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क्या सच में युवाओं में बढ़ रहे हैं ब्रेन ट्यूमर के मामले और क्या हो सकता है इसके पीछे का कारण?

यह देखा गया है कि आजकल कम उम्र में ही ब्रेन ट्यूमरके मामले काफी ज्यादा बढ़ने लगे हैं, लेकिन ऐसा क्यों हता है और एक्सपर्ट्स से हम इस बारे में जानेंगे कि इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

Written By Mukesh Sharma
Published : June 8, 2026 5:53 PM IST

brain tumor young age (Image credit: chatgpt)

ब्रेन ट्यूमर दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है, जो कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। ज्यादातर लोगों को अभी भी लगता है कि ब्रेन ट्यूमर जैसी समस्याएं उम्र होन के बाद ही होती हैं। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि कम उम्र के लोगों में भी ब्रेन ट्यूमर के मामले भी बढ़े हुए देखे गए हैं। डॉ. विशाल जैन, सीनियर कंसल्टेंट,न्यूरोसाइंसेज, शारदाकेयर हेल्थसिटी के अनुसार कम उम्र के लोगों में भी ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ता जा रहा है। हालांकि, यह भी देखा गया है कि कम उम्र बढ़ते ब्रेन ट्यूमर के मामलों को देखते हुए पिछले कुछ दशकों में भी ब्रेन ट्यूमर के प्रति जागरूकता भी काफी बढ़ी है। इसके पीछे का एक बड़ा कारण बेहतर तकनीक वाली जांच जैसे एमआरआई और सीटी स्कैन आदि हैं, जिनकी मदद से अब पहले की तुलना में अधिक मामलों का पता चल रहा है।

ब्रेन ट्यूमर को लेकर लोगं को मिथक

अक्सर देखा जाता है कि ब्रेन ट्यूमर को लेकर लोग अलग-अलग धारणाएं बना लेते हैं, जैसे कंप्यूटर या फोन का ज्यादा इस्तेमाल करना से ब्रेन ट्यूमर का कारण बन सकता है। हालांकि, किसी भी शोध में इसको कोई प्रमाण नहीं है और न एक्सपर्ट्स भी मोबाइल या लैपटॉप के इस्तेमाल को इसका सीधा कारण बताते हैं। इसी तरह से हर सिरदर्द की समस्या को भी ब्रेन ट्यूमर मानना भी गलत है, क्योंकि ज्यादातर मामलों में सिरदर्द के कारण आमतौर पर निम्न होते हैं -

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  • तनाव
  • माइग्रेन
  • नींद की कमी

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर आपको बार-बार सिरदर्द होता है या फिर लगातार यह समस्या रहती है, तो इस तरह के मामले को इग्नोर करना चाहिए। इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए जैसे -

  • सुबह के समय अधिक दर्द होना
  • बार-बार उल्टी आना
  • अचानक से दृष्टि में धुंधलापान
  • शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी
  • दौरे पड़ना और व्यवहार में बदलाव

अगर किसी व्यक्तिको ऊपरोक्त में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है, तो यह ब्रेन ट्यूमर या किसी अन्य गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है जिसे इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए और जल्द से जल्द ऐसे लक्षण होने पर न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरोसर्जन से परामर्श लेना जरूरी है।

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ब्रेन ट्यूमर की जागरूकता क्यों जरूरी

ज्यादातर तर मामलों में ब्रेन ट्यूमर के सटीक कारण का पता नहीं चल पाता है। हालांकि, यह भी सच है कि समय इसके लक्षण की पहचान करके इलाज शुरू कर देना इलाज को प्रभावी बनाता है। इससे इलाज जल्दी और प्रभावी तरीके से होने की संभावना बढ़ती है। इसलिए किसी भी असामान्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण को नजरअंदाज न करें। याद रखें, हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर नहीं होता, लेकिन लगातार और असामान्य लक्षणों की जांच कराना हमेशा समझदारी है। सही जानकारी और जागरूकता ही ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां देना है। इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।