
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Tips To Control Cholesterol Naturally: हमारे खान-पान का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य और शरीर पर पड़ता हैं। तेजी से बदलती दुनिया के बीच लोगों की डाइट से जुड़ी आदतों में भी बहुत बदलाव आए हैं। जंक फूड, बेकरी प्रॉडक्ट्स, रिफाइंड फूड और प्रोसेस्ड फूड्स खाने की आदतों में इजाफा होने के साथ-साथ लोगों में लाइफस्टाइल से जुड़ी कई बीमारियां भी बढ़ी है। इस तरह के खाद्य पदार्थों का असर हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम से लेकर इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। जिससे मोटापा, थायरॉइड और हाई बीपी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी तरह हाई कोलेस्ट्रॉल के मामलों में भी मॉडर्न लाइफस्टाइल और अनहेल्दी इटिंग हैबिट्स की वजह से इजाफा हो रहा है। बता दें कि शक्कर, बोतलबंद शर्बत और कोल्ड्रिंक्स और हाई-फैट फूड खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है और इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। (Tips To Control Cholesterol Naturally In Hindi.)
गौरतलब है कि दिल की बीमारियों का सीधा संबंध कॉलेस्ट्रॉल (cholesterol levels and heart diseases) से है। अगर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल या एलडीएल का लेवल बढ जाता है तो यह कोलेस्ट्रॉल नसों और धमनियों में जमा होने लगता है। कोलेस्ट्रॉल मोम की तरह का एक चिकना पदार्थ है जो नसों की अंदरूनी दीवारों पर चिपक जाता है और धीरे-धीरे उन्हें संकरा बनाने लगता है। इससे, नसों में बहने वाले खून की गति कम हो जाती है और इससे हार्ट पर दबाव बढ़ता है। इस प्रेशर और खराब ब्लड सर्कुलेशन (results of poor blood circulation) के चलते हृदय रोग, स्ट्रोक, हार्ट अटैक जैसी घातक स्थितियों का खतरा भी बढ़ने लगता है। (Health effects of high cholesterol levels)
हार्ट डिजिज एक्सपर्ट, डॉ. निकेश जैन (Dr. Nikesh Jain, Cardiologist, Wockhardt Hospital and SRV Hospital, Mumbai) का कहना है कि बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जिनसे ना केवल कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता है बल्कि, हार्ट को इससे नुकसान भी पहुंचता है। डॉ. जैन कहते हैं कि, गम्भीर हृदय रोगों से बचने के लिए और डॉक्टरों द्वारा बताए गए हेल्दी कोलेस्ट्रॉल लेवल को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाली कुछ आदतें और मुख्य कारण ये हो सकते हैं-
डॉ. निकेश जैन बताते हैं कि दिल को स्वस्थ रखने और हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी स्थितियों से बचने के लिए (how to prevent heart attack and stroke) कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करना चाहिए। कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए ये टिप्स (Tips to control bad cholesterol levels with diet) मददगार साबित हो सकती हैं-
क्या आप जानते हैं? प्रतिदिन व्यायाम करने से आपको अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी। रोजाना एक्सरसाइज करने से उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल यानि गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ानेमें मदद होती है। आप सप्ताह में कम से कम 30 मिनट या 5 दिन अपनी पसंद के अनुसार एक्सरसाइज करें। स्विमिंग, योगा, रनिंग, पिलाटे, वेट ट्रेनिंग या जॉगिंग कर सकते हैं या इवनिंग और मॉर्निंग वॉक पर जाएं।
यह भी एक साबित हो चुका है कि धूम्रपान एलडीएल को बढ़ा सकता है जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर है। इसके अलावा, धूम्रपान छोड़ने से हृदय रोग का खतरा भी कम हो सकता है। डॉक्टर की मदद से धूम्रपान बंद करने की चिकित्सा का विकल्प चुनना बेहतर है।
अधिक वजन या मोटापा होने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर असामान्य हो सकता है। ताज़े फल और सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज, दालें, दालें, बीज और मेवे शामिल करते हुए अच्छी तरह से संतुलित आहार लें और जंक, मसालेदार, तैलीय, डिब्बाबंद और प्रोसेस्ड फूड्स खाने से बचें। इसी तरह,
सिट्रेस फ्रूट्स जैसे संतरा, नींबू और ग्रेपफ्रूट में विटामिन सी (Vitamin C) के अलावा पेक्टिन (Pectin) भी पाया जाता है। यह एक प्रकार का घुलनशील फाइबर (Soluble fiber) है जो एलडीएल लेवल को कम रखने का काम है। (reason eating citrus fruits are good in high cholesterol level)
ओमेगा -3 फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acids) से भरपूर भोजन भी कर सकता है। ओमेगा-3 ब्लड में ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है और असामान्य हार्टबीट (Irregular Heartbeat) को रोकने का काम करता है।
कुकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले पाम ऑयल (Palm Oil) और नारियल के तेल (Coconut Oil) में सैचुरेटेड फैट्स होते हैं जो बैड कोलेस्ट्रॉल या एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ा सकते हैं। इससे हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है।
डॉ. निकेश सलाह देते हैं कि लोगों को अपनी डाइट से सोडा, कोला, बेकरी आइटम, डेसर्ट, मिठाई और नमकीन को अलविदा कह देना चाहिए। इसकी जगह अपने आहार में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें। वहीं, शरीर से जमा टॉक्सिंस को बाहर निकालने के लिए अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीने की कोशिश करें।
बहुत अधिक शराब पीने से उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन, हार्ट फेलियर (Heart Failure) और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसीलिए, अल्कोहल का सेवन जितनी जल्दी हो बंद कर दें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद होगी।
खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले ट्रांस फैट्स (trans fat) का सेवन आपके रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा सकता है। आमतौर पर यह प्रोसेस्ड मीट और दूध से बने उत्पादों में पाया जाता है। इसीलिए, डेयरी उत्पाद जैसे मक्खन, क्रीम, घी, रेगुलर फैट वाला दूध और पनीर को डाइट में कम करें और प्रोसेस्ड मीट ( processed meat) जैसे सलामी, सॉसेज भी ज़्यादा खाने से बचें।

आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल चेक करने के बाद ही डॉक्टर हार्ट अटैक या स्ट्रोक के खतरे के बारे में अंदाजा लगा सकता है। नियमित कोलेस्ट्रॉल लेवल चेक करने और उसका ट्रैक रखने से हार्ट डिजिज और स्ट्रोक से बचा जा सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार,शरीर में कोलेस्ट्रॉल का नॉर्मल लेवल 100 मिलीग्राम/डीएल से कम होना चाहिए। वहीं, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल का मतलब है 130 से 159 मिलीग्राम/डीएल की रीडिंग सीमा, इससे अधिक की रीडिंग होने पर डॉक्टर से सम्पर्क करें।