
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr K Shilpi Reddy
Why Stem Cell Banking is Important: मेडिकल क्षेत्र में साइंस तेजी से एडवांस होता जा रहा है, नए-नए अविष्कार हैं, जो तेजी से क्रांति ला रहे हैं। उनमें से एक है स्टेम सेल थेरेपी। दुनिया भर में हुए सफल उपचार यह साबित कर रहे हैं कि यह जीवन बचाने की अपार क्षमता रखती है। हाल ही में सिंगापुर में एक 38 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति ने रक्त कैंसर को स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की मदद से हराया। यह उदाहरण परिवारों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि भविष्य की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए स्टेम सेल बैंकिंग कितना अहम निवेश साबित हो सकता है।
कैंसर का कोई पारिवारिक इतिहास न होने के बावजूद, जब अचानक रक्त कैंसर का पता चला तो रोगी की जान खतरे में पड़ गई। इलाज की तलाश में वह राष्ट्रीय विश्वविद्यालय अस्पताल (एनयूएच), सिंगापुर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने कैंसर का इलाज करने के लिए तुरंत स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की सलाह दी, जो उस स्थिति में एकमात्र संभव इलाज था। मरीज को प्रतिदिन इंजेक्शन दिए गए ताकि उसका शरीर स्वस्थ स्टेम सेल बनाए। इन कोशिकाओं को निकाला गया, शुद्ध किया गया और फिर शरीर में वापस प्रत्यारोपित किया गया। इससे बीमार बोन मैरो को बदल दिया गया और मरीज को जीवन का नया अवसर मिला।
इंडियन जर्नल ऑफ हेमेटोलॉजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मल्टीपल मायलोमा के मरीज जिन्होंने ऑटोलोगस स्टेम सेल प्रत्यारोपण कराया, उनमें पांच साल की समग्र जीवित रहने की दर 80% से अधिक रही। इसके विपरीत, केवल दवाओं पर आधारित इलाज में परिणाम कम प्रभावी पाए गए। यह तथ्य स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की अहम भूमिका को रेखांकित करता है।
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इस बढ़ते रुझान पर बात करते हुए क्रायोवीवा लाइफ साइंसेज, इंडिया के सीईओ उपमन्यु रॉय चौधरी ने कहा, “चिकित्सा विज्ञान ने तेजी से प्रगति की है और हम स्टेम सेल बैंकिंग के माध्यम से इन उपलब्धियों का लाभ ले रहे हैं। कैंसर सहित कई जीवन-घातक बीमारियों के इलाज में स्टेम सेल अहम भूमिका निभा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “अपने बच्चों के स्टेम सेल सुरक्षित करके माता-पिता अपने परिवार को गंभीर बीमारियों जैसे रक्त विकार, कुछ प्रकार के कैंसर और इम्यून सिस्टम की समस्याओं से बचाने की दिशा में सक्रिय कदम उठा रहे हैं।”
भारत में भी स्टेम सेल संरक्षण धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। कई अस्पताल मल्टीपल मायलोमा और अन्य जटिल रक्त विकारों के इलाज के लिए स्टेम सेल ट्रांसप्लांट को अपना रहे हैं। जन्म के समय एक बार मिलने वाला अवसर भविष्य की सेहत को सुरक्षित करने में मदद कर सकता है, यही जागरूकता होने से कई होने वाले माता-पिता कॉर्ड ब्लड संरक्षण को वैज्ञानिक ही नहीं बल्कि भावनात्मक निवेश के रूप में भी देख रहे हैं।
स्टेम सेल थेरेपी और संरक्षण अब निवारक स्वास्थ्य सेवा का एक मजबूत स्तंभ बनते जा रहे हैं। वास्तविक मामलों और चिकित्सा अनुसंधानों से यह साफ हो रहा है कि आज सुरक्षित किए गए स्टेम सेल कल जीवन रक्षक इलाज की संभावना खोल सकते हैं।
इस विषय पर अपनी टिप्पणी में डॉ. के. शिल्पी रेड्डी, क्लीनिकल डायरेक्टर एवं एचओडी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, किम्स कडल्स, कोंडापुर, ने बताया कि भारत में लाखों परिवार अपने नवजात शिशुओं के स्टेम सेल को बैंकों में सुरक्षित कर चुके हैं। इसका कारण भी स्पष्ट है। स्टेम सेल का उपयोग 80 से अधिक जीवन-घातक बीमारियों और विकारों के इलाज में किया जा सकता है। यह रक्त विकारों, कैंसर, जेनेटिक बीमारियों और इम्यून सिस्टम की बीमारियों के इलाज में सहायक हैं। कीमोथेरेपी से गुज़र रहे रोगियों में, स्टेम सेल इम्यून सिस्टम को दोबारा बनाने में मदद कर सकते हैं और बोन मैरो ट्रांसप्लांट का विकल्प भी प्रदान कर सकते हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।