
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : May 19, 2026 12:11 PM IST
Medically Verified By: Dr. Hemant Madan
Image Credit- ChatGPT
Stress Se Hypertension Kaise Badhta Hai: देखें हम सभी अपनी जिंदगी में इतने बिजी हैं कि अपनी सेहत का सही तरीके से ख्याल भी नहीं रख पा रहे हैं। यहां तक कि प्रॉपर तरीके से बॉडी को मील न मिलने पर शरीर कमजोर होता जा रहा है। वहीं इस भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव यानी स्ट्रेस लगभग हर व्यक्ति की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। खासकर रोजाना का शोर से भरा शहरी जीवन हमारे मानसिक स्वास्थ्य को बहुत प्रभावित करता है। फिर चाहे वह काम के दबाव को लेकर हो, आर्थिक चिंता को लेकर हो या फिर पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार रहने वाला यह स्ट्रेस न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है, बल्कि हार्ट हेल्थ को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है? इस विषय पर पूरी जानकारी पाने के लिए हमने नारायणा हॉस्पिटल गुरुग्राम के सीनियर डायरेक्टर एंड प्रोग्राम हेड और कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर हेमंत मदान से बात की और उनका कहना है कि तनाव हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों की प्रमुख वजहों में से एक है। कैसे? लेख और वीडियो के माध्यम से विस्तार से जानते हैं।
दोस्तों, आज की दुनिया में लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं कि क्या दिल की बीमारी तनाव की वजह से भी होती है? और अगर ऐसा है, तो ऐसा क्यों होता है? तो सबसे पहली बात यह है कि तनाव की वजह से दिल की बीमारी और ब्लड प्रेशर, दोनों ही होते हैं। इसका कारण यह है कि जब भी हम तनाव में होते हैं, तो हमारे शरीर में कुछ हार्मोन निकलते हैं। इन हार्मोन को केमिकल्स भी कहा जाता है, जो हमारे दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को बढ़ा देते हैं।
ब्लड प्रेशर
डॉक्टर बताते हैं कि असल में, इन हार्मोन को स्ट्रेस हार्मोन कहा जाता है। शुरुआत में इनका असर कुछ समय के लिए होता है, लेकिन जब आपका तनाव लगातार बना रहता है, तो इसका असर हमेशा के लिए हो जाता है। जहां तक ब्लड प्रेशर की बात है, तो डॉक्टर कहते हैं कि हमारी भाषा में इसे 'साइलेंट किलर' (चुपके से जान लेने वाला) कहा जाता है।
डॉक्टर मदान कहते हैं कि ‘आजकल BP मशीनें हर जगह आसानी से मिल जाती हैं। आप किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट या दवा की दुकान से BP मशीन खरीद सकते हैं। मैं हर किसी को सलाह देता हूं कि वे अपने BP पर नजर रखें। अगर आप रोज ऐसा नहीं करना चाहते, तो हफ्ते में एक या दो बार अपने BP की जांच जरूर करें, ताकि आप अपने ब्लड प्रेशर पर नजर रख सकें।
अगर आपको पता चलता है कि आपको ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो शुरुआत में, जब ब्लड प्रेशर हल्का हो, तो इसे अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करके कंट्रोल किया जा सकता है। जीवनशैली में बदलाव की बात करें, तो ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे नमक का सेवन कम करें।
डॉक्टर कहते हैं कि लेकिन अगर लाइफस्टाइल सुधारने से बीपी कंट्रोल नहीं हो पाता है और जीवनशैली से पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो सभी को ब्लड प्रेशर की दवाएं लेना शुरू कर देना चाहिए। ब्लड प्रेशर की दवाएं लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। क्योंकि बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर किडनी, दिल और दिमाग पर असर डालता है, जो हमारे लिए खतरनाक हो सकता है। दवा डॉक्टर की सलाह पर ही लें।
डिस्क्लेमर- तनाव को हल्के में लेना बड़ी गलती साबित हो सकती है, क्योंकि लगातार तनाव हाइपरटेंशन और दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रखना जरूरी है। नियमित BP जांच, स्वस्थ जीवनशैली और जरूरत पड़ने पर सही इलाज अपनाकर इन गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।