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Social Smokers: कभी कभी सिगरेट पीने वाले भी खुद को सेफ न समझे, हो सकते हैं बड़े नुकसान

Is Occasional Smoking Harmful: कुछ लोग कभी-कभी स्मोकिंग करते हैं और उन्हें लगता है कि उन्हें ज्यादा खतरा नहीं है। लेकिन इस बारे में हेल्थ एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं इस बारे में एक बार जरूर जानना चाहिए।

Social Smokers: कभी कभी सिगरेट पीने वाले भी खुद को सेफ न समझे, हो सकते हैं बड़े नुकसान
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Harish Kumar Verma

Written by Mukesh Sharma |Updated : March 11, 2026 4:19 PM IST

No Smoking Day 2026: स्मोकर्स आमतौर पर दो तरह के होते हैं, पहले होते हैं जो तलब लगते ही सिगरेट पीते हैं और दूसरे होते हैं जो कहते हैं कि उन्हें सिगरेट की तलब नहीं लगती लेकिन जब वे दोस्तों के साथ होते हैं तो सिगरेट फूंक लेते हैं। अब दूसरी किस्म के जो लोग हैं, ये कहते हैं कि वे स्मोकर नहीं है वे तो बस टशन मारने के लिए कभी-कभी सिगरेट पी लेते हैं। यही नहीं उनका ये मानना भी है कि रोज सिगरेट पीने से या जिन लोगों को सिगरेट की तलब लगने लगती है उन्हें सिगरेट नुकसान पहुंचाती है। इसका मतलब ये हुआ कि जो लोग सिर्फ कभी-कभार सिगरेट पीते हैं उन्हें सिगरेट नुकसान नहीं पहुंचाती है। लेकिन क्या ये सच है? लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है इस बारे में तो सिर्फ एक्सपर्ट्स ही बता सकते हैं। शारदाकेयर-हेल्थसिटी के एसोसिएट डायरेक्टर, रेस्पिरेटरी मेडिसिन और पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. हरीश वर्मा ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

क्या कभी-कभी सिगरेट पीना सुरक्षित है?

बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर वे केवल पार्टी या दोस्तों के साथ ही सिगरेट पीते हैं तो यह सुरक्षित है। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा नहीं है। कम मात्रा में भी सिगरेट पीने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं तनाव कम करने के तरीके ढूंढते-ढूंढते कभी-कभी सिगरेट पीने से भी फेफड़ों और हृदय की सेहत पर असर पड़ता है। धीरे-धीरे यह आदत नियमित धूम्रपान में भी बदल सकती है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ जाते हैं।

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मुख्य कारण जिनसे कभी-कभी धूम्रपान भी नुकसानदायक हो सकता है -

  • शरीर पर तुरंत असर - सिगरेट पीने के कुछ ही मिनटों में हृदय गति और रक्तचाप बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सिगरेट के धुएं में निकोटीन समेत कई ऐसे तेज तत्व होते हैं, जो खून के अंदर जाकर तेजी से असर करते हैं। एक सिगरेट पीने के बाद कम से कम 10 से 20 मिनट तक ब्लड प्रेशर बढ़ा रह सकता है और इस दौरान दिल की धड़कन तेज होने का कारण बन सकता है, जो हार्ट के स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी सही हीं है।
  • लत लगने का खतरा - इस बात को ध्यान रखना होगा कि निकोटीन एक अत्यधिक लत लगाने वाला पदार्थ है, जिससे कभी-कभी पीने की आदत धीरे-धीरे नियमित बन सकती है। ऐसा हो सकता है कि कोई व्यक्ति कभी-कभी सिगरेट पीता हो, लेकिन जब निकोटीन वाला धुआं शरीर के अंदर जाता है और ब्लड से होते हुए ब्रेन तक पहुंचता है तो ब्रेन उस पर रिएक्ट करने लगता है। निकोटीन के असर के कारण ब्रेन रिलेक्स करने लगता है और जब निकोटीन का असर कम हो जाता है तो फिर से निकोटीन के असर का मन करने लगता है। यही प्रोसेस के कारण व्यक्ति को स्मोकिंग करने की लत लग जाती है।
  • फेफड़ों को नुकसान - जो लोग स्मोकिंग करते हैं, धीरे-धीरे उनके फेफड़ों में धुआं, टार व अन्य केमिकल जमने लग जाते हैं और उससे कई बीमारियों का खतरा बढ़ता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कभी-कभार स्मोकिंग करने वाले लोगों को उसका खतरा नहीं होता है। अगर आप महीनों में सिर्फ एक सिगरेट पीते हैं, तो वह भी आपके फेफड़ों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है। क्योंकि सिगरेट में मौजूद केमिकल फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। साथ में यह भी ध्यान रखना है कि स्मोकिंग करना लंग कैंसर का कारण है।

