
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : April 15, 2026 7:00 PM IST
Medically Verified By: Dr. Ali Sher
Benefits of Walking Barefoot on Grass: मेडिकल साइंस कितना भी आगे क्यों न बढ़ गया हो, लेकिन आज भी बहुत से ऐसे पुराने हेल्थ हैक्स हैं जिन्हें लोग अपनाते हैं। अपने स्वास्थ्य को हेल्दी रखने के कुछ प्राचीन तरीके आज भी लोग इस्तेमाल करते हैं और उनसे उन्हें फायदा भी मिलता है। सुबह के समय नंगे पैर घास पर चलना भी उनमें से एक ऐसा ही तरीका है। आपने भी अपने बड़े-बुजुर्गों से जरूर सुना होगा कि सुबह-सुबह नंगे पैर घास पर जरूर चलना चाहिए, सेहत को बहुत फायदा मिलेगा। लेकिन क्या इससे सच में कोई फायदा मिलता है। वैसे तो हमारे बड़े-बुजुर्ग सुबह नंगे पैर घास पर चलने से मिलने वाले कई फायदों के बारे में बताते हैं, लेकिन डॉक्टर्स की इस बारे में क्या राय है? अगर आप भी नंगे पैर हरी घास पर चलने से मिलने वाले फायदों का सच जानना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल में डॉ. अली शेर, सीनियर कंसल्टेंट - इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली ने “अर्थिंग” या “ग्राउंडिंग” महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं।
डॉ. अली शेर के अनुसार कुछ रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जब हम नंगे पैर जमीन के संपर्क में आते हैं, तो धरती में मौजूद नेगेटिव इलेक्ट्रॉन्स शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। ये इलेक्ट्रॉन्स फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रल करने में मदद कर सकते हैं, जो सूजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। इस सिद्धांत के आधार पर कहा जाता है कि घास पर नंगे पैर चलना सूजन को कम करने में सहायक हो सकता है। हालांकि, इस विषय पर अभी बड़े और पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण बहुत ज्यादा नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस पर की गई ज्यादातर रिसर्च छोटे स्तर पर ही थे। इसलिए यह समझना जरूरी है कि इसको पूरी तरह से मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं माना जा सकता है।
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हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नंगे पैर घास पर चलने से आपको कोई फायदा नहीं मिलेगा, बल्कि यह आपके स्वास्थ्य को कई अन्य फायदे प्रदान कर सकता है। खासतौर पर सुबह की ओस से भरी ठंडी घास पर चलना मन को शांति देता है और तनाव व एंग्जायटी को कम करने में मदद करता है। यह प्रकृति के करीब होने का एहसास कराता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। इसके अलावा, नंगे पैर चलने से पैरों की नसों और मांसपेशियों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और पैरों की ताकत बढ़ती है।
बस आपको छोटी-छोटी कुछ बातों का ध्यान रखना है, जैसे जहां आप चल रहे हैं, वहां कांच, कीड़े या गंदगी न हो। डायबिटीज के मरीजों या फिर अगर किसी को पैरों से जुड़ी कोई समस्या है, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर ही नंगे पैर चलने की आदत डालनी चाहिए। साथ ही, इसे किसी गंभीर बीमारी के इलाज के रूप में नहीं अपनाना चाहिए, बल्कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा समझना चाहिए। नंगे पैर घास पर चलना सिर्फ एक नेचुरल हैबिट है है, जो शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद हो सकती है।
सरल शब्दों में कहें तो अगर नंंगे पैर हरी घास में चलने से सूजन कम करने की बात आती है, तो इसे कन्फर्म करने के लिए अभी इसपर और भी शोध करने की जरूरत है। इसलिए इसे चमत्कारी इलाज मानने की बजाय, रोजमर्रा की हेल्दी आदतों के रूप में अपनाना ज्यादा सही है। इसलिए अगर आपकी बॉडी में इन्फ्लेमेशन है, तो उसके घर पर उसका इलाज करने या किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है और सेफ विकल्प है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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