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Back Pain in The Morning: दिनभर काम का बढ़ता लोड, खाना खाने का सही समय नहीं और न ही अच्छी डाइट है। हमारा लाइफस्टाइल लगातार प्रभावित होता जा रहा है, कि अब छोटी-मोटी समस्याओं को हम इग्नोर कर देते हैं। स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याओं को गंभीरता से लेना जरूरी नहीं है, लेकिन यह कैसे पता चल पाएगा कि जो समस्या हो रही है वह कोई छोटी-मोटी ही है। क्योंकि कई बार बड़ी बीमारियों से भी शुरुआत में छोटे-मोटे लक्षण ही देखे जाते हैं, जो बाद में धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं। सुबह उठने के बाद पीठ में दर्द होना भी ऐसा ही एक लक्षण है, जिसके बारे में हम कई बार सोचते हैं कि शायद रात को गलत पोजीशन में सो गए थे या फिर किसी कारण से ठीक से नहीं सो पाए थे और इसी वजह से पीठ में दर्द हो रहा है। लेकिन कई बार पीठ का दर्द किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है और इस लेख में डॉ. अनिल रहेजा, सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एंड स्पाइन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली आपको कुछ खास जानकारी देने वाले हैं।
अगर आप रोज सुबह उठते ही पीठ दर्द महसूस करते हैं और यह लगातार बना रहता है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह सिर्फ गलत सोने की पोजीशन या गद्दे की वजह से नहीं होता, बल्कि इसके पीछे रीढ़ की हड्डी से जुड़ी या लाइफस्टाइल से जुड़ी छिपी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसके अलावा भी बहुत सी ऐसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जिनके शुरुआती लक्षण सुबह के समय पीठ दर्द होने जैसे हो सकते हैं।
कई मामलों में डिस्क का शुरुआती घिसाव, मांसपेशियों का असंतुलन, स्पाइन में सूजन, विटामिन D की कमी या लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत सुबह की जकड़न और दर्द का कारण बनती है। अगर दर्द चलने-फिरने के बाद थोड़ा कम हो जाता है, लेकिन हर दिन दोबारा हो जाता है, तो यह रीढ़ पर लगातार पड़ रहे दबाव का संकेत हो सकता है।
हमारी जीवनशैली से जुड़ी कई ऐसी आदतें हो सकती हैं, जो हमें इस तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स की ओर ले जा रही हैं। उदाहरण के लिए मोटापा, पेट और कमर की कमजोर मांसपेशियां और घंटों स्क्रीन के सामने बैठना भी आजकल खासकर कामकाजी लोगों में बड़ी वजह बन रहे हैं। ऐसी स्थितियों में शुरुआत में ये लक्षण सामान्य समस्याओं के रूप में दिखते हैं और बाद में स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है।
जैसा कि हम ऊपर जान चुके हैं कि पीठ में दर्द होना कई बड़ी बीमारियों का संकेत हो सकता है और इसलिए समय पर जांच कराना जरूरी है, ताकि आगे चलकर स्लिप डिस्क या नस दबने जैसी गंभीर समस्या न हो। रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना हल्की स्ट्रेचिंग, सही तरीके से बैठना, वजन नियंत्रित रखना और बैक व कोर मसल्स को मजबूत करना बहुत जरूरी है। अगर पीठ दर्द दो से तीन हफ्ते से ज्यादा बना रहे या इसके साथ सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।