अगर सरल शब्दों में कहें तो कभी-कभी सिगरेट पीने का मतलब यह नहीं है कि आपको इससे स्वास्थ्य से जुड़ी किसी परेशानी का खतरा नहीं है या फिर खतरा कम है। एक बार सिगरेट पीना भी स्वास्थ्य को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है और कई बीमारियों का कारण बन सकता है। वहीं कुछ लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या हुक्का सिगरेट से कम खतरनाक होता है? तो भी आपको बता दें कि स्मोकिंग का कोई भी प्रोडक्ट किसी दूसरे से कम खतरनाक नहीं है। ये सभी सेहत के दुश्मन हैं और समय पर अगर इनका सेवन बंद न किया जाए तो स्थिति जानलेवा हो सकती है।

कभी-कभी सिगरेट पीने से आने वाली दिक्कतें

धूम्रपान का असर केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित करता है। लंबे समय तक धूम्रपान करने से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सबसे बड़ा खतरा फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का होता है, जिसमें लंग कैंसर और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा दिल और रक्त वाहिकाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी सिगरेट पीने का मतलब है कि शरीर को निकोटीन की आदत नहीं है और जब उसे निकोटीन मिलती है तो ब्रेन ज्यादा रिएक्ट करता है और उससे होने वाले कुछ असर इस प्रकार हो सकते हैं -

  • अचानक से कमजोरी महसूस होना - कोई भी चीज है धीरे-धीरे शरीर उसकी आदत डाल लेता है और कभी-कभी सिगरेट पीने वाले लोग जब सिगरेट पीते हैं, तो शरीर निकोटीन पर तेजी से रिएक्ट करता है। इससे उनके शरीर की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और कमजोरी महसूस होती है। सिगरेट पीने के बाद 15 से 20 मिनट तक इसका असर रह सकता है।
  • सिर घूमने जैसा महसूस होना - रोज सिगरेट पीने वालों के ब्रेन को निकोटीन की आदत पड़ जाती है, जबकि कभी-कभी सिगरेट पीने वालों में निकोटीन ब्रेन में जाकर तेजी से रिएक्ट करती है। ऐसे में सिगरेट पीने के बाद अचानक से सिर घूमना, उलझन महसूस होना, हल्के चक्कर आना और उल्टी आने जैसा महसूस होना आदि लक्षण हो सकते हैं।
  • गले में जलन व मुंह का स्वाद बिगड़ना - सिगरेट, बीड़ी, हुक्का, वेप व अन्य स्मोकिंग प्रोडक्ट्स से निकलने वाले धुएं में कई जहरीले केमिकल होते हैं और सांस लेने व छोड़ने के दौरान ये सारे केमिकल धुएं के साथ मुंह, गले और साइनस से होते हुए जाते हैं। इससे गले में तेज जलन होने लगती है और मुंह का स्वाद भी बिगड़ जाता है। यह संकेत है कि धुएं में कई जहरीले केमिकल है, जो गले, मुंह और साइनस की अंदरूनी सतह को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
  • तेज खांसी व गले में खराश होना - अगर कोई व्यक्ति कभी-कभार स्मोकिंग करता है, तो भी स्मोकिंग का असर लंबे समय तक उनके शरीर में रहता है। एक बार सिगरेट पीने के बाद तेजी से खांसी उठना और गले में खराश बनने जैसी लक्षण होते हैं, जिन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए। ये लक्षण कई दिन से लेकर हफ्तों तक भी रह सकते हैं।

