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सिगरेट तनाव को कम नहीं करती बल्कि बढ़ती है, चिड़चिड़ापन, नींद ना आना ये सब उसी के संकेत

How Does Smoking Increase Stress: कुछ लोग सिगरेट को अक्सर स्ट्रेस बस्टर कहते हैं, वे मानते हैं कि जब वे स्मोकिंग करते हैं तो उससे दिमाग रिलेक्स होता है और तनाव कम होता है। लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सिगरेट से तनाव बढ़ता है।

सिगरेट तनाव को कम नहीं करती बल्कि बढ़ती है, चिड़चिड़ापन, नींद ना आना ये सब उसी के संकेत
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Prachi

Written by Mukesh Sharma |Published : March 10, 2026 6:54 PM IST

Side Effects of Smoking on Brain: ज्यादातर लोग सिगरेट, हुक्का, बीड़ी, वेप या अन्य प्रकार की स्मोकिंग अक्सर स्ट्रेस दूर करने और रिलेक्स महसूस करने के लिए करते हैं। यह सब जानते हुए की स्मोकिंग दुनिया का सबसे खतरनाक नशा माना जाता है, क्योंकि सिगरेट व अन्य स्मोकिंग वाले धुएं में 7000 से भी ज्यादा केमिकल होते हैं, जिनमें से 70 के आसपास केमिकल ऐसे भी होते हैं जिनकी पहचान कार्सिनोजेन के रूप में हुई है। यानी ये केमिकल ऐसे हैं जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। लेकिन बात सिर्फ यहीं तक नहीं है बल्कि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सिगरेट पीने से न सिर्फ मुंह, गले और फेफड़ों का कैंसर होता है, बल्कि दिमाग पर भी इसका उल्टा ज्यादा असर पड़ता है। जहां लोग स्ट्रेस कम करने के लिए स्मोकिंग करते हैं वहीं स्मोकिंग वास्तव में स्ट्रेस को बढ़ा रहा होता है।

बहुत से लोग यह मानते हैं कि सिगरेट पीने से तनाव कम हो जाता है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट है। सिगरेट में मौजूद निकोटिन दिमाग पर अस्थायी असर डालता है, जिससे कुछ मिनटों के लिए व्यक्ति को हल्का-सा सुकून महसूस हो सकता है। लेकिन यह राहत बहुत कम समय के लिए होती है और थोड़ी देर बाद शरीर में फिर से निकोटिन की कमी होने लगती है।डॉ. प्राची, सीनियर कंसल्टेंट - क्लीनिकल साइकोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट, दिल्ली

निकोटिन की कमी से बढ़ती है बेचैनी

जब शरीर में निकोटिन की कमी होती है, तो उसे फिर से स्मोकिंग की तलब लगने लगती है। जब तक सिगरेट नहीं पी लेते तब तक चिड़चिड़ापन व तनाव रहने लगता है। जब व्यक्ति बार-बार सिगरेट पीकर इस कमी को पूरा करने की कोशिश करता है, तो वह धीरे-धीरे निकोटिन की लत का शिकार हो जाता है। इस स्थिति में शरीर और दिमाग दोनों सिगरेट पर निर्भर होने लगते हैं, जिससे बिना सिगरेट के व्यक्ति ज्यादा तनावग्रस्त महसूस करने लगता है। इसके अलावा धूम्रपान से शरीर में हार्मोनल बदलाव भी होते हैं, जो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं, और यह स्थिति मानसिक तनाव को और बढ़ा देती है।

(और पढ़ें - रोज 10 सिगरेट पीने से फेफड़ों का क्या हाल होगा)

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सिगरेट का सहारा न लें

डॉ. प्राची के अनुसार तनाव कम करने के लिए सिगरेट का सहारा लेना सही तरीका नहीं है। इसके बजाय नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, ध्यान और योग जैसी आदतें अपनाने से मानसिक तनाव को स्वस्थ तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए बेहतर है कि सिगरेट से दूरी बनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जाए। रोजाना पर्याप्त पानी पीएं और सही डाइट लें।

(और पढ़ें - कैसे पता लगाएं स्मोकिंग से आपकी उम्र घट रही है?)

अगर आप स्मोकिंग छोड़ना चाहते हैं, लेकिन छोड़ नहीं पा रहे हैं तो इसके लिए आप डॉक्टर व या सपोर्ट थेरेपी आदि ले सकते हैं। साथ ही आपको यह ध्यान में रखना होगा सिगरेट छोड़ने के लिए जो सबसे जरूरी चीज है, वह है पक्का इरादा। अगर आपका इरादा पक्का है, तो आप स्मोकिंग छोड़ने में एक दिन जरूर कामयाब हो जाएंगे।

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अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।