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Medically Verified By: Dr. Rajan Thakur
Heart Disease in Hindi: आज की आधुनिकता ने मानव जीवन के मूल तत्वों को इस तरह से प्रभावित किया है कि हम तकनीक के कारण विभिन्न बीमारियों के बोझ तले दब गए हैं। जी हाँ, यही सच्चाई है। हमारे जिस हृदय को हमारे शरीर की सबसे कठिन काम करने वाली मांसपेशी माना जाता है, आज वही कमजोर होती जा रही है। यही कारण है कि जिम में एक्सरसाइज करते हुए कार्डियक अरेस्ट हो जाना, नाचते हुए हार्ट अटैक आ जाने की खबरें सुनना हमारे लिए एक आम बात हो गई है। हार्ट हॉस्पिटल, पटना के प्रबंध निदेशक व चेयरमैन डॉ. राजन ठाकुर के अनुसार, हम अपनी रोज की आदतों, जीवनशैली और खाने-पीने में बदलाव करके दिल की बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप चाहे कितने भी अमीर हो जाएँ, पैसों से बीमारी ठीक नहीं की जा सकती। अगर ऐसा होता, तो मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव, 40 साल के एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला और वर्ल्ड क्लास स्पिनर शेन वार्न की हार्ट अटैक से मौत नहीं होती। इसलिए, सबसे आसान तरीका यही है कि हम अपनी जीवनशैली में अच्छे बदलाव लाकर किसी भी बीमारी के खतरे को कम कर सकते हैं।
हार्ट हॉस्पिटल के एमडी व चेयरमैन डॉ. राजन ठाकुर ने बताया कि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए सही डाइट का होना जरूरी है। इसलिए अपने खानपान में मौसमी फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य हेल्दी चीजें जैसे ड्राई फ्रूट्स आदि शामिल करें। आप गेहूं की रोटी की जगह बाजरा खाएं। स्वस्थ हृदय के लिए साल्मन मछली, अखरोट, बादाम, सोयाबीन, अलसी खा सकते हैं। जितनी भूख हो, उससे 20 फीसदी कम भोजन करें। नियमित रूप से एक्सरसाइज करने के साथ-साथ खुद को तनाव मुक्त रखें। इसके अलावा ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर व कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखें। साथ ही एक नियमित समय पर प्रतिदिन आठ घंटे की पूरी नींद लें। अगर आप इन चीजों का खास ध्यान रखते हैं, तो आपका हृदय हेल्दी रहेगा और सामान्य रूप से अपना काम करता रहेगा।
डॉ. राजन ठाकुर ने बताया कि किसी भी ऐसे लक्षण को इग्नोर नहीं करना चाहिए जो हार्ट से जुड़ी किसी भी बीमारी का संकेत देता हो। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति को छाती में बेचैनी और भारीपन महसूस होने लगे, तो इसे हल्के में न लें। अगर छाती में दर्द के साथ सांस फूलने की समस्या आने लगी, तो यह एक गंभीर बीमारी का संकेत है। सीने में जलन और दर्द होने, सीने पर दबाव महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
(और पढ़ें - हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ता है)
कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर इग्नोर कर देते हैं, जैसे हाथ, कमर, गर्दन, और जबड़े में दर्द के साथ-साथ पैर, टखने और तलवों में सूजन होना आदि। बहुत ही कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि हृदय रोग के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थितियों को कभी भी इग्नोर नहीं करना चाहिए और इससे जुड़े थोड़े से भी संकेत दिखने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
डॉ. राजन ठाकुर कहते हैं कि लोग हार्ट अटैक से डरते हैं, लेकिन आज भी ज्यादातर लोगों को कार्डियक अरेस्ट की जानकारी नहीं है। जबकि हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक कार्डियक अरेस्ट होता है। क्योंकि हार्ट अटैक में तो फिर भी जिंदा रहने की संभावना रहती है। लेकिन, कार्डियक अरेस्ट के बाद तो 90 फीसदी लोग मौत के शिकार हो जाते हैं। लेकिन दुर्भाग्य से आज भी लोगों को कार्डियक अरेस्ट के बारे में ज्यादा व पर्याप्त जानकारी नहीं है। जबकि इस इन दोनों ही समस्याओं से जुड़ी पूर्ण जानकारी होना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी मरीज की जान बचाई जा सके। इसलिए कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक के लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हार्ट अटैक के मामले में मरीज को आराम से लिटा दें और उसके कपड़ों को ढीला कर दें। वहीं अगर कार्डियक अरेस्ट का मामला है, तो जितना जल्दी हो सके मरीज को सीपीआर देना शुरू कर दें, क्योंकि कार्डियक अरेस्ट में दिल काम करना बंद कर देता है। जब तक मरीज अस्पताल नहीं पहुंच जाता है, तब तक आप मरीज की छाती को जोर-जोर से दबाएं। अगर कार्डियक अरेस्ट होने पर तुरंत सीपीआर दे दिया जाए, तो जीवित रहने की संभावना 20-30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।
हार्ट हमारे शरीर की सबसे जटिल संरचनाओं में से एक है और यह जितना जटिल है उतना ही जरूरी भी है। इसलिए हम सभी को इस अंग की पर्याप्त जानकारी होना जरूरी है। इनमें से कुछ जानकारियां निम्न हैं -
जिनके परिवार में पहले किसी को हार्ट डिजीज है, जिनका शारीरिक वजन ज्यादा बढ़ा हुआ है, जो लोग स्मोकिंग करते हैं या फिर जिन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर व हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्या है, उनमें हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है।
- दिल हर दिन लगभग 2000 गैलन रक्त पंप करता है।
- दिल का आकार औसतन एक वयस्क की मुट्ठी के बराबर होता है।
- एक दिल हर दिन लगभग एक लाख बार धड़कता है।
- दिल मस्तिष्क या शरीर के बिना कार्य कर सकता है।
- औसतन एक पुरुष का दिल एक महिला के दिल से 2 औंस भारी होता है।
- एक महिला का दिल एक पुरुष के दिल की तुलना में थोड़ा तेज़ धड़कता है।
- औसतन एक सामान्य मानव का दिल एक मिनट में 72 से 80 बार धड़कता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हार्ट पेशेंट को हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना चाहिए। हेल्दी डाइट लें और रेगुलर एक्सरसाइज जरूर करें। हार्ट की रेगुलर चेकअप जरूर कराएं।
हार्ट हेल्थ में सुधार करने के लिए आपको एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड्स खाना चाहिए। आप फलों, सब्जियों और साबुत अनाज का सेवन कर सकते हैं।
सीने में दर्द होना, जी मिचलाना, शरीर के बाएं तरफ दर्द होना आदि हार्ट अटैक के कुछ शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
हृदय से होने वाली कोई भी बीमारी जैसे हार्ट अटैक, हार्ट का रुक जाना (हार्ट फेलियर) और धमनियों से जुड़ी बीमारी आदि