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Fake paneer side effects: पनीर स्वास्थ्य के लिए सिर्फ तब ही अच्छा स्रोत माना जाता है, जब वह शुद्ध होता है। अगर पनीर मिलावटी है तो वह उतना ही ज्यादा सेहत के लिए नुकसानदयक हो सकता है। श्रुति के भारद्वाज, चीफ क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट, ज़ाइडस हॉस्पिटल्स, ठलतेज, अहमदाबाद ने इस बारे में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि नकली पनीर असली पनीर की तरह दिखता जरूर है, लेकिन इसके अंदर मौजूद मिलावटी तत्व हमारी सेहत के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। आमतौर पर नकली पनीर में डिटर्जेंट, स्टार्च, सिंथेटिक दूध, यूरिया और ब्लीच जैसे खतरनाक रसायन मिलाए जाते हैं। ये पदार्थ पनीर को सफेद, मुलायम और ताजा दिखाने के लिए मिलाए जाते हैं, लेकिन इनका शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है। नकली पनीर के सेवन से पेट दर्द, अपच, उल्टी, दस्त, एलर्जी, स्किन रिएक्शन और लिवर-किडनी संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।
सबसे खतरनाक बात यह है कि इसका असर धीरे-धीरे होता है, जिससे लोग तुरंत पहचान नहीं पाते कि बीमारी का कारण क्या है। यदि आप नियमित रूप से पनीर खाते हैं, तो उसकी क्वालिटी की जांच करना बहुत जरूरी है। खासतौर पर छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को नकली पनीर से सबसे ज्यादा खतरा होता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए हमेशा विश्वसनीय दुकानों से ही पनीर खरीदें और ब्रांड पर आँख बंद कर भरो न करें। (और पढ़ें - असली और नकली पनीर के पहचान कैसे करें)
आजकल बड़े-बड़े ब्रांड्स में भी नकली या मिलावटी पनीर पाए जाने की खबरें आम हो गई हैं। यह समस्या सिर्फ लोकल डेयरी या छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं रह गई है। कई नामी ब्रांड भी प्रॉफिट के लालच में मिलावटी चीजें बेचने लगे हैं, जिससे आम लोग भ्रमित हो जाते हैं। मिलावटी पनीर की पहचान करना आसान नहीं होता, लेकिन कुछ घरेलू उपायों से आप इसकी जांच कर सकते हैं। जैसे: पनीर को गर्म पानी में डालकर देखें, अगर पानी में सफेदी घुलती है या फटने जैसा दिखता है, तो वह नकली हो सकता है। इसके अलावा अगर पनीर से साबुन जैसी गंध आए या हाथ पर चिकनाहट छोड़े, तो वह असली नहीं है। ऐसे समय में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। सिर्फ कीमत या ब्रांड देखकर पनीर न खरीदें। हमेशा स्थानीय स्रोतों से ताजा और प्रमाणित पनीर लें। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को भी इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ न हो। खाने की चीजों में शुद्धता सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
स्वस्थ शरीर के लिए पौष्टिक भोजन जरूरी होता है, और पनीर एक महत्वपूर्ण प्रोटीन स्रोत माना जाता है। लेकिन जब यही पनीर नकली हो जाए, तो फायदे की जगह नुकसान ही पहुंचाता है। नकली पनीर का सेवन लंबे समय तक होता रहे, तो इससे शरीर में जहर जैसे लक्षण उभर सकते हैं। सिरदर्द, थकान, हार्मोनल गड़बड़ी और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी इस तरह के पनीर के सेवन से उत्पन्न हो सकता है। खासकर उन लोगों के लिए जो जिम जाते हैं, वजन बढ़ाने या फिटनेस के लिए नियमित पनीर खाते हैं, उन्हें इसकी गुणवत्ता को लेकर बेहद सावधान रहना चाहिए। इसके अलावा शाकाहारी लोग जो प्रोटीन के लिए पनीर पर निर्भर होते हैं, वे भी इसकी शुद्धता को लेकर कोई समझौता न करें। घर पर पनीर बनाना सबसे अच्छा विकल्प है। शुद्ध दूध से बना पनीर न केवल सेहतमंद होता है, बल्कि मिलावट से भी बचाता है। जहां तक हो सके, घर का बना खाना ही खाएं और बाजार से खरीदी गई चीजों की जांच जरूर करें। याद रखें, छोटी सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।