
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr. Pooja Anand
sleeping person
आपको किसी ने कहा होगा, या आपने किसी से ऐसा कहा होता कि "तुम नींद में लात मार रहे थे" या "तुम पूरी रात हाथ-पैर हिला रहे थे।" आदि। सोते समय हल्का-फुलका हाथ पैर हिलाना तो नॉर्मल होता है, जो किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता है। लेकिन जब यह अधिक होने लगे और प्रहार तेज होने लगे तो साथ सोने वालों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। और बता दें कि यह कभी-कभी किसी छिपी हुई नींद या न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है।
यह हम नहीं कह रहे, बल्कि पारस हेल्थ, गुरुग्राम की न्यूरोलॉजी कंसल्टेंट डॉक्टर पूजा आनंद बता रही हैं। वह कहती हैं कि नींद एक जटिल प्रक्रिया है। सोते समय दिमाग और शरीर रिकवर हो रहे होते हैं। आम तौर पर नींद के कुछ स्टेजिस में हमारी मांसपेशियां काफी हद तक आराम की स्थिति में रहती हैं। लेकिन जब पूरी बॉडी रिलेक्स कर रही होती है तो कभी-कभी इस प्राकृतिक प्रक्रिया में बाधा आ जाती है और व्यक्ति सोते समय असामान्य हरकतें करना शुरू कर देता है। आइए डॉक्टर से ही जानते हैं।
डॉक्टर कहती हैं "देखिए, नींद के दौरान शरीर में होने वाली हर एक हलचल चिंता की बात नहीं होती है। ये कुछ बिंदु हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं और नॉर्मल हलचल का पता लगा सकते हैं। जैसे अगर कोई-
नींद के दौरान हिलना-डुलना कब नॉर्मल है? (Image Credit- AI)
ये हलचल सामान्य और नुकसानरहित होती है। साथ ही इसका सेहत पर कोई खास असर नहीं पड़ता।
सेफ जोन के बारे में तो डॉक्टर ने बता दिया। अब बारी आती है यह जानने की कि नींद में कब हाथ-पैर हिलाना दिक्कतें पैदा कर सकता है। अगर सोते समय बार-बार या जोरदार हरकतें होती हैं, या इनसे स्लीप क्वालिटी पर असर पड़ता है, तो ये किसी छिपी हुई बीमारी के संकेत हो सकते हैं। डॉक्टर ने चेतावनी के कुछ संकेतों के बारे में बताया है जो निम्न हैं-
अगर आपको अपने शरीर में इनमें से कोई लक्षण दिख रहे हैं तो उन्हें अनदेखा न करें और डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर ने रात में इस तरह की हलचल होना कई गंभीर बीमारियों का संकेत बताया है जैसे-
आरईएम (REM) स्लीप बिहेवियर डिसऑर्डर एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल नींद की बीमारी है, जिसमें व्यक्ति सोते समय आरईएम (रैपिड आई मूवमेंट) अवस्था में अपने सपनों को शारीरिक या मौखिक रूप से सच करके दिखाता है। डॉक्टर बताती हैं कि इस डिसऑर्डर में कोई भी व्यक्ति सपने में हो रही शारीरिक और मौखिक गतिविधियों को असल में करके दिखाता है।
नतीजतन लोग अपने सपनों के अनुसार शारीरिक हरकतें करते हैं, जैसे कि लात मारना, मुक्का मारना, चिल्लाना या बिस्तर से कूदना आदि। RBD कुछ लोगों में पार्किंसंस रोग या लेवी बॉडी डिमेंशिया जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के होने से कई साल पहले दिखाई देने वाला शुरुआती संकेत माना जाता है।
रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (Image Credit- ChatGPT)
आपने देखा होगा कि कुछ लोगों को सोते समय अपने पैर हिलाने की आदत होती है। इसे रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को अपने पैर हिलाने की तीव्र इच्छा होती है। खासकर यह इच्छा शाम के समय या आराम करते समय ज्यादा होती है। इससे नींद आने में देरी हो सकती है और स्लीप क्वालिटी पर भी काफी असर पड़ सकता है। वहीं शरीर में आयरन की कमी, गर्भावस्था, किडनी की बीमारी और कुछ दवाएं इस स्थिति का कारण बन सकते हैं।