ऊपर हमने कुछ खास ऐसे नुकसान बताएं हैं, जो कभी-कभार सिगरेट पीने वाले लोगों को महसूस होते हैं और जब वे धीरे-धीरे रोज स्मोकिंग करने लग जाते हैं तो इस तरह के लक्षण कम देखने को मिलते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि शरीर को धुएं से निकलने वाले उन केमिकल्स की आदत पड़ गई है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है, कि रोज पीने से इन समस्याओं का खतरा कम हो जाता है। जितना ज्यादा स्मोकिंग व्यक्ति करता है, तो स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी उतना ही ज्यादा बढ़ता है। अगर महीनों में एक बार स्मोकिंग की जाती है, तो भी कई बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

धूम्रपान की लत के नुकसान

अगर कोई व्यक्ति रोज सिगरेट पीने लगा है या उसका सिगरेट पीने का मन करने लगा है तो संकेत देता है कि या तो उसे लत लग चुकी है या फिर बहुत ही जल्द लगने वाली है। यह भी हो सकता है कि व्यक्ति को महसूस भी न हो पाए और धीरे-धीरे उसे स्मोकिंग की लत लग जाए। साथ ही स्मोकिंग की लत जितने लंबे समय तक रहती है, उसका असर स्वास्थ्य पर भी उतने ही लंबे समय तक रहता है और हो सकता है शरीर के अंदर कोई परमानेंट डैमेज भी हो जाए। धूम्रपान की लत लगने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नुकसान कुछ इस प्रकार हो सकते हैं -

  • फेफड़ों की बीमारी - धूम्रपान से सांस की नली में सूजन और फेफड़ों की क्षमता कम हो सकती है।
  • दिल की बीमारी का खतरा - यह हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम को काफी हद तक बढ़ा सकता है।
  • कैंसर का खतरा - लंबे समय तक धूम्रपान करने से कई प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।

सेकेंड-हैंड स्मोक के नुकसान

अब तक हम उन लोगों के बारे में बात कर रहे थे जो स्मोकिंग करते हैं, लेकिन आपको बता दें कि वे लोग भी धूम्रपान से होने वाली बीमारियों के रिस्क में होते हैं जो सिगरेट पीने वाले लोगों के आसपास रहते हैं। धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के आसपास मौजूद लोग भी उसके धुएं से प्रभावित हो सकते हैं। इसे सेकेंड-हैंड स्मोक कहा जाता है। यह बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से हानिकारक हो सकता है। सेकेंड हैंड स्मोकिंग को पैसिव स्मोकिंग भी कहा जाता है और इससे होने वाले खतरे कुछ इस प्रकार हो सकते हैं -

  • बच्चों में सांस की समस्या - अगर कोई व्यक्ति बच्चों के आसपास धूम्रपान कर रहा है, तो उसके मुंह से निकलने वाला धुआं हवा में मिलकर बच्चों के शरीर में भी जाता है। इससे बच्चों में अस्थमा और बार-बार खांसी की समस्या बढ़ सकती है। क्योंकि बच्चों का शरीर नाजुक होता है, इसलिए धुएं का असर और ज्यादा हो सकता है।
  • दिल और फेफड़ों पर असर - स्मोकिंग न करने वाले लोग जो स्मोकिंग करने वालों के आसपास रहते हैं उनमें भी हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। इसके पीछे की साइंस बहुत सिंपल है, स्मोकिंग कर रहे व्यक्ति के मुंह से निकलने वाला धुआं भी सिगरेट का ही होता है और जब वह किसी नॉन-स्मोकर के शरीर में जाता है, तो उससे भी उतना ही नुकसान होता है जो एक स्मोकर को हो रहा होता है।
  • गर्भावस्था में जोखिम - गर्भवती महिलाओं के के आसपास स्मोकिंग करना उनके लिए यह भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकता है। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के आसपास स्मोकिंग नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे आने वाले समय में मां और बच्चों को कई जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।

धूम्रपान छोड़ना क्यों जरूरी?

