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प्रेग्नेंसी में आ रही फर्टिलिटी की दिक्कत? घर पर ऐसे कर सकते हैं फर्टिलिटी की जांच, डॉक्टर ने बताया तरीका

Fertility ki janch kaise kare | आज के समय में प्रेगनेंसी में दिक्कत आना आम बात बनती जा रही है, जिसे आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है। इस लेख में एक्सपर्ट्स से जानें कि घर पर फर्टिलिटी की जांच कैसे की जा सकती है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : April 30, 2025 1:37 PM IST

Fertility test at home: माँ बाप बनना एक बहुत ही निजी सफर होता है। उस सफर के दौरान अगर बच्चा होने में समय लग जाए तब हमारे भीतर कई सवाल उजागर हो जाते हैं। क्या हम फर्टाइल हैं? हमें क्या अलग करना चाहिए की हम माता पिता बन जाएँ? क्या हमें किसी फर्टिलिटी डॉक्टर के पास जाना चाहिए। आज के दौर में जीवनशैली, खानपान, तनाव और स्वास्थ्य से जुड़ी कई वजहों से फर्टिलिटी पर असर पड़ रहा है। इस समय में फर्टिलिटी डॉक्टर के पास जाना एक बहुत सही फैसला हो सकता है पर अगर आप घर पर अपनी बुनियादी जांच करना चाहें तो क्या ये संभव है? जी हाँ। घर बैठे महिलाएं और पुरुष दोनों ही अपनी फर्टिलिटी क्षमताओं का कुछ आकलन कर सकते हैं। इस लेख में डॉ. डॉ मधुलिका सिंह, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ कंसलटेंट ने काफी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।

फर्टिलिटी की जांच कैसे करें महिलाएं

सबसे पहले अपनी मेंस्ट्रुअल साइकिल या मासिक धर्म चक्र पर नज़र रखें एंड नीचे लिखें हुए सवालों का जवाब दें।

क्या आपके पीरियड्स नियमित रूप से आ रहे है? हर 25-35 दिन में आना और 7 दिन तक ऊपर नीचे होना सामान्य माना जाता है।

क्या आपके खून के प्रवाह में भारी बदलाव आया है? बहुत अधिक या कम ब्लीडिंग हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकती है।

क्या आपकी साइकिल छोटी या लम्बी हो रही है? साइकिल की लम्बाई में भारी बदलाव अंडाशय की गतिविधियों में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्जन) का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। उसको मापने के कुछ तरीके हैं।

  • सर्वाइकल म्यूकस की जांच: सामान्य ओव्यूलेशन के दौरान योनि से निकलने वाला म्यूकस अंडे की सफेदी जैसा पारदर्शी एंड चिपचिपा होता है। अगर वो गाढ़ा सफ़ेद हो तो हो सकता है आपको कोई इन्फेक्शन हो।
  • फर्टिलिटी ट्रैकिंग ऐप्लिकेशंस: आजकल ऐसे बहुत सारे ऐप्लिकेशंस होते हैं जहाँ पे अगर आप अपने पीरियड्स की जानकारी डालें तो वो उसे समझ के आपको बताते हैं की आपका ओव्युलेशन कब होगा और आपका फर्टाइल विंडो कौन से दिन है।
  • कैलेंडर का उपयोग: कई महीनो तक आप ये नोट करें की आपके पीरियड्स कब शुरू हुए और कब ख़तम हुए। इसको देखके आप अपनी मेंस्ट्रुअल किले की औसत लम्बाई समझ पाएंगे। आमतौर पर, ओव्युलेशन आपके अगले पीरियड से 14 दिन पहले होता है।

घर पर LH ओव्युलेशन टेस्ट किट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। पीरियड्स के बाद 8वें या 9वें दिन से रोज़ टेस्टिंग करें जब तक आपको उसपे दो गुलाबी लाइनें ना दिखें। वो लाइनें दिखने के 24 से 36 घंटे के अंदर ओव्युलेशन होने की संभावना होती है।

लाइफस्टाइल को ध्यान में रखते हुए अगर नीचे लिखी कोई भी चीज़ आपको लगातार महसूस हो रही है तो फर्टिलिटी डॉक्टर को दिखाना आपको सही मागदर्शन दे सकता है।

  • हर समय थकावट महसूस करना
  • बहुत अधिक मुँहासे
  • सर के बाल कम होना
  • अचानक वज़न में बड़ा बदलाव
  • चेहरे या गर्दन पर अधिक बाल आना

ये समझना आवश्यक है की फर्टिलिटी केवल महिलाओं की समस्या नहीं है। पुरुष भी इसके 40-50% भागीदार हैं। इसलिए घर पे महिलाओं के साथ साथ पुरुष भी अपने फर्टिलिटी स्वास्थ्य को जांच सकते हैं। पुरुषों के लिए उनकी रोज़मर्रा की जीवनशैली का फर्टिलिटी पर बहुत प्रभाव पड़ता है इसलिए ये आवश्यक है की वह अपनी नियमित आदतों पर थोड़ा ध्यान दें। अगर नीचे लिखे हुए सवालों का जवाब हाँ है तो आपको एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए।

  • क्या आपकी जीवनशैली में बहुत तनाव है?
  • क्या आप रोज़ बहुत काम सोते हैं या आपको नींद आने में मुश्किल होती है?
  • क्या आप स्मोकिंग करते हैं?
  • क्या आप अक्सर शराब का सेवन करते हैं?
  • क्या आप हैवी वेटलिफ्टिंग करते हैं?
  • क्या आप लंबे समय तक टाइट अंडरवियर पहनते हैं?
  • क्या आपको डायबिटीज या थायराइड है?
  • क्या आपका शरीर सामान्य से ज्यादा गर्म रहता है?

इसके अलावा ये जांचना ज़रूरी है की कहीं आपने टेस्टिकल्स या अंडकोष में सूजन या गाँठ जैसी कोई चीज़ तो आपको मेहसूस नहीं हो रही? अगर ऐसा कुछ है तो आपको तुरंत एक फर्टिलिटी डॉक्टर को दिखाना चाहिए। अगर एजैक्यूलेशन या सेक्स ड्राइव में कोई बदलाव दिखे तो वह भी किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

हम अक्सर फर्टिलिटी से संभंधित मामलों को नज़रअंदाज़ करते देते हैं पर उससे केवल समस्याएँ बढ़ती हैं। अगर हम घर पर छोटी छोटी बातों का ध्यान रखें जैसे शारीरिक बदलाव या मेंस्ट्रुअल साइकिल तो हम अपनी रिप्रोडक्टिव स्वास्थ्य को लेके जागरूक रह सकते हैं। हमारा शरीर अक्सर हमें कोई भी गड़बड़ी का संकेत देता है। अगर हम उन्हें समझके सही समय पर डॉक्टर से सुझाव लें तब वो बहुत मददगार साबित हो सकता है।

जब भी दंपत्ति सही समय पर फर्टिलिटी डॉक्टर को दिखते हैं तो ना केवल उनकी प्रेगनेंसी की संभावना बढ़ती है बल्कि वह कोई भी बड़े प्रक्रिया से भी कई बार बच जाते हैं। जल्दी किसी भी समस्या के पता चल जाने से फर्टिलिटी डॉक्टर उसको पूरी तरह से समझकर पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट दे सकते हैं। आपके लिए बना हुआ खास प्लान अधिक सफल, थोड़ा आसान और कम तनावपूर्ण साबित हो सकता है।