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How to explain about Menstrual Hygiene with Teenagers: मेंस्ट्रुएशन (Menstruation) सभी लड़कियों और महिलाओं के जीवन का एक हिस्सा है। विश्व की आधी आबादी मेंस्ट्रुएशन से गुजरती है लेकिन, फिर भी इसके बारे में बहुत से लोगों को अभी भी पूरी जानकारी नहीं है। इसी वजह से पीरियड्स को लेकर कई तरह की गलत बातें और भ्रांतियां (stigma related to menstruation) भी लोगों के बीच देखने को मिलती हैं। इसीलिए, अधिकांश लोग मेंस्ट्रुएशन के बारे में बात करने से भी बचते हैं। समस्या तब होती है जब टीनएजर लड़कियों को पीरियड्स शुरू होते हैं। क्योंकि, उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं मिलती है और इसी वजह से पीरियड्स आने पर लड़कियां डर जाती हैं। कई बार उन्हें इतना डर लगता है कि वे बीमार भी पड़ जाती हैं।
डॉ. विद्या भट्ट (Dr.Vidya V Bhat, Medical Director, RadhaKrishna Multispeciality Hospital, Bengaluru) के अनुसार, टीनएजर लड़कियों के लिए पहली बार पीरियड्स का अनुभव शर्मिंदगीभरा, उलझनभर और डरावना भी हो सकता है। इसीलिए यह महत्वपूर्ण है कि टीनएज में पहुंचने से पहले ही उन्हें पीरियड्स के बारे में धीरे-धीरे बताना शुरू किया जाए। इससे लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें पीरियड्स को मैनेज करने में आसानी होगी।
डॉ. विद्या कहती हैं कि मेंस्ट्रुएशन के बारे में सही जानकारी होना लड़कियों की फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए जरूरी है। मेंस्ट्रुएशन हाइजिन (Poor menstrual hygiene) से जुड़ी लापरवाही के कारण असुविधा, इंफेक्शन (infections) और कई गम्भीर समस्याएं हो सकती हैं। इससे लड़कियों की मेंटल हेल्थ और कॉन्फिडेंस पर भी असर पड़ता है।
बच्ची के साथ बात करते समय खुले तरीके से और साफ शब्दों में बात करें। लड़कियों को समझाएं कि मेंस्ट्रुएशन एक नेचुरल प्रक्रिया है और इससे डरने की जरूरत नहीं।
लड़कियों को पीरियड्स के बारे में बात करते समय मेडिकल जगत की भाषा में बात करने की बजाय सीधे और साफ शब्दों में पीरियड्स की प्रक्रिया के बारे में बताएं। उन्हें बताएं कि मेंस्ट्रुएशन उनके स्वास्थ्य से कैसे जुड़े हैं और उन्हें इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
अपनी बेटी को सबसे पहले यह समझाएं कि पीरियड्स या मेंस्ट्रुएशन क्यों होते (why menstruation happens) हैं। इसी तरह लड़कियों को सैनिटरी नैपकिन (sanitary napkins), पीरियड्स पैड्स (periods pads) और पीरियड पैंटीज के बारे में सही और पूरी जानकारी दें।
जैसा कि पीरियड्स के दौरान लड़कियों को क्रैम्प्स (period cramps), पेट में दर्द (periods pain), पेट फूलने (abdominal bloating) और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में उन्हें समझाएं कि उन्हें पीरियड्स के इन लक्षणों के लिए तैयार रहना चाहिए। साथ ही उन्हें बताएं कि पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं से आराम पाने के लिएवे क्या कर सकती हैं।