क्या खाना खाने के बाद नींद आना किसी बीमारी का संकेत है? कैसे पता लगाएं

खाना खाने के बाद अक्सर नींद आने लगती है और कई बार लोग सोचते हैं कि कहीं ये किसी बीमारी का संकेत तो नहीं। इस लेख में हम डाइटीशियन और क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट से इस बारे में कुछ खास जानकारियां लेने वाले हैं कि ऐसा अक्सर क्यों होता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : June 7, 2026 9:52 AM IST

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Medically Verified By: Anshul Singh

स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चे हों या ऑफिस में काम करने वाले लोग, अक्सर देखा है कि दोपहर में समय खासतौर पर खाना खाने के बाद नींद आने लगती है। हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि खाना खाने के बाद अक्सर थोड़ी सुस्ती महसूस होना या नींद आना एक बेहद समान स्थिति है, जो लगभग हर व्यक्ति महसूस करता है। खासतौर पर ऐसा खाना खाने के बाद ही क्यों महसूस होता है इसके असली कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन कुछ कारण होते हैं, जो इसके लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। इसे फूड कोमा के नाम से जाना जाता है। लेकिन ऐसा होना कोई बीमारी नहीं है। लेकिन कई बार यह आपके काम में परेशानी खड़ी कर सकती है। डॉ. अंशुल सिंह, टीम लीडर क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स डिपार्टमेंट आर्टेमिस हॉस्पिटल्स ने इस बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं।

ब्रेन कम एक्टिव होना

मेडिकल साइंस के अनुसार खाना खाने के बाद रक्त का प्रवाह पेट और आंतों की ओर थोड़ा बढ़ जाता है और इस वजह से मस्तिष्क की सक्रियता थोड़ी कम हो सकती है। अगर आपका मस्तिष्क थोड़ा स्लो या रिलैक्स हो जाता है, तो आपको ऐसे में हल्की नींद आ सकती है, जो कि सामान्य माना जाता है।

खाने पर भी निर्भर करता है

डॉ. अंशुल ने बताया कि जब आप दोपहर में खाते हैं, तो उससे शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है, यह ग्लूकोज ब्रेन के कुछ हिस्सों में जाकर एक्टिव होता है और ब्रेन में एक्टिव करने वाले को न्यूरॉन्स को रिलैक्स कर देता है। ऐसे में अगर आपके दोपहर के खाने में कोई ऐसा फूड है, जिसमें ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा है तो इसके कारण भी आपको दोपहर में नींद आ सकती है।

जब हम खाना खाते हैं तो शरीर का पैरा-सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है, जिसे रेस्ट एंड डाइजेस्ट कहा जाता है। यह शरीर के बाकी हिस्सों को सिग्नल भेजता है कि अब ऊर्जा को बचा कर भोजन को पचाने पर ध्यान देना है, जिससे व्यक्ति शांत और सुस्त महसूस करता है।

कार्बोहाइड्रेट्स वाले फूड्स

यह भी ध्यान रखना होगा कि अगर खाने में ज्यादा कार्बोहाइड्रेट्स वाले फूड्स हैं, जैसे चावल या मीठा आदि तो इससे ब्लड शुगर अचानक स्पाइक हो सकता है। जिसे नियंत्रित करने के लिए शरीर ज्यादा इंसुलिन बनता है इंसुलिन के स्तर में यह उतार-चढ़ाव थकान और नींद का कारण बनता है। इसलिए अगर आप भी दोपहर के समय नींद से परेशान हैं और इस तरह के फूड्स अपनी डाइट में ले रहे हैं तो आपको अपनी डाइट में कुछ बदलाव करने की जरूरत है।

बाहर के प्रोसेस्ड फूड्स भी अगर आप दोपहर के समय या लंच में खाते हैं, तो वे भी नींद व सुस्ती लाने का कारण बन सकते हैं। कई बार प्रोसेस्ड तला भुना और अधिक तेल मसाले वाला खाना पचाने में समय लेता है। ऐसे भोजन के बाद शरीर भारीपन और सुस्ती महसूस करता है। इस वजह से भी नींद आती है।

पानी कम पीना

अगर आप खाना खाने के बाद पानी कम मात्रा में पीते हैं, तो इसके कारण भी नींद दोपहर में आपको नींद आने लग सकती है। हालांकि, हम आपको ये नहीं कह रहे कि खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना है। लेकिन एक घंटे के बाद थोड़ा-थोड़ा पानी पीना शुरु कर देना चाहिए। खाना खाने के बाद पानी कम पीने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है इससे भी भोजन के बाद थकान और नींद अधिक महसूस हो सकती है।

सावधान रहना भी जरूरी

हालांकि, दोपहर में नींद आना, थकान, सुस्ती जैसे लक्षण आमतौर पर कई बार किसी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है जैसे थायराइड, डायबिटीज व अन्य मेटाबॉलिक कंडीशन्स आदि। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को इस तरह के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो उन्हें एक बार डॉक्टर से जांच करा लेनी चाहिए।

यह स्थिति सामान्य है लेकिन अगर आपको हर भोजन के बाद बहुत ज्यादा नींद कमजोरी या चक्कर आने लगे तो यह डायबिटीज थायराइड या अन्य मेटाबॉलिक समस्या का संकेत हो सकता है आपको इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित है और सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है, जिसका इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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