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ज्यादा देर तक खड़े रहने से बढ़ रहा वैरिकोज वेन्स का खतरा, एक्सपर्ट ने बताया क्या है इलाज

Risk of Varicose Veins: ज्यादा लंबे समय तक जो लोग खड़े रहते हैं या फिर ऐसी ही कोई जॉब करते हैं जिसमें दिन के ज्यादातर समय खड़े रहना पड़ता है। ऐसे में उन लोगों को वैरिकोज वेन्स होने का खतरा बढ़ जाता है।

ज्यादा देर तक खड़े रहने से बढ़ रहा वैरिकोज वेन्स का खतरा, एक्सपर्ट ने बताया क्या है इलाज
VerifiedMedically Reviewed By: Dr Jaisom Chopra

Written by Mukesh Sharma |Updated : February 16, 2026 1:55 PM IST

What is Varicose veins in Hindi: बहुत सी ऐसी नौकरियां हैं, जिनमें व्यक्ति को दिनभर खड़े रहकर ही अपना काम करना पड़ता है, जैसे शिक्षक, ट्रैफिक पुलिस, सुरक्षा गार्ड, नर्स, फैक्ट्री वर्कर, होटल स्टाफ और सेल्समैन जैसे पेशों से जुड़े लोगों को अपेक्षाकृत कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा ज्यादा होता है। लगातार लंबे समय तक खड़े रहने से पैरों की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे वैरिकोज वेन्स का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. जैसोम चोपड़ा, सीनियर कंसल्टेंट वैस्कुलर सर्जरी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली के अनुसार वैरिकोज वेन्स एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पैरों की नसें सूज जाती हैं, उभरी हुई और टेढ़ी-मेढ़ी दिखाई देने लगती हैं। शुरुआत में इसे थकान या उम्र से जुड़ी सामान्य समस्या मान लिया जाता है, लेकिन समय के साथ यह गंभीर रूप ले सकती है। इस लेख में डॉक्टर हमें वैरिकोज वेन्स से जुड़ी कुछ बेहद जरूरी चीजों के बारे में बताने वाले हैं।

खड़े रहकर काम करने से क्यों बढ़ता है जोखिम

पैरों की नसों को खून को नीचे से ऊपर, यानी दिल तक पहुंचाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक खड़े रहने पर गुरुत्वाकर्षण के कारण खून पैरों में जमा होने लगता है। इससे नसों के वाल्व कमजोर हो जाते हैं और खून वापस नीचे की ओर बहने लगता है। यही प्रक्रिया वैरिकोज वेन्स की मुख्य वजह बनती है। इसके लक्षणों में पैरों में भारीपन, दर्द, सूजन, जलन, खुजली और नसों का उभर कर दिखना शामिल है। गंभीर मामलों में त्वचा का रंग बदल सकता है और पैरों में घाव या अल्सर भी हो सकते हैं।

शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज

अगर पैरों में रोजाना दर्द, सूजन या लंबे समय तक खड़े रहने के बाद बेचैनी महसूस होती है, तो यह वैरिकोज वेन्स का शुरुआती संकेत हो सकता है। शुरुआत में समय पर इलाज न कराने से समस्या बढ़ती जाती है और आगे चलकर चलना-फिरना भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में रोजमर्रा का काम और जीवन की गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती हैं।

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समय पर इलाज और आधुनिक सर्जरी

वैरिकोज वेन्स का समय पर इलाज न होने पर यह क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी जैसी जटिल बीमारी का रूप ले सकती है, जिससे पैरों में दर्द, सूजन और भारीपन लगातार बढ़ता जाता है। शुरुआती स्टेज में लाइफस्टाइल में बदलाव, वजन नियंत्रित रखना, पैरों को ऊँचा रखना, कंप्रेशन स्टॉकिंग्स पहनना और दवाओं के जरिए काफी राहत मिल सकती है, लेकिन जब नसों की खराबी बढ़ जाती है, तब सर्जरी सबसे प्रभावी विकल्प बन जाती है। आज वैरिकोज वेन्स के इलाज के लिए लेज़र और रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन जैसी आधुनिक व मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल तकनीकें उपलब्ध हैं, जिनमें बिना बड़े चीरे के खराब नस को बंद कर दिया जाता है, जिससे खून का बहाव स्वस्थ नसों की ओर हो जाता है और दर्द, सूजन व भारीपन जैसे लक्षणों में तेजी से सुधार आता है।

इन सर्जरी में दर्द कम होता है, मरीज अक्सर उसी दिन या अगले दिन घर लौट सकता है और जल्दी सामान्य जीवन में वापस आ सकता है। दिनभर खड़े रहकर काम करने वाले लोगों में वैरिकोज़ वेन्स का खतरा वास्तविक और गंभीर है। इसे केवल थकान या उम्र का असर मानकर नज़रअंदाज़ करना सही नहीं है। समय पर लक्षण पहचानकर सही इलाज और जरूरत पड़ने पर आधुनिक सर्जरी के जरिए इस समस्या से राहत पाई जा सकती है और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है।

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अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।