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महिलाओं को कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट कब करवाना चाहिए? जानें कौन सा टेस्ट जरूरी है?

सही समय पर कराया गया एक साधारण टेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचा सकता है, अधिकतर महिलाएं शुरुआत में इसके संकेतों को अनदेखा कर देती हैं। जानिए किस उम्र में कौन-कौन से कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट कराना आपके लिए बेहद जरूरी है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 22, 2026 8:07 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Swati Singh

कैंसर का समय रहते पता लगाना भी उसका इलाज करने जितना ही महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि वह इलाज को आसान और प्रभावी तो बना ही देता है साथ ही बहुत सी जटिलताओं के खतरे को काफी हद तक कम कर देता है। महिलाओं के स्वास्थ्य की बात करें तो उनके लिए नियमित कैंसर स्क्रीनिंग इसलिए जरूरी है क्योंकि कई कैंसर शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित हो सकते हैं। ऐसे में अगर समय-समय कैंसर स्क्रीनिंग होती रहे तो शरीर में होने वाले शुरुआती बदलावों को पहचानने में मदद मिल सकती है, जिससे बीमारी का पता समय रहते पता लगाया जा सकता है। डॉ. स्वाति सिंह, सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी और बताया कि आखिर क्यों महिलाओं को समय-समय पर कैंसर की जांच कराते रहना चाहिए।

कैंसर स्क्रीनिंग की जरूरत

महिलाओं में आमतौर पर सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर व सर्वाइकल कैंसर के मामले देखे जाते हैं, जिनका नियमित रूप से टेस्ट आदि कराते रहना चाहिए। इसके अलावा अन्य प्रकार के कैंसरों का खतरा भी बढ़ सकता है और इसलिए समय-समय पर उनकी स्क्रीनिंग भी बेहद जरूरी है। कैंसर की जांच उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और पारिवारिक इतिहास के आधार पर की जाती है। सही समय पर जांच करवाने से गंभीर स्थिति से बचाव संभव हो सकता है। इसलिए हर महिला को अपनी उम्र और जोखिम के अनुसार डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और यह तय करना चाहिए कि उन्हें कब और कौन से टेस्ट कराने हैं।

महिलाओं के लिए प्रमुख रूप से की जाने वाली स्क्रीनिंग

  • सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग - गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है और इसकी सबसे खास बात यह है कि नियमित स्क्रीनिंग के जरिए इसे शुरुआती अवस्था में पहचाना जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए आमतौर पर पैप स्मीयर टेस्ट कराना फायदेमंद हो सकता है जिसमें गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं की जांच की जाती है, जिससे असामान्य बदलावों का पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा HPV टेस्ट ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण की पहचान करता है, जो सर्वाइकल कैंसर का एक बड़ा कारण माना जाता है।
  • ब्रेस्ट कैंसर की जांच - इसकी शुरुआती चरण में ही पहचान होने पर इलाज के बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने के लिए मैमोग्राफी एक महत्वपूर्ण जांच है, जिसमें एक्स-रे की मदद से स्तनों में होने वाले छोटे बदलावों का पता लगाया जाता है। खासतौर पर जिन महिलाओं के परिवार में पहले किसी को ब्रेस्ट कैंसर रहा है यानी यह फैमिली हिस्ट्री में है तो उन्हें विशेष निगरानी की आवश्यकता हो सकती है।
  • ओवरी कैंसर की जांच - अंडाशय यानी ओवरी का कैंसर कई बार शुरुआती अवस्था में आसानी से पहचान में नहीं आता, क्योंकि इसके लक्षण सामान्य पेट संबंधी समस्याओं जैसे लग सकते हैं। इस कैंसर का पता लगाने के लिए ओवरी कैंसर की नियमित स्क्रीनिंग करना बेहद जरूरी है। हालांकि, यह जांच कराने की सलाह आमतौर पर सिर्फ उन महिलाओं को दी जाती है जिन्हें कैंसर का आनुवंशिक रूप से खतरा होता है।

किन महिलाओं के लिए कैंसर स्क्रीनिंग जरूरी है?

जिन महिलाओं के परिवार में कैंसर एक फैमिली हिस्ट्री रहा है यानी परिवार में पहले किसी महिला को कैंसर हो चुका है या किसी भी कारण से उनमें कैंसर का जेनेटिक रिस्क ज्यादा है। उन्हें कैंसर स्क्रीनिंग नियमित रूप से कराते रहने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा तंबाकू का सेवन, मोटापा, अस्वस्थ जीवनशैली और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती हैं और ऐसी स्थितियों से जुड़ी महिलाओं को भी नियमित रूप से कैंसर स्कीनिंग कराते रहने की सलाह दी जाती है।

हालांकि, नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्क्रीनिंग करवाना महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने में मदद करता है। शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल महिलाओं में बढ़ते कैंसर रिस्क के चलते कौन-कौन से टेस्ट आदि कराने चाहिए आदि के बारे में जानकारी देना है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।