पीरियड्स देरी से आने के पीछे कौन से 5 कारण हो सकते हैं? एक्सपर्ट्स से जानिए

Periods der se aana: महिलाओं में पीरियड्स का देरी में आना आज के समय में एक कॉमन समस्या बनती जा रही है। लेकिन कई बार यह किसी अंदरूनी बीमारी हो सकती है, जिसके बारे में हेल्थ एक्सपर्ट्स बता रहे हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : March 26, 2025 12:08 PM IST

Periods der se aane ke karan: महिलाएं पीरियड्स को लेकर अक्सर परेशान रहती हैं, क्योंकि यह एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया होते हुए भी कई समस्याओं का कारण बन सकता है। अनियमित या देर से आने वाले पीरियड्स, दर्द, अधिक रक्तस्राव, और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, पीरियड्स के दौरान होने वाली थकान, मूड स्विंग्स और ऐंठन जैसी समस्याएं भी महिला की दिनचर्या को प्रभावित करती हैं। महिलाओं को इस स्थिति का सामना करना पड़ता है, जो अक्सर उनके आत्मविश्वास और कार्यक्षमता पर असर डालता है। वैसे महिलाओं में पीरियड्स का नियमित आना स्वास्थ्य का एक अहम संकेत होता है। हालांकि, कई बार पीरियड्स में देरी हो सकती है, जो शरीर में किसी मुख्य समस्या का संकेत हो सकते हैं, जिसके पीछे के 5 प्रमुख कारणों के बारे में बता रही हैं, कोलकाता के सीएमआरआई अस्पताल की गायनोकोलॉजिस्ट, डॉ. परनामिता भट्टाचार्य

1. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक आम समस्या है, जो महिलाओं में अंडाशय से जुड़ी है। इस स्थिति में अंडाशय में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं, जो ओवुलेशन (अंडोत्सर्जन) को प्रभावित करते हैं। इसके कारण पीरियड्स में देरी या अनियमितता हो सकती है। पीसीओएस (PCOS) हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जिससे महिलाओं को नियमित पीरियड्स की परेशानी होती है।

2. थायराइड विकार (Hypothyroidism and Hyperthyroidism)

थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। जब थायराइड का स्तर असंतुलित होता है, जैसे हाइपोथाइरॉइडिज्म (कम थायराइड हार्मोन) या हाइपोथायरायडिज्म (अधिक थायराइड हार्मोन), तो यह मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकता है और पीरियड्स में देरी का कारण बन सकता है।

3. प्रोलैक्टिन का स्तर अधिक होना (Increased Prolactin level)

प्रोलैक्टिन एक हार्मोन है जो स्तन में दूध के उत्पादन को नियंत्रित करता है। यदि प्रोलैक्टिन का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो यह ओवुलेशन (अंडोत्सर्जन) को प्रभावित कर सकता है, जिससे मासिक धर्म चक्र में देरी हो सकती है और पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।

4. एनीमिया (Low hemoglobin level)

एनीमिया में शरीर में खून की कमी हो जाती है, जिसके कारण ऑक्सीजन का पर्याप्त संचार नहीं हो पाता। इससे हार्मोनल असंतुलन उत्पन्न हो सकता है, जो मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करता है। इस असंतुलन के कारण पीरियड्स में देरी या अनियमितता हो सकती है।

5. वजन बढ़ना या मोटापा (Increasing weight or obesity)

अधिक वजन या मोटापा शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकता है, जो ओवुलेशन (अंडोत्सर्जन) को प्रभावित करता है। इसके परिणामस्वरूप, महिलाओं को अनियमित पीरियड्स या पीरियड्स की देरी का सामना करना पड़ सकता है। मोटापा पीसीओएस (PCOS) के लक्षणों को भी बढ़ा सकता है, जिससे पीरियड्स में देरी हो सकती है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।