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इन आसान टिप्स से भी कंट्रोल हो सकता है पीसीओएस, एक्सपर्ट्स से जानें इसे कंट्रोल करने के सही तरीके

PCOS self care: पीसीओएस के तेजी से बढ़ते मामलों का कारण खराब लाइफस्टाइल व इस बीमारी के प्रति कम जानकारी होना है। एक्सपर्ट्स से जानें पीसीओएस के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें और इसके लक्षण कंट्रोल करने के टिप्स।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : March 17, 2023 2:25 PM IST

What is PCOS: पीसीओएस यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं को होने वाली एक गंभीर समस्या है, जो शरीर को अंदर व बाहर दोनों तरफ से नुकसान पहुंचाती है। पीसीओएस ऐसी बीमारी है जिसका जड़ से इलाज नहीं किया जा सकता है। हालांकि, दवाओं और लाइफस्टाइल में कुछ सही बदलाव लाकर इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। भारत में भी पीसीओएस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहा हैं और इसके पीछे का कारण खराब लाइफस्टाइल व इस बीमारी के प्रति कम जानकारी होना है। इस बीमारी के लक्षणों को बढ़ने से रोकने के लिए इससे जुड़ी सही जानकारियां होने जरूरी है और इसलिए हमने इस बारे में एक्सपर्ट्स से बात की। दिल्ली पटपड़गंज के मैक्स हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डॉक्टर मंजू वली ने पीसीओएस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां शेयर की और साथ ही इसे कंट्रोल करने के तरीकों के बारे में भी बताया। चलिए जानते हैं इस बारे में -

पीसीओएस की पहचान (How to know if you have pcos)

पीसीओएस एक स्री रोग है और इससे होने वाले लक्षणों से ही इसकी पहचान की जा सकती है। पीसीओएस से होने वाले कुछ शुरुआती लक्षण कुछ इस प्रकार हैं -

  • पीरियड्स के समय में बदलाव - यदि मासिक धर्म के सामान्य समय में बार-बार बदलाव हो रहा है, तो यह पीसीओएस का एक संकेत हो सकता है। हालांकि, पीरियड्स के समय में बदलाव होना जरूरी नहीं है कि पीसीओएस का संकेत हो लेकिन इसकी पहचान कर लेनी चाहिए।
  • प्रेग्नेंट न हो पाना - कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंट होने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एक बार डॉक्टर से जांच करवा लेनी चाहिए, क्योंकि पीसीओएस से ग्रस्त महिलाओं को प्रेग्नेंट होने में दिक्कत आने लगती है।
  • चेहरे पर बाल उगना - पीसीओएस से ग्रस्त महिलाओं के शरीर में हार्मोन इंबैलेंस हो जाता है और इस कारण से चेहरे पर असामान्य रूप से बाल उगने लगते हैं। चेहरे के अलावा सीने व शरीर के अन्य हिस्सों पर भी बाल देखे जा सकते हैं।

कैसे करें रोकथाम (PCOS prevention)

डॉक्टर मंजू वली के अनुसार पीसीओएस की रोकथाम लाइफस्टाइल चेंज और दवाओं की मदद से किया जा सकता है, जो इस प्रकार है -

लाइफस्टाइल चेंज

पीसीओएस के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए कम कैलोरी वाली डाइट और हल्की एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर के अनुसार शरीर के बढ़े हुए वजन को कम करके पीसीओएस के लक्षणों को कम किया जा सकता है और दवाएं भी प्रभावी रूप से काम करने लगती हैं। पीसीओएस के लक्षण कंट्रोल करने के लिए कुछ टिप्स हैं -

  • शरीर के वजन को कंट्रोल रखें
  • कार्बोहाइड्रेट्स कम करें
  • शारीरिक रूप से एक्टिव रहें
  • शराब बंद या कम करें
  • स्ट्रेस को मैनेज करें
  • कम मेहनत वाले वर्कआउट करें
  • रोजाना पर्याप्त नींद लें

दवाएं

पीसीओएस का इलाज करने के लिए आमतौर पर ऐसी बर्थ कंट्रोल पिल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टिन दोनों हों। ये दवाएं एंड्रोजन प्रोडक्शन को कम करने और एस्ट्रोजन को रेगुलेट करने में मदद करती हैं। इसके अलावा पीसीओएस से हो रही समस्याओं के अनुसार भी अलग-अलग दवाएं दी जा सकती हैं।

डिस्क्लेमर: पीसीओएस के लक्षणों को समय रहते कंट्रोल करना जरूरी है और अगर ऐसा न किया जाए तो इससे कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए यदि आपको कोई भी ऐसा लक्षण महसूस होता है, जो पीसीओएस का संकेत देता है, तो डॉक्टर से इस बारे में जरूर बात करें।