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Winter Diseases : देश के कई राज्यों में इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस मौसम में कई प्रकार की शारीरिक संबंधित समस्याएं उत्पन्न होती हैं। किसी को जोड़ो व घुटनों में दर्द की समस्या होती है, किसी को त्वचा संबंधित, किसी को हृदय से संबंधित समस्या होती है तो कोई प्रोस्टेट में इंफेक्शन व किडनी से जुड़ी दिक्कतें होती है। इसलिए सर्दी में खुद को ठंड से बचाना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी खुद को सुरक्षित रखना भी है। आइए समझते हैं कि मुख्य बीमारियों से कैसे बचें और क्या क्या सावधानियां बरतें ?
गुरुग्राम स्थित नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर एंड सीनियर कंसलटेंट ओर्थोपेडिक डॉक्टर मोनू सिंह बताते है कि सर्दियों में जोड़ों का दर्द, घुटने का दर्द, शरीर के अन्य हिस्सों के हड्डियों में दर्द की समस्याएं हो जाती हैं। सर्दी शुरू होते ही आर्थराइटिस के पुराने मरीजों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। इसके कई कारण होते हैं कड़ाके की ठंड में तापमान के कम होने पर खून की धमनियां संकुचित हो जाती है और रक्त का प्रवाह सामान्य ढंग से नहीं हो पाता जिससे शरीर में हर जगह रक्त, और ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुंचती है और इसी कारण शरीर की तंत्रिकाओं में तनाव पैदा हो जाता है। जिससे जोड़ों में अकड़न के साथ दर्द की समस्या होने लगती है।
एक्सपर्ट बताते हैं कि इस स्थिति से बचने के लिए आप ये उपाय कर सकते हैंः
1-ठंड में अपने शरीर को गर्म रखें
2- ज्यादा देर तक एक स्थान पर बैठ कर काम न करें
3- ज्यादा देर तक कुर्सी में न बैठें थोड़ी
4-थोड़ी देर में शरीर को स्ट्रेच करते रहें
5- सुबह की धूप निकले तो उसे शरीर पर पड़ने दें
6- शरीर में तेल से मालिश करके थोड़ी देर धूप लें
7- हमेशा गर्म कपड़े पहनें
8- महिलाएं इस मौसम में ज्यादा ऊंची हील की सैंडिल न पहनें
9- योग व व्यायाम करते रहें।
10-अपने खानपान में मौसमी फल, दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियों का सेवन करें।
दिल्ली के धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में डायरेक्टर एंड सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी, डॉक्टर आनंद कुमार पांडे कहते हैं कि सर्दियों के मौसम में हृदय से संबंधित कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जिन लोगों को पहले से ही किसी भी प्रकार की हृदय रोगों की समस्या रही है उन्हें और भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। ठंड के मौसम में हृदय संबंधित समस्याएंउत्पन्न होने के कई कारण हो सकते हैं, इस मौसम में तापमान की गिरावट, वायु प्रदूषण, संक्रमण होना, अनुचित आहार, शारीरिक निष्क्रियता व मोटापा के कारण ठंड के मौसम में हृदय से संबंधित समस्याएं होती हैं। इस मौसम में उन लोगों को बहुत ध्यान रखने की आवश्यकता है जिन्हें पहले से ही हार्ट अटैक आ चुका है, या फिर ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी दिक्कतें हैं।
एक्सपर्ट कहते हैं कि ठंड के मौसम में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आपको ये काम करने हैंः
1-अपनी दिनचर्या को नियमित रखें
2- नियमित व्यायाम करें
3- स्वस्थ आहार लें
4- ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें
5- शरीर को हमेशा गर्म रखें
6- रोज थोड़ी देर टहलें
7- डॉक्टर से समय –समय पर अपना चेकअप करवाते रहें।
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के सीनियर कंसलटेंट एंड चीफ, स्पेशलिटी- यूरोलॉजी एंड केटीयू, डॉक्टर अतुल गोस्वामी बताते है ठंड में प्रोस्टेट ग्रंथि व किडनी से संबंधित कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। कभी कभी प्रोस्टेट ग्रंथि अपने सामान्य आकार से ज्यादा बढ़ जाती है जिसका कारण यह है कि सर्दी का मौसम सिम्पैथेटिक नर्वस को उत्तेजित करता है। यह स्थिति प्रोस्टेट की मांसपेशियों में संकुचन को बढ़ा सकती है। इस कारण सर्दियों में बीपीएच की समस्या से संबंधित कुछ ज्यादा ही मामले सामने आते हैं। प्रोस्टेट का उपचार दवाओं या सर्जरी के द्वारा किया जा सकता है। वहीं किडनी के मरीजों के लिए भी सर्दियों का मौसम काफी परेशानी भरा हो सकता है।
एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ सावधानियां बरती जाएं और कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इस मौसम में किडनी के जुड़ी समस्याएं होने का खतरा काफी कम किया जा सकता है। जैसेः
1-इस मौसम में शरीर के लिए ओमेगा-3 बहुत जरूरी है, सेब का सेवन करें क्यों कि सेब में पेक्टिन नाम का घुलनशील फाइबर होता है जो आपके शरीर से बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में भी मदद करता है।
2-इसके साथ विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ, हरी सब्जियां, मौसमी फलों का सेवन करें।
3-घर का बना खाना खाएं और बाहर का खाना खाने से बचें।
4-उच्च पोटेशियम वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
5-अपने आहार में आयरन युक्त भोजन को अधिक शामिल करें।
6-व्यायाम करें
7-खूब पानी पिएं
8-रोजाना 6-8 घंटे की नींद लें।
9-अधिक परेशानी होने पर नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।