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Bariatric Surgery: क्या सच में सेफ है वजन घटाने वाली सर्जरी? जीवन में क्या आते हैं बदलाव

What is Bariatric Surgery: मोटापा आपकी सेहत के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है और इसे कंट्रोल करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं। बेरिएट्रिक सर्जरी भी उनमें से एक है, जिसके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

Bariatric Surgery: क्या सच में सेफ है वजन घटाने वाली सर्जरी? जीवन में क्या आते हैं बदलाव
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Atul

Written by Mukesh Sharma |Published : March 5, 2026 6:43 PM IST

Bariatric Surgery Side Effects: बेरिएट्रिक सर्जरी आज मोटापे के गंभीर मामलों में वजन कम करने का एक प्रभावी इलाज मानी जाती है। जब डाइट और एक्सरसाइज से लंबे समय तक वजन कम नहीं हो पाता, तो कई लोग सर्जरी का विकल्प चुनने के बारे में सोचते हैं। दुनिया भर में बढ़ते मोटापे के मामलों के कारण इस सर्जरी की मांग भी बढ़ी है। लेकिन लोगों के मन में एक बड़ा सवाल रहता है क्या यह सर्जरी सुरक्षित है? और क्या इसके असर आगे की जिंदगी में भी दिखाई देते हैं? आजकल बड़ी संख्या में लोग शरीर के बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिए इस सर्जिकल प्रोसीजर के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन इससे जुड़ी पर्याप्त जानकारी होना बेहद जरूरी है। डॉ. अतुल सरदाना सीनियर कंसल्टेंट - बेरिएट्रिक, जनरल एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल दिल्ली ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

कितनी सुरक्षित है बेरिएट्रिक सर्जरी

बेरिएट्रिक सर्जरी को गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी और स्लीप गेस्ट्रोक्टॉमी भी कहा जाता है, जो कि आमतौर पर एक सुरक्षित सर्जिकल प्रोसीजर मानी जाती है। खासतौर पर तब जब इसे अनुभवी डॉक्टरों द्वारा और एडवांस टेक्नोलॉजिकल की मदद से किया जाए। वैसे तो जोखिम हर सर्जिकल प्रोसीजर के साथ ही जुड़े होते हैं और अगर इस सर्जरी के जोखिमों की तुलना करें तो बेरिएट्रिक सर्जरी के जोखिम पित्ताशय निकालने की सर्जरी के बराबर ही होते हैं। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी अब पहले से काफी एडवांस हो चुकी है और इस तकनीक की मदद से की गई बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद अब अस्पताल में पहले की तुलना में कम समय लगता है। और मरीज की रिकवरी तेज होती है और सर्जरी से जुड़े जोखिम भी पहले की तुलना में काफी कम हुए हैं।

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हालांकि, किसी भी अन्य ऑपरेशन की तरह यह सर्जरी भी पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं होती। शुरुआत में कुछ खतरे हो सकते हैं, जैसे खून बहना, संक्रमण, खून के थक्के (ब्लड क्लॉट) बनना या सर्जरी के दौरान बनाए गए जोड़ से लीकेज होना। लेकिन सही मरीज का चयन, ऑपरेशन से पहले पूरी जांच और डॉक्टर की सलाह का सख्ती से पालन करने से इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

(और पढ़ें - मोटापा कम करने के लिए कब दी जाती है बेरिएट्रिक सर्जरी की सलाह?)

बेरिएट्रिक सर्जरी के फायदे

अगर लॉन्ग टर्म की बात करें तो बेरिएट्रिक सर्जरी के कई फायदे हो सकते हैं और इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सर्जरी होने के एक से दो साल के भीतर ही मरीज अपने अतिरिक्त वजन का लगभग 50 से 70 प्रतिशत तक कम कर लेते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सर्जरी मोटापे से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है और यहां तक कि पहले से हुई मोटापे से जुड़ी कुछ बीमारियों को काफी हद तक कंट्रोल भी किया जा सकता है। इनमें आमतौर पर टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, स्लीप एपनिया, हाई कोलेस्ट्रॉल और जोड़ों का दर्द शामिल हैं। कई मरीजों को चलने-फिरने में आसानी महसूस होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है, महिलाओं में प्रजनन क्षमता बेहतर हो सकती है और कुल मिलाकर जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आता है। शोध यह भी बताते हैं कि गंभीर मोटापे से जूझ रहे जिन लोगों ने सर्जरी करवाई, उनमें लंबे समय में मृत्यु का खतरा उन लोगों की तुलना में कम पाया गया जिन्होंने सर्जरी नहीं करवाई।

(और पढ़ें - क्या रोबोटिक सर्जरी से मोटापे को कम किया जा सकता है?)

आगे जीवन में आने वाले बदलाव

बेरिएट्रिक सर्जरी केवल एक ऑपरेशन नहीं है, बल्कि यह जीवन भर की प्रतिबद्धता भी है। सर्जरी के बाद मरीजों को सख्त खानपान नियमों का पालन करना होता है। इसमें कम मात्रा में भोजन करना और प्रोटीन से भरपूर आहार लेना शामिल है। शरीर में पोषक तत्वों की कमी से बचने के लिए विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट- जैसे विटामिन B12, आयरन, कैल्शियम और विटामिन D अक्सर जीवन भर लेने पड़ते हैं। कुछ लोगों में लंबे समय बाद भी कुछ दुष्प्रभाव दिखाई दे सकते हैं, जैसे पोषक तत्वों की कमी, अस्थायी रूप से बाल झड़ना, एसिड रिफ्लक्स या ज्यादा वजन घटने के बाद त्वचा का ढीलापन। बहुत कम मामलों में, यदि व्यक्ति अपनी जीवनशैली में जरूरी बदलाव बनाए नहीं रखता, तो वजन दोबारा बढ़ सकता है। मनोवैज्ञानिक बदलाव भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। सर्जरी के बाद कई मरीज खुद को ज्यादा खुश और आत्मविश्वासी महसूस करते हैं, लेकिन भावनात्मक रूप से खुद को नई स्थिति के अनुसार ढालना भी जरूरी होता है। ऐसे में काउंसलिंग और सपोर्ट ग्रुप काफी मददगार साबित हो सकते हैं।

बेरिएट्रिक सर्जरी गंभीर मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए आमतौर पर सुरक्षित और बेहद प्रभावी मानी जाती है, बशर्ते इसे प्रशिक्षित सर्जन द्वारा किया जाए और बाद में सही देखभाल व फॉलो-अप रखा जाए। यह कोई “झटपट इलाज” नहीं है, बल्कि एक मजबूत चिकित्सीय विकल्प है जिसके साथ जीवनभर की जीवनशैली में बदलाव जरूरी होता है। सही मरीज के लिए यह सर्जरी न सिर्फ जीवन बचाने वाली, बल्कि जीवन बदलने वाली भी साबित हो सकती है।

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अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।