
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
What is PCOS: पीसीओएस यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं को होने वाली एक गंभीर समस्या है, जो शरीर को अंदर व बाहर दोनों तरफ से नुकसान पहुंचाती है। पीसीओएस ऐसी बीमारी है जिसका जड़ से इलाज नहीं किया जा सकता है। हालांकि, दवाओं और लाइफस्टाइल में कुछ सही बदलाव लाकर इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। भारत में भी पीसीओएस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहा हैं और इसके पीछे का कारण खराब लाइफस्टाइल व इस बीमारी के प्रति कम जानकारी होना है। इस बीमारी के लक्षणों को बढ़ने से रोकने के लिए इससे जुड़ी सही जानकारियां होने जरूरी है और इसलिए हमने इस बारे में एक्सपर्ट्स से बात की। दिल्ली पटपड़गंज के मैक्स हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डॉक्टर मंजू वली ने पीसीओएस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां शेयर की और साथ ही इसे कंट्रोल करने के तरीकों के बारे में भी बताया। चलिए जानते हैं इस बारे में -
पीसीओएस एक स्री रोग है और इससे होने वाले लक्षणों से ही इसकी पहचान की जा सकती है। पीसीओएस से होने वाले कुछ शुरुआती लक्षण कुछ इस प्रकार हैं -
डॉक्टर मंजू वली के अनुसार पीसीओएस की रोकथाम लाइफस्टाइल चेंज और दवाओं की मदद से किया जा सकता है, जो इस प्रकार है -
पीसीओएस के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए कम कैलोरी वाली डाइट और हल्की एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर के अनुसार शरीर के बढ़े हुए वजन को कम करके पीसीओएस के लक्षणों को कम किया जा सकता है और दवाएं भी प्रभावी रूप से काम करने लगती हैं। पीसीओएस के लक्षण कंट्रोल करने के लिए कुछ टिप्स हैं -
पीसीओएस का इलाज करने के लिए आमतौर पर ऐसी बर्थ कंट्रोल पिल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टिन दोनों हों। ये दवाएं एंड्रोजन प्रोडक्शन को कम करने और एस्ट्रोजन को रेगुलेट करने में मदद करती हैं। इसके अलावा पीसीओएस से हो रही समस्याओं के अनुसार भी अलग-अलग दवाएं दी जा सकती हैं।
डिस्क्लेमर: पीसीओएस के लक्षणों को समय रहते कंट्रोल करना जरूरी है और अगर ऐसा न किया जाए तो इससे कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए यदि आपको कोई भी ऐसा लक्षण महसूस होता है, जो पीसीओएस का संकेत देता है, तो डॉक्टर से इस बारे में जरूर बात करें।