बदलते मौसम की आम एलर्जी नहीं बल्कि हो सकती हैं ये जानलेवा समस्याएं, एक्सपर्ट्स से किया सावधान

Badalte mausam se kaise bache | बदलते मौसम में अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखा सबसे ज्यादा जरूरी होता है, क्योंकि इस दौरान ज्यादातर लोग बीमार पड़ जाते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानें इस दौरान होने वाली बीमारियां और इनसे बचाव का तरीका।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : March 26, 2025 3:40 PM IST

Health problems caused by change in weather: बदलता मौसम किसी न किसी तरह की बीमारियां लेकर ही आता है और अक्सर ज्यादातर लोग मौसम में बदलाव होते ही बीमार पड़ने लगते हैं। लोग ज्यादातर वे ही बीमार पड़ते हैं जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है। दरअसल मौसम में अचानक से बदलाव आता है, जो कई बार शरीर को सूट नहीं कर पाता है और उससे एलर्जिक रिएक्शन होने लगता है। हालांकि, हर बार जरूरी नहीं है कि एलर्जिक रिएक्शन ही हो क्योंकि कई बार कोई बड़ी बीमारी भी हो सकती है। इस बारे में डॉक्टर आयुष पांडे ने काफी खास जानकारियां दी हैं, जो गुरुग्राम के एसजीटी हॉस्पिटल रेस्पिरेटरी डिजीज के स्पेशलिस्ट हैं। उन्होंने बताया कि जब गर्मियों के मौसम के बाद ठंड आती है और ठंड के मौसम के बाद जब सर्दियां आती हैं, तो मौसम में अचानक से कुछ बदलाव के कारण कुछ एलर्जी जैसे लक्षण होने लगते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में एलर्जी के अलावा कई अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं, जिनके बारे में इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं।

बदलते मौसम के साथ सांस की दिक्कत (Breathing problems in changing weather)

डॉक्टर आयुष पांडे ने बताया कि जैसे-जैसे मौसम में बदलाव होता है, तो कुछ लोगों में सांस से जुड़ी समस्याएं होने लगती है। गर्मियों के बाद सर्दियां आ रही हों या सर्दियों के बाद गर्मियां, बदलते मौसम सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं होने लगती हैं। यह जरूरी नहीं है कि किसी एलर्जी का ही लक्षण हो बल्कि यह ब्रोंकाइल अस्थमा, सीओपीडी, ब्रोन्किइक्टेसिस जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं। ऐसी बीमारियों के दौरान श्वास नलियों या फेफड़ों के अंदर की नलियों में सूजन बढ़ जाती हैं, जिसके कारण सांस लेने से जुड़ी समस्याएं महसूस होने लगती हैं।

कई तरह की एलर्जी (Allergy in changing weather)

बदलते मौसम में होने वाली एलर्जी से सावधान रहना भी बहुत ज्यादा जरूरी है। जैसे अचानक से बारिश या ठंड के बाद अचानक से गर्मी के कारण शरीर में एलर्जिक रिएक्शन होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। ज्यादा एलर्जी के कारण स्वास्थ्य खराब हो जाता है और सांस लेने से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं व त्वचा में एलर्जी के लक्षण भी देखे जा सकते हैं। अचानक से एलर्जी के कारण सांस लेने में दिक्कत होना और साथ ही स्किन में खुजली व लालिमा जैसा महसूस होना गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

गर्मियों के खास देखभाल जरूरी (Special care in changing weather)

खासतौर पर जो लोग बदलते मौसम में बीमार पड़ जाते हैं, उन्हें इस दौरान अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर जब सर्दियों के बाद गर्मियां आती हैं, उस दौरान ध्यान रखना जरूरी है। डॉ. आयुष पांडे के अनुसार गर्मियों में अस्थमा व फेफड़ों से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है और इसलिए इससे उचित बचाव करना ज्यादा जरूरी है। ताकि जितना भी हो सके गर्मियों के कारण हो रही इन स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को कम किया जा सके।

डाइट का विशेष ध्यान (Special diet care in changing weather)

डॉ. आयुष पांडे के अनुसार जो लोग बदलते मौसम के अनुसार अक्सर बीमार पड़ जाते हैं या फिर जिन लोगों को पहले से ही फेफड़ों से जुड़ी बीमारी, किसी प्रकार की एलर्जी या फिर सांस से जुड़ी समस्याएं हैं, तो ऐसे में बदलते मौसम में उन्हें अपना ध्यान रखने के साथ-साथ अपनी डाइट का खास ध्यान भी रखना होगा। अपनी डाइट में अलग-अलग तरह के हेल्दी फूड्स शामिल करें, ताकि अलग-अलग तरह के जरूरी पोषक तत्व आपको मिल पाएं। साथ ही में खट्टी, ज्यादा तली-भुनी, फ्रिज में रखी और बाहर से पैक की हुई चीजों का सेवन न करें, ताकि आपके बीमार पड़ने का खतरा कम से कम रहे।

पर्याप्त पानी पीना बहुत ज्यादा जरूरी (Drinking enough water in changing weather)

आगे डॉ. आयुष पांडे ने बताया कि जो लोग बदलते मौसम में अक्सर बीमार पड़ जाते हैं, उन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सावधान रहना जरूरी है। सबसे पहले सुनिश्चित करें कि आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल रहा है कि नहीं क्योंकि किसी भी कीमत पर आपका फ्लूइड इन्टेक कम नहीं होना चाहिए। अस्थमा के मरीजों और जिन लोगों को एलर्जी है उनके लिए भी यह बहुत जरूरी है। अपना फ्लूइड इन्टेक पूरा करने के लिए पानी के साथ-साथ नारियल पानी व फलों के जूस आदि का सेवन भी किया जा सकता है।

लक्षणों को कंट्रोल कैसे करें (How to control health symptoms in changing weather)

आगे डॉक्टर आयुष ने बताया कि जो लोग बदलते मौसम के कारण बीमार पड़ जाते हैं, उन्हें बचाव के साथ-साथ लक्षणों को कंट्रोल करने पर भी ध्यान देना चाहिए। उदाहरण के लिए जिन लोगों को एलर्जी के कारण सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण होते हैं, वे भाप आदि ले सकते हैं। वहीं गले में दर्द आदि की समस्या है, तो नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे किए जा सकते हैं। साथ ही जब तक आप बीमारी हैं, तब तक विशेष रूप से शरीर को एक्टिव रखें और थोड़ी-बहुत एक्सरसाइज करते रहें। उदाहरण के लिए आधे घंटे आराम से चलना भी काफी फायदेमंद हो सकती है।

जरूरी टीकाकरण (Important Vaccination in changing weather)

आगे डॉ. आयुष पांडे ने बताया कि बीमारियों से बचने के लिए भारत सरकार द्वारा जारी किए जा रहे सभी जरूरी टीकाकरण समय पर लगवा लें। विशेष रूप से जिन लोगों को किसी न किसी प्रकार की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है, तो उन्हें किसी भी टीकाकरण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बदलते मौसम में बीमार पड़ने वाले व्यक्तियों को हर साल इन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।