
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : April 17, 2026 5:58 PM IST
Medically Verified By: Dr. Poninder Kumar Dogra
Earphones Effects on Nervous System: आजकल इयरफोन और हेडफोन का इस्तेमाल बहुत आम हो गया है, खासतौर से युवा पीढ़ी दिनभर कानों में इयरफोन्स लगाकर रखती है। घंटों तक तेज आवाज में गाने सुनना या वीडियो देखना आम हो गया है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि तेज आवाज सिर्फ कानों को ही नहीं, बल्कि हमारे नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र को भी नुकसान पहुंचा सकती है। लेकिन इस बारे में ज्यादातर लोगों को कोई जानकारी नहीं है, लेकिन इसका पता होना जरूरी है। डॉ. पोनिंदर कुमार डोगरा, सीनियर कंसल्टेंट, ऑप्थेल्मोलॉजी, शारदाकेयर-हेल्थसिटी के अनुसार हमारे कान सीधे दिमाग से जुड़े होते हैं। जब हम बहुत तेज आवाज सुनते हैं, तो साउंड वेव्स सीधे नसों के जरिए दिमाग तक पहुंचती हैं। लगातार तेज आवाज इन नसों पर दबाव डालती है, जिससे उनका सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। इस लेख में हम आगे जानेंगे आखिर कैसे इयरफोन्स हमारे नर्वस सिस्टम को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचा रहे हैं।
जब हम लंबे समय तक तेज आवाज में इयरफोन का इस्तेमाल करते हैं, तो यह दिमाग को लगातार उत्तेजित (Overstimulate) करता है। इससे दिमाग को आराम नहीं मिल पाता और मानसिक थकान बढ़ने लगती है और इससे कई लोगों को अलग-अलग तरह की समस्याएं होने लगती हैं जैसे -
इसके अलावा, तेज आवाज कान के अंदर मौजूद नाजुक नसों, कोशिकाओं और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती है, जिसे ठीक करना आसान नहीं होता। धीरे-धीरे यह समस्या सुनने की क्षमता कम होने, कानों में घंटी की आवाज सुनने (Tinnitus) और संतुलन बिगड़ने तक पहुंच सकती है। नर्वस सिस्टम पर इसका असर सिर्फ सुनने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह हमारे व्यवहार और मूड को भी प्रभावित कर सकता है।
अगर आपको बार-बार सिरदर्द हो रहा है, कानों में आवाज आ रही है, ध्यान लगाने में दिक्कत हो रही है या जल्दी गुस्सा आ रहा है, तो यह संकेत हो सकते हैं कि तेज आवाज का असर आपके नर्वस सिस्टम पर पड़ रहा है।
कई बार लोग इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय के साथ ये समस्याएं गंभीर हो सकती हैं।
इयरफोन्स से अपने नर्वस सिस्टम को डैमेज होने स बचाने का सबसे आसान तरीका है, कुछ सामान्य आदतें अपनाना। हमेशा इयरफोन की आवाज को मध्यम स्तर पर रखें और लगातार लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बचें। हर 30-40 मिनट में ब्रेक लें ताकि कान और दिमाग को आराम मिल सके।
अगर संभव हो, तो नॉइस-कैंसलिंग हेडफोन का इस्तेमाल करें, जिससे आपको कम आवाज में भी साफ सुनाई दे सके। सोने से पहले इयरफोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे दिमाग को आराम नहीं मिल पाता।
बच्चों और किशोरों में इस आदत पर विशेष ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि उनका नर्वस सिस्टम अभी विकसित हो रहा होता है।
अंत में, यह समझना जरूरी है कि छोटी-सी आदत जैसे तेज आवाज में इयरफोन सुनना, धीरे-धीरे बड़ी समस्या बन सकती है। इसलिए समय रहते सावधानी बरतना और सही तरीके से तकनीक का इस्तेमाल करना ही आपके कानों और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा तरीका है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।