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मंकीपॉक्स वायरस से बचाने का काम करेंगे डॉक्टर के बताए ये 5 टिप्स! घर में दिखे संदिग्ध तो तुरंत कर दें शुरू

मंकीपॉक्स फैलने का मुख्य कारण संक्रमित व्यक्ति और उसके सामान के साथ सीधे व करीबी संपर्क में आना है। आप चाहे किसी भी आयु वर्ग के हो, ये खतरा आपके लिए फिर बना रहता है।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : August 4, 2022 12:04 PM IST

मंकीपॉक्स एक प्रकार का वायरल जूनोसिस (जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाला वायरस) वायरस है, जिसमें संक्रमित व्यक्ति को चेचक के रोगियों जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है। दरअसल बरसों पहले लोग चेचक का शिकार हुए थे, जिसके लक्षण ठीक मंकीपॉक्स जैसी ही हैं और ये स्थिति चिकित्सकीय रूप से कम गंभीर होती है। मैक्स अस्पताल, गुरुग्राम के इंटरनल मेडिसिन एवं मेडिकल डायरेक्टर, वरिष्ठ निर्देशक और एचओडी डॉ. राजीव डांग का कहना है कि यह एक साधारण वायरल बीमारी है जो किसी भी अन्य वायरल फ्लू की तरह फैलती है लेकिन इससे लिम्फ नोड्स बढ़ जाते हैं, जिसे लिम्फैडेनोपैथी कहा जाता है।

उन्होंने कहा हालांकि चेचक का टीका अतीत में प्रभावी था, लेकिन चेचक को खत्म हुए 40 से 50 साल बीत चुके हैं, जिस वजह से कम उम्र के लोग मंकीपॉक्स के प्रति अधिक संवेदनशील हो चुके हैं।

मंकीपॉक्स के मुख्य कारण

मंकीपॉक्स फैलने का मुख्य कारण संक्रमित व्यक्ति और उसके सामान के साथ सीधे व करीबी संपर्क में आना है। आप चाहे किसी भी आयु वर्ग के हो, हालांकि अब तक जिन मामलों की पुष्टि हुई है वे सभी युवा हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी दूसरे आयु वर्ग के लोगों को इससे वायरस का खतरा नहीं है।

डॉ. राजीव डांग का कहना है कि अगर परिवार का कोई सदस्य मंकीपॉक्स से संक्रमित हो जाता है, तो उसके तौलिये या कपड़े को कभी भी शेयर न करें। इसके अलावा उसके शरीर पर मौजूद चकत्ते को छूने या लंबे समय तक त्वचा से त्वचा के संपर्क, जैसे कि गले लगाने से वायरस दूसरों में आसानी से फैल सकता है।

उन्होंने बताया कि मंकीपॉक्स एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। जब आप किसी संक्रमित व्यक्ति के घावों, खांसने या फिर छींकने के दौरान मुंह से निकलने वाली बूंदों या फिर थूक के संपर्क में आते हैं, तो इसका परिणाम व्यक्ति-से-व्यक्ति में वायरस का फैलना हो सकता है। इसके अलावा अगर आप हाल ही में संक्रमित व्यक्ति के दूषित वस्तुओं जैसे बिस्तर, कपड़े और संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग किए गए अन्य लिनेन के संपर्क में आते हैं तो उन्हें मंकीपॉक्स का खतरा हो सकता है।

मंकीपॉक्स के एहतियाती उपाय

युवाओं को इस वायरस से बचने के लिए बुनियादी साफ-सफाई की आदतों को अपनाना होगा, जिसमें

1-हाथों की सही तरीके से सफाई

2- ठीक से मास्क पहनना

3- बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचना

4-सामान्य सतहों को कीटाणुरहित करना

5- संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखें

अगर आपको ऊपर दिया गया कोई भी लक्षण दिखाई देता है तो आपको डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है। किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत सामान, जैसे कि उनके बिस्तर, तौलिये या कपड़ों को न संभालें, अगर उनमें मंकीपॉक्स के लक्षण दिखाई दे रहे हों।

अभी तक भारत में जितने भी लोग इस संक्रमण से पॉजिटिव हुए हैं उनमें से ज्यादातर युवा हैं। मंगलवार को एक महिला और संदिग्ध पाई गई है, जिसे दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।