती बिल्कुल न करें। एक समय की भी दवाएं छोड़ना उनके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से बिगाड़ सकती है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।