Powassan Virus: कोरोना के बाद इस वायरस ने पसारे पैर, पॉवासन वायरस से अमेरिका में 1 की मौत, एक्सपर्ट से जाने इसके लक्षण और बचाव

सीडीसी (Centre for Disease Control and Prevention) के डॉक्टरों और अन्य एक्सपर्ट्स द्वारा लोगों को इस नये वायरस से सुरक्षित रहने के लिए कहा जा रहा है। जानें इस संक्रमण के लक्षण और बचाव के उपाय।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 17, 2023 11:51 AM IST

कोरोना महामारी के असर से धीरे-धीरे दुनिया बाहर आ ही रही थी कि अब एक नयी महामारी का खतरा आ खड़ा हुआ है। इस नयी बीमारी का नाम पॉवासन वायरस ( Powassan virus) संक्रमण बताया जा रहा है। हाल ही में अमेरिका में एक व्यक्ति की मृत्यु इसी वायरस से संक्रमण के चलते हो गयी। वैसे तो यह एक दुर्लभ प्रकार का संक्रमण है लेकिन इसका इलाज (untreatable disease) अभी तक खोजा नहीं जा सका है जिसकी वह से धीरे-धीरे फैल रहे इस वायरस ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। डॉ. स्वाती राजगोपाल ( Dr. Swati Rajagopal, Consultant - Infectious Disease & Travel Medicine, Aster CMI Hospital, Bangalore) इस वायरस के बारे में जानकारी दे रही हैं। जिन्होंने बताया कि पॉवासन वायरस संक्रमण होने पर कैसे लक्षण दिखायी देते हैं और इससे बचाव के उपाय क्या हैं।

कैसे फैलता है पॉवासन ? (What is the Powassan virus and how it spread)

डॉ. स्वाती राजगोपाल का कहना है कि, सीडीसी द्वारा बताया गया है कि, पॉवासन वायरस टीक (infected tick) नामक कीड़े से काटने से फैलता है। जब टीक किसी संक्रमित चूहे, छछूंदर, गिलहरी या अन्य किसी संक्रमित जीव का खून चूसता है तो उसके शरीर में भी ये वायरस ट्रांसफर हो जाते हैं और इसी टीक से यह संक्रमण इंसानों तक भी पहुंचा है।

हाल ही में एक रिसर्च में यह बात सामने आयी कि पॉवासन वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से नहीं फैलता। लेकिन, जब संक्रमित व्यक्ति का खून दूसरे व्यक्ति को चढ़ाया जाता है तो संक्रमण का रिस्क बढ़ जाता है। इसीलिए, डॉक्टरों द्वारा सलाह दी जाती है कि संक्रमित व्यक्ति लगभग 120 दिनों तक रक्तदान करने या बोन मैरो डोनेट करने से बचें।

पॉवासन वायरस संक्रमण के लक्षण क्या हैं? (What are the symptoms of the Powassan virus)

पॉवासन वायरस से संक्रमित अधिकांश लोगों मे संक्रमण के लक्षण नहीं दिखायी देते। हालांकि, टीक द्वारा काटने के सप्ताहभर बाद या अगले 1 महीने की अवधि मे इस तरह के लक्षण दिखायी दे सकते हैं-

  • बुखार  (Fever)
  • सिरदर्द (Headache)
  • उल्टी-मतली (Vomiting)
  • कमजोरी (Weakness)
  • दिमाग और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गम्भी बीमारियां  (Severe Brain and Spine diseases like Encephalitis and Meningitis)
  • भ्रम (Confusion)
  • बातचीत करने या तालमेल बिठाने में दिक्कतें आना
  • मिर्गी जैसे दौरे पड़ना

अब तक के आंकड़ों के अनुसार, पॉवासन वायरस से संक्रमित होने वाले 10 में से 1 व्यक्ति की मत्यु हुई है। जबकि, इस संक्रमण से ठीक होने के बाद लगभग 50 प्रतिशत लोगो में ब्रेन से जुड़ी गम्भीर समस्याए देखी गयीं। वहीं, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं भी देखी गयीं। इसके साथ ही बार-बार सिरदर्द होना (recurring headaches), मसल्स कमजोर होना (loss of muscle mass  and strength) और याद्दाश्त से जुड़ी समस्याएं (memory problems) भी मरीजों मे देखी गयीं।

पॉवासन वायरस से बचाव के उपाय क्या हैं ? (How can you prevent yourself from the Powassan virus)

फिलहाल इस वायरस से बचाव के लिए कोई वैक्सीन या दवा उपलब्ध नहीं है। इसीलिए, इस वायरस के सम्पर्क में आने से बचना ही इस बीमारी को रोकने का सबसे अच्छा उपाय है। पॉवासन वायरस से बचने के लिए ये उपाय फॉलो करें-

  1. घास के मैदानों, झाड़ियों या ऐसे स्थानों के आसपास जानें से बचें जहां टीक जैसे जीव रहते हैं।
  2. कहीं बाहर से आने के बाद अपने कपड़े चेक करें कि कहीं उनपर टीक तो नहीं चिपकी है। कपड़ों को गर्म पानी में धोएं और इस्तरी करने के बाद ही कपड़े पहनें।
  3. घर में पालतू जानवरों की साफ-सफाई का ध्यान रखें और टीक होने पर उनका इलाज कराएं।
  4. बाहर से घर आने के बाद नहाएं
  5. फुल बॉडी चेकअप कराएं
  6. किसी भी तरह के लक्षण दिखायी देने पर अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।
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