40 की उम्र के बाद पुरुषों में कौन से कैंसर होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है?
उम्र के साथ-साथ पुरुषों में कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है, इस लेख में हम एक्सपर्ट से जानेंगे कि 40 की उम्र के बाद पुरुषों में कौन से कैंसर होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है और किस कारण से इनका खतरा बढ़ने लगता है।
उम्र के साथ-साथ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा भी बढ़ता रहता है, पुरुष हो या महिलाएं अलग-अलग बीमारियों का खतरा उम्र के साथ होने लगता है। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा भी खासतौर पर उम्र के साथ ही बढ़ता है और खासतौर पर पुरुषों में 40 की उम्र के बाद कई प्रकार के कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। कैंसर हीलर सेंटर के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. तरंग कृष्णा ने बताया कि 40 की उम्र पार करने के बाद पुरुषों के शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होने लगते हैं। इसी उम्र के बाद कुछ गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है, जिनमें कैंसर भी शामिल है। खराब जीवनशैली, धूम्रपान, शराब, तनाव, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और असंतुलित खानपान इसके बड़े कारण माने जाते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक अगर शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए और नियमित जांच कराई जाए, तो कई तरह के कैंसर का इलाज शुरुआती अवस्था में संभव हो सकता है।
1. प्रोस्टेट कैंसर
पुरुषों में 40 की उम्र के बाद प्रोस्टेट कैंसर का खतरा काफी ज्यादा देखा गया है। पुरुषों के शरीर में प्रोस्टेट एक छोटी ग्रंथि होती है, जो प्रजनन प्रणाली का एक प्रमुख हिस्सा मानी जाती है। प्रोस्टेट कैंसर की एक कंडीशन यह भी है कि इसमें कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य पेशाब संबंधी समस्याओं जैसे दिखाई देते हैं, इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों में आमतौर पर बार-बार पेशाब आना, पेशाब में दर्द या जलन, पेशाब का कमजोर प्रवाह, पेशाब या वीर्य में खून आना और कमर या हड्डियों में लगातार दर्द होना आदि इसके कुछ प्रमुख संकेत हो सकते हैं।
2. फेफड़ों का कैंसर
फेफड़ों का कैंसर दुनिया के सबसे खतरनाक कैंसरों में से एक माना जाता है और खासतौर पर पुरुषों में यह ज्यादा देखा जाता है। लंबे समय तक धूम्रपान करने वालों में इसका खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि, सिर्फ धूम्रपान ही नहीं बल्कि धूम्रपान कर रहे किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आना या फिर प्रदूषण आदि के कारण भी लंग कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण सामान्य खांसी जैसे लगते हैं, लेकिन लगातार खांसी रहना, सांस फूलना, सीने में दर्द, खांसी में खून आना और तेजी से वजन घटना गंभीर संकेत हो सकते हैं।
3. कोलोरेक्टल कैंसर
40 की उम्र के बाद सबसे ज्यादा देखे जाने वाले कैंसरों में कोलोरेक्टर कैंसर भी है। बड़ी आंत या मलाशय में होने वाली कैंसर को कोलोरेक्टल कैंसर कहा जाता है और फास्ट फूड, कम फाइबर वाला खाना, मोटापा और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। इसके लक्षणों में मल में खून आना, लंबे समय तक कब्ज या दस्त बने रहना, पेट में लगातार दर्द, कमजोरी और अचानक वजन कम होना शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 45 साल के बाद नियमित जांच कराना फायदेमंद हो सकता है।
4. लिवर कैंसर
पुरुषों में लिवर के कैंसर का खतरा भी काफी ज्यादा देखा जाता है और खासतौर पर 40 की उम्र के बाद इसका रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। आजकल तेजी से बढ़ रही फैटी लिवर की समस्या भी आगे चलकर लिवर कैंसर का कारण भी बन सकती है। इसके अलावा ज्यादा शराब पीना, हेपेटाइटिस संक्रमण और अस्वस्थ जीवनशैली आदि भी लिवर कैंसर के रिस्क को बढ़ाते हैं। अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक भूख कम लगे, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द रहे, वजन तेजी से घटने लगे या आंखों और त्वचा में पीलापन दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान होने पर इलाज की संभावना काफी बेहतर रहती है।
5. मुंह व गले का कैंसर
भारतीय पुरुषों में मुंह और गले के कैंसर के मामले भी काफी ज्यादा देखे जाते हैं जिसके पीछे का प्रमुख कारण तंबाकू, गुटखा, पान मसाला और शराब का सेवन माना गया है। मुंह में लंबे समय तक छाले बने रहना, आवाज बैठना, निगलने में परेशानी, मुंह से खून आना या गर्दन में गांठ जैसे लक्षण गंभीर संकेत हो सकते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक तंबाकू से दूरी बनाकर इस कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
किन लोगों में ज्यादा खतरा
पुरुषों की बढ़ती उम्र कैंसर रिस्क बढ़ने का एक फैक्टर होने के साथ-साथ कई अन्य स्थितियां भी हैं जिनके कारण पुरुषों में कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है जैसे धूम्रपान, तंबाकू, गुटखा या पान मसाला का सेवन करना आदि। ज्यादा शराब पीने की आदत, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और असंतुलित खानपान भी कैंसर के बड़े रिस्क फैक्टर माने जाते हैं। इसके अलावा फैमिली हिस्ट्री यानी जेनेटिक भी कैंसर का एक बड़ा रिस्क फैक्टर रहा है यानी अगर किसी व्यक्ति के परिवार में पहले किसी को यह समस्या हो तो परिवार के अन्य सदस्यों में भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
कैसे करें इससे बचाव
कैंसर से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। तंबाकू और धूम्रपान से दूरी बनाना, शराब का सेवन सीमित करना, नियमित व्यायाम करना और संतुलित व पौष्टिक भोजन लेना शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करता है। साथ ही 40 की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच कराना और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करना बेहद जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कैंसर शुरुआती अवस्था में पकड़ में आ जाए तो इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल पुरुषों में कैंसर के खतरे से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी कैंसर या बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।