धूम्रपान दुनिया के सबसे ज्यादा हानिकारक नशे में से एक है और इसे छोड़ने का फैसला जितना जल्दी लिया जाए उतना ही सही रहता है और स्वास्थ्य के लिए कई गंभीर समस्याओं का खतरा उतना ही कम हो जाता है। अच्छी बात यह है कि जब व्यक्ति सिगरेट पीना छोड़ देता है, तो उसके बाद शरीर धीरे-धीरे खुद को ठीक करना शुरू कर देता है। धूम्रपान छोड़ने से फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार होता है और दिल की बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है। धूम्रपान छोड़ने से निम्न फायदे हो सकते हैं -

  • फेफड़े स्वस्थ होने लगते हैं और उनकी कार्यक्षमता सुधरती है
  • हार्ट हेल्थ में सुधार होता है और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है
  • शरीर में एनर्जी लेवल बना रहता है और डाइजेशन व मेटाबॉलिज्म जैसी प्रक्रियाएं सही से काम करने लगती हैं।
  • मुंह, गले, नाक, साइनस और फेफड़े के कैंसर का खतरा भी काफी हद तक कम हो सकता है।
  • डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और बैड कोलेस्ट्रॉल जैसी कई क्रोनिक बीमारियों का खतरा कम होता है।

कैसे छोड़ें धूम्रपान

अगर आपको स्मोकिंग की लत लग गई है या फिर आपको लगता है कि आपको इसकी लत लगने वाली है, तो आपको आज से ही इसे छोड़ने का फैसला लेना होगा। धूम्रपान की लत छोड़ने के लिए जो चीज सबसे जरूरी होगी वो आपका मजबूत इरादा है। अगर आप मन ही मन में यह दृढ़ निश्चय कर लेते हैं कि आपको धूम्रपान नहीं करना है, तो आपको धीरे-धीरे खुद ही इससे नफरत होने लगेगी। इसके अलावा भी कुछ चीजें हैं, जिनका ध्यान रखकर आप स्मोकिंग की लत छोड़ सकते हैं -

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  • धूम्रपान कर रहे व्यक्तियों से दूर रहें - अगर आपका कोई दोस्त स्मोकिंग करता है, तो उस समय उसके पास न जाएं जब वह स्मोकिंग कर रहा होता है। सरल शब्दों में कहें तो उसके साथ “सुट्टा ब्रेक” पर न जाएं। अगर आप जा रहे हैं, लेकिन सिगरेट नहीं पी रहे हैं तो एक समय बाद आप फिर से ट्राई कर सकते हैं।
  • धूम्रपान वाली जगह पर न जाएं - धूम्रपान की दुकानों या किसी भी ऐसा स्थान पर जानें से बचें जहां पर सिगरेट व स्मोकिंग के अन्य प्रोडक्ट्स मिलते हों। आप इन स्थानों से जितना दूर रहेंगे आपके लिए यह उतना ही आसान रहेगा।
  • अपने दोस्तों व परिवारजनों से बात करें - आपके स्मोकिंग छोड़ने के प्लान के बारे में आपको अपने दोस्तों व परिवारजनों से बात कर लेनी चाहिए। ऐसा करने से आपको स्मोकिंग छोड़ने में मदद मिलेगी, ताकि जब आपका स्मोकिंग का मन करे तो आप उनसे बात कर सकें।
  • डॉक्टर की मदद लें - हेल्थ एक्सपर्ट्स भी आपको स्मोकिंग की लत छुड़ाने में काफी मदद कर सकते हैं, जिसमें आपको कुछ दवाएं, सप्लीमेंट्स व अन्य प्रोडक्ट्स दिए जा सकते हैं। साथ ही आपको थेरेपी व सपोर्ट ग्रुप भी रिकॉमेंड किए जा सकते हैं।

कभी-कभी सिगरेट पीना भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। तंबाकू का धुआं शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है और धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए बेहतर यही है कि धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाए रखें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। स्वस्थ जीवन के लिए जागरूकता और सही निर्णय बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। धूम्रपान से बचकर और संतुलित जीवनशैली अपनाकर हम लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रख सकते हैं।

Harish Verma, Associate Director – Pulmonary Medicine & Critical Care, ShardaCare – Healthcity

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।