एसी के कमरे से अचानक बाहर गर्मी में जाना कैसे आपके हार्ट और लंग्स को पहुंच रहा नुकसान

Thermal Shock: गर्मियों में एयर कंडिशन्ड रूम में बैठना हर किसी को अच्छा लगता है, लेकिन जब कमरे से बाहर जाना पड़ता है, तो अचानक से होने वाला तापमान में बदलाव हार्ट और लंग्स पर प्रभाव डालता है। इस लेख में जानेंगे कैसे।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : April 22, 2026 7:04 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Rohit Kumar Sharma

Walking Out of AC Room Effects on Heart And Lungs: जितना हमारे जीवन के लिए पानी और ऑक्सीजन है, उतना ही गर्मियों के लिए अब एसी हो गया है। गर्मियों के दिनों में एसी के बिना रहना किसी के लिए भी इतना आसान नहीं है। दिनभर तेज धूप हो या फिर रात का समय, एयर कंडीशनर के बिना तो काम ही नहीं चलता है। लेकिन दिन में काम करना भी जरूरी है और किसी न किसी जरूरी काम से कमरे से बाहर भी निकलना जरूरी है। जब एयर कंडीशनर वाले कमरे से बाहर निकला जाता है, तो अचानक से पूरा शरीर गर्म मौसम के संपर्क में आता है और इस दौरान बहुत बुरा लगता है। लेकिन बात सिर्फ बुरा लगने तक ही नहीं है, बल्कि इससे हार्ट और लंग्स पर भी कुछ प्रभाव पड़ सकते हैं, जिनके बारे में हम इस लेख में एक्सपर्ट्स की मदद से जानेंगे।

तेज गर्मी में एयर कंडीशनर राहत देता है, लेकिन लंबे समय तक ठंडे माहौल में रहने के बाद अचानक बाहर की भीषण गर्मी में जाना शरीर के लिए झटका साबित हो सकता है। खासतौर पर हार्ट और लंग्स पर इसका सीधा असर पड़ता है। यह बदलाव जितना अचानक होता है, शरीर को उतनी ही ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।

डॉ. रोहित शर्मा, कंसलटेंट इंटरनल मेडिसिन अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल जयपुर

टेम्परेचर शॉक का हार्ट पर असर

आपने यह तो जरूर सुना होगा कि दिनभर AC में रहना आपकी इम्यूनिटी को कमजोर करता है। लेकिन आपको शायद इस बात की जानकारी नहीं होगी कि जब आप एसी के ठंडे कमरे (20–24°C) से सीधे बाहर 40°C या उससे ज्यादा तापमान में जाते हैं, तो शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ जाता है। शरीर को तुरंत खुद को एडजस्ट करना पड़ता है, जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव हो सकता है। जिन लोगों को पहले से हार्ट की समस्या है, उनके लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी हो सकती है।

अचानक तापमान बदलाव से हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे थकान, घबराहट या चक्कर जैसी समस्या हो सकती है। एसी के ठंडे और सूखे वातावरण से निकलकर जब हम गर्म और नम हवा में आते हैं, तो लंग्स को भी अचानक बदलाव का सामना करना पड़ता है। इससे सांस लेने में असहजता, खांसी या सांस फूलने जैसी दिक्कत हो सकती है। अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों में यह समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है। कई बार गले में खराश या सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण भी दिखने लगते हैं।

ऐसा क्यों होता है?

हमारा शरीर तापमान को धीरे-धीरे एडजस्ट करने के लिए बना है, लेकिन अचानक बदलाव उसे “थर्मल शॉक” देता है। एसी में रहने से शरीर की पसीना निकालने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जबकि बाहर गर्मी में शरीर को तुरंत पसीना निकालकर ठंडा होना पड़ता है। इस अचानक बदलाव से शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और हार्ट व लंग्स पर असर पड़ता है। बुजुर्ग, बच्चे, हार्ट पेशेंट, अस्थमा या सांस की बीमारी से जूझ रहे लोग इस बदलाव से ज्यादा प्रभावित होते हैं। साथ ही जो लोग लंबे समय तक एसी में रहते हैं और अचानक बाहर निकलते हैं, उनमें जोखिम ज्यादा होता है।

ऐसी स्थिति से कैसे बचें

एयर कंडीशनर वाले कमरे से बाहर निकलने से पहले कुछ मिनट सामान्य तापमान में रहें, ताकि शरीर धीरे-धीरे एडजस्ट हो सके। एसी का तापमान बहुत कम न रखें, 24–26°C बेहतर माना जाता है। बाहर जाने से पहले पानी जरूर पिएं और सीधे धूप में जाने से बचें। अगर संभव हो तो कुछ मिनट छांव में रुक कर ही आगे बढ़ें। सरल शब्दों में कहें तो जितना हो सके शरीर को धीरे-धीरे ही दूसरे तापमान के संपर्क में लाएं ताकि शरीर को जल्दी एडजस्ट करने के लिए हार्ट और लंग्स पर प्रभाव न डालना पड़े।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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