
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Women health care tips: स्वास्थ्य को बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है, क्योंकि जब हमारी सेहत से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं तो कई बीमारियों का खतरा अपने आप बढ़ने लगता है। देखा जा रहा है कि कुछ कुछ दशकों के महिलाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में काफी तेजी से गिरावट आई है। उसके पीछे घर पर बढ़ रहा काम और बाहरी काम का बढ़ रहा दबाव दोनो हो सकते हैं। कहा जाता है कि अगर महिला बीमार पड़ जाती है, तो उसके साथ उसका पूरा परिवार ही बीमार पड़ जाता है और इस समस्या से निपटना उसके लिए बहुत ज्यादा जरूरी हो जाता है। इस लेख में डॉ. सुमित कांत झा, सीनियर जनरल फिजिशियन, छत्रपति शिवाजी सुभारती हॉस्पिटल, मेरठ ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां हमारे साथ साझा की जिनके बारे में हम आपको इस लेख में बताने वाले हैं।
डॉ. सुमित ने बताया कि अपने परिवार और समाज को सुरक्षित रखने के लिए महिलाओं का सुरक्षित व स्वस्थ रहना जरूरी है। इसलिए कुछ जरूरी आदतें अपनाना बहुत जरूरी है, जैसे महिलाएं नियमित रूप से हेल्थ चेकअप जैसे रूटीन ब्लड टेस्ट आदि कराएं। खासतौर पर अगर महिला को किसी भी तरह की समस्या है, तो डॉक्टर से संपर्क करें, जिसके बाद डॉक्टर खुद जरूरी टेस्ट लिख सकते हैं। इसके अलावा साल में एक बार कम से कम जरूरी स्वास्थ्य जांच करा लेनी ाहिए, ताकि किसी भी बीमारी के ज्यादा बढ़ने से पहले ही उसका पता लगाया जा सके।
हर महिला के स्वास्थ्य को सही बनाए रखने के लिए नियमित रूप से सही खान पान होना जरूरी है। डॉ. सुमित के अनुसार महिलाएं संतुलित आहार लें जिसमें हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। विटामिन्स, मिनरल्स और प्रोटीन से भरपूर आहार शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। बाहर के तले-भुने और अत्यधिक तैलीय भोजन से बचें, क्योंकि यह मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।
डॉ. सुमित महिलाओं को नियमित 30 मिनट तक एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। ऐसा करने से उनका शरीर एक्टिव बना रहेगा और मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। इसमें वॉकिंग, हल्की कसरत और योग आदि को शामिल किया जा सकता है। मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लें और जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह लें। यदि कोई महिला लंबे समय तक उदासी, चिड़चिड़ापन या तनाव महसूस कर रही है, तो उसे जल्द से जल्द मनोचिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।