डॉक्टर ने बताया कि इस बीमारी में नींद के दौरान पैरों में बार-बार और न चाहते हुए भी हलचल होती है। यह हलचल अक्सर हर 20 से 40 सेकंड में होती है। जैसे आपने भी कभी सोते समय पैरों में झटका महसूस किया होगा। हालांकि व्यक्ति को सोते समय इन गतिविधियों का पता नहीं चल सकता है, लेकिन ये बार-बार नींद में खलल डाल सकती हैं, जिससे दिन में बहुत ज्यादा थकान और काम पर फोकस करने में कमी हो सकती है।
कभी-कभी किसी व्यक्ति को नींद में चलने की आदत आती है या वह उठकर बैठ जाता है। इस तरह की चीजें बच्चों में अधिक देखने को मिलती हैं। लेकिन एडल्ट या बुजुर्ग में भी देखने को मिलता है। ऐसा तब अधिक देखने को मिलता है जब बार-बार नींद में खलल पड़ रहा हो, बहुत ज्यादा तनाव हो, बुखार हो या फिर अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन किया हो।
मिर्गी के कई प्रकार होते हैं, जिनमें से एक नींद के दौरान बार-बार झटके लगना या अजीब हरकतें होना भी शामिल हो सकता है। डॉक्टर पूजा ने बताया कि "ये एपिसोड आमतौर पर कम समय के और एक जैसे होते हैं, और इनके लिए न्यूरोलॉजिकल जांच (जैसे EEG और ब्रेन इमेजिंग) की जरूरत पड़ सकती है।"
डॉक्टर बताती हैं कि कुछ ऐसे कारक हैं जो नींद के दौरान हलचल में बढ़ोतरी कर सकते हैं जैसे-
नींद में हाथ-पैर हिलाना (Image Credit- ChatGPT)
"मैं सभी को यही सलाह देती हूं कि डॉक्टर मेडिकल जांच की सलाह तब देते हैं, जब हमें लगता है कि नींद में मूवमेंट अक्सर होने लगे और आपको या आपके पार्टनर को नींद में चोट लग रही हो। एक ओर बात कहूंगी कि जब ये एपिसोड और गंभीर होने लगें, दिन में बहुत ज्यादा नींद आ रही हो, नींद में जोर-जोर से खर्राटे लेने की समस्या हो, सांस रुकना, या घुटन जैसी स्थिति पैदा हो रही हो तो भी डॉक्टर की सलाह जरूर लें।"
ऐसा परिवार में न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का इतिहास होने पर भी हो सकता है। जल्दी डायग्नोसिस से इलाज लायक कारणों का पता लगाने और कॉम्प्लीकेशंस को रोकने में मदद मिल सकती है।
डॉक्टर ने बताया कि जांच की शुरुआत आमतौर पर मरीज की विस्तृत मेडिकल हिस्ट्री और साथ सोने वाले साथी से मिली जानकारी से होती है। फिर लक्षणों के आधार पर डॉक्टर निम्न सलाह दे सकते हैं, जैसे-
"हां, इलाज बीमारी के अंदरूनी कारणों पर निर्भर करता है।" कहते हुए डॉक्टर इलाज से जुड़े कुछ बिंदुओं के बारे में बताती हैं-
सोने की जगह को सुरक्षित बनाना, जैसे नुकीली चीज़ें हटाना और अगर हिंसक हरकतें हों तो आस-पास पैडिंग लगाना आदि।
बहुत से लोग सोते समय होने वाली असामान्य हलचल को बस बेचैनी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि लगातार या जोरदार हलचल नींद या न्यूरोलॉजिकल समस्या का शुरुआती संकेत हो सकती है। सही समय पर डॉक्टर से जांच करवाने से बीमारी का जल्दी पता चल सकता है, प्रभावी इलाज हो सकता है, नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है और कुछ मामलों में न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का भी शुरुआती दौर में पता चल सकता है।
अगर आपकी नींद अक्सर अजीब हरकतों की वजह से टूटती है या आपका पार्टनर ऐसी हरकतें देखता है जो असामान्य लगती हैं तो इन संकेतों को नजरअंदाज न करें। अच्छी नींद का मतलब सिर्फ बिस्तर पर बिताए गए घंटों की संख्या नहीं है बल्कि यह आपकी नींद की क्वालिटी और सुरक्षा होती है।
डिस्क्लेमर: अगर आपको या आपके किसी परिवार वाले को सोते समय हल्के हाथ-पैर हिलाने की आदत है तो इसपर गौर करें। लेकिन अगर वे बहुत तेजी से हाथ-पैर मारते हैं जिससे किसी को नुकसान हो सकता है, तो इसे अनदेखा न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें क्योंकि यह न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर हो सकता है।