आम दर्द समझ कर इग्नोर न करें सीलिएक रोग, एक्सपर्ट्स ने बताया इसके प्रति जागरूकता है जरूरी

International celiac awareness day: सीलिएक एक गंभीर बीमारी है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे शुरुआत में इग्नोर कर देते है और बाद में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एक्सपर्ट्स से जानें इस बारे में।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 15, 2024 5:56 PM IST

Celiac Disease: हर साल 16 मई 2024 को सीलिएक रोग के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय सीलिएक जागरूकता दिवस मनाया जाता है। डॉ. शिवानी देसवाल, क्लिनिकल लीड और सीनियर कंसलटेंट- बाल चिकित्सा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी, नारायणा अस्पताल, गुरुग्राम के अनुसार भारत के अंदर भी सीलिएक रोग के प्रभाव को समझना और इस रोग से प्रभावित क्षेत्रों (सीलिएक रोग बेल्ट) की खोज करना बहुत जरूरी है। “सीलिएक बेल्ट” से मतलब एक ऐसे भौगोलिक क्षेत्र से है जिसमें अन्य क्षेत्रों की तुलना में सीलिएक रोग का प्रसार अधिक होता है। इसके लिए आनुवंशिक कारण, खानपान की गलत आदतें और पर्यावरण के प्रभाव के साथ कई अन्य तरह के कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। भारत में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार जैसे प्रमुख क्षेत्र सीलिएक रोग से प्रभावित हैं। उत्तर भारत के क्षेत्र में किए गए अध्ययनों के अनुसार यहां सीलिएक की व्यापकता 1% है। इसके लिए प्रत्येक 100 व्यक्तियों में से 1 की जांच की गई और यह अनुमान लगाया गया है कि 9 मे से 1 रोगी के अंदर सीलिएक रोग के लक्षण सामने आते हैं। इसको लेकर कुछ बातों को समझना बहुत ही महत्त्वपूर्ण है।

किस उम्र के लोगों को हो सकता है सीलिएक रोग

सीलिएक एक ऐसा रोग है जो किसी भी उम्र में प्रकट हो सकता है। वयस्कों में यह रोग उनकी बढ़ती उम्र के साथ बाद की स्टेज में भी विकसित हो सकता है, इसलिए सभी उम्र के लोगों को इस रोग के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए।

सीलिएक रोग को समझना जरूरी

सीलिएक रोग एक प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ा हुआ विकार है जो गेहूं, जौ और राई में पाए जाने वाले ग्लूटेन नामक प्रोटीन के सेवन से उत्पन्न होता है। इसके अलावा आनुवंशिक रूप से प्रभावित व्यक्तियों में, ग्लूटेन छोटी आंत में सूजन उत्पन्न करता है, जिससे भोजन का अवशोषण ठीक तरह से नहीं हो पाता और मुख्य एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, साथ ही विलस एट्रोफी यानी छोटी आंत की परत भी छोटी हो सकती है।

सीलिएक रोग दो प्राथमिक रूपों में प्रकट होता है

जीआई लक्षण या गैर-जीआई लक्षण के साथ इसके लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं -

आमतौर पर 6 महीने से 24 महीने की उम्र के बच्चों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण जैसे क्रोनिक डायरिया, पेट में दर्द, सूजन, वसायुक्त मल, उल्टी और वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

जीवन की बाद की स्टेज में दूसरा असामान्य सीलिएक रोग प्रभावित कर सकता है। इसमें विभिन्न गैर-जीआई लक्षण जैसे गंभीर एनीमिया, कब्ज, क्रोनिक थकान, रिकेट्स, छोटा कद, डर्मेटाइटिस हर्पेटिफोर्म, डेंटल इनेमल हाइपोप्लेसिया, ऑस्टियोपीनिया/ऑस्टियोपोरोसिस, हेपेटाइटिस, गठिया, ओसीसीपिटल कैल्सीफिकेशन के साथ मिर्गी, बांझपन या बार-बार गर्भपात आदि लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं।

किन लोगों की स्क्रीनिंग जरूरी

जीआई और गैर जीआई लक्षण वाले लोगों के साथ सीलिएक रोग के प्रति संवेदनशील लोग जिनमें सीलिएक रोग को लेकर पारिवारिक इतिहास रहा है, जैसे प्रथम श्रेणी के (4-20%) रिश्तेदार आदि की स्क्रीनिंग होनी चाहिए। इसके अलावा ऑटोइम्यून टाइप 1 डायबिटीज (3-12%), ऑटोइम्यून लिवर रोग और ऑटोइम्यून थायराइड रोग (1.5-6.7%) से ग्रसित व्यक्तियों के साथ डाउन सिंड्रोम (5-12%), टर्नर सिंड्रोम (4.1-8.1%), विलियम्स सिंड्रोम (8.2% तक) से प्रभावित बच्चों की भी स्क्रीनिंग होनी चाहिए।

कौन से टेस्ट कराने जरूरी

स्क्रीनिंग में आमतौर पर एंटी-टिशू ट्रांसग्लूटामिनेज एंटीबॉडी (टीटीजी आईजीए) और टोटल एलजीए के लिए ब्लड टेस्ट शामिल होता है। यदि टीटीजी आईजीए सकारात्मक है, तो यूजीआई एंडोस्कोपी और डुओडेनल बायोप्सी के माध्यम से इसकी पुष्टि की जाती है।

कैसे करें बचाव

सीलिएक रोग के प्रबंधन के लिए आपको पौष्टिक, संतुलित और ग्लूटेन-मुक्त डाइट को अपनाना चाहिए। इसके लिए आपको अपनी डाइट से ग्लूटेन के सभी स्रोतों को जैसे गेहूं, जौ और राई आदि को हटा देना चाहिए। सीलिएक रोग के मरीजों को वैकल्पिक अनाज के रूप में बाजरा, चावल, मक्का, ज्वार, बेसन आदि को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। फूड प्रोडक्ट्स को खरीदते समय उनके लेबल को पढ़ना चाहिए और 100% सही आहार के लिए मिलावट से बचना चाहिए। इसके अलावा लक्षणों की निगरानी करने, रोग के विकास का आकलन करने, पोषक तत्वों की कमी को ठीक करने और किसी भी नई समस्या का समाधान करने के लिए सीलिएक रोग में प्रशिक्षित डाइटिशियन के साथ-साथ बाल चिकित्सा गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से नियमित रूप से संपर्क में रहना जरूरी है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.