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Raat ko Der se Khana Khane se Kya Hota Hai: भारतीयों को दुनियाभर में उनके स्वाद और जायके के लिए जाना जाता है और आज पूरी दुनिया में में लोग भारतीयों को एक “वर्ल्ड क्लास फूडी” के रूप में जानने लगे हैं क्योंकि हमें खाना बहुत पसंद है। लेकिन अलग-अलग व्यंजनों के जायके पर इतना ध्यान देते देते हम खाने का सही समय भूल जाते हैं। डॉ. गीतेश गोविल कंसल्टेंट - कार्डियोलॉजी मणिपाल हॉस्पिटल गाजियाबाद के अनुसार आजकल देर रात में खाना आम बात बन गई है। ऑफिस से देर से लौटना, मोबाइल या टीवी देखते हुए स्नैक्स लेना या डिनर टाइम को लेट करना और हैवी मील्स लेना। हम इन्हें सिर्फ आदतें समझ के बैठे हुऐ हैं और कई बार तो लोगों को रात को लेट खाना खाने की आदत कूल लगती है, ताकि वे दूसरों को दिखा सकें कि वे कितने बिजी हैं और उनके पास समय की कितनी कमी है।
अगर देर रात को खाना खाने की आदत को आप कूल समझते हैं तो बता दें कि आप खुद को Cool नहीं बल्कि अपनी बॉडी को “Fool” बना रहे हैं। क्योंकि 9 बजे के बाद डिनर करने की आदत डायबिटीज से लेकर दिल से जुड़ी कई बीमारियों के खतरे को बढ़ा देती है।

हमारे शरीर एक अंदरूनी घड़ी की प्रक्रिया पर काम करता है, जिसे हम “बॉडी क्लॉक” और “सर्केडियन रिदम” कहते हैं। यह 24 घंटे का एक चक्र होता है, जो मस्तिष्क के द्वारा चलाया जाता है। इसमें शरीर प्रकाश और अंधेरे के अनुसार सही समय पर शरीर की सही प्रक्रिया जैसे नींद, भूख, हार्मोन, पाचन, मेटाबॉलिज्म, मलत्याग और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को निर्धारित करता है।
इस प्रकार रात के समय रिकवरी की प्रोसेस चलती है और उसके लिए नींद की जरूरत होती है और दिन में पाचन जैसी प्रक्रियाएं चलती हैं। इसलिए अगर आप रात को हैवी मील लेते हैं, तो पाचन क्रिया इतने अच्छे से काम नहीं कर पाती है और नींद भी खराब होती है।
आमतौर पर डिनर करने का सही समय शाम के 7 बजे को माना जाता है, जिससे बिस्तर पर जाने से पहले पाचन क्रिया आपके द्वारा खाए हुए खाने को लगभग पचा देती है। वहीं अगर 9 बजे के बाद डिनर करते हैं, तो इस समय पाचन क्रिया इतनी एक्टिव नहीं होती है और वहीं जो लोग रात को भी भारी खाना खाते हैं, तो उसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है।

जब हम देर रात खाना खाते हैं, तो शरीर इंसुलिन को ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है और लंबे समय में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इस समय मेटाबॉलिज्म धीमा होता है, जिससे फैट आसानी से जमा होने लगता है। बढ़ा हुआ वजन, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर ये सभी दिल की बीमारियों के बड़े कारण हैं। वहीं रात के समय मेटाबॉलिज्म धीमा होने से शरीर में फैट जल्दी जमा होने लगता है और इसका सीधा असर हार्ट हेल्थ पर पड़ता है। लंबे समय से आदत अपना रहे लोगों में हार्ट अटैक का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर रात खाना खाने से एसिडिटी, नींद की खराब गुणवत्ता और थकान भी होती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से हार्ट हेल्थ को प्रभावित करती है।

अच्छी बात यह है कि अगर हम अपने जीवन में एक हेल्दी लाइफस्टाइल की ओर अगर कुछ छोटे-छोटे बदलाव भी लाते हैं, तो इसके कारण होने वाले डायबिटीज, हार्ट डिजीज व अन्य कई बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। बस आपको ध्यान रखना होगा कि आप सोने से लगभग 2 से 3 घंटे पहले खाना खा रहे हैं। खाने के बाद लगभग 20 से 30 मिनट तक टहल रहे हैं। डिनर हल्का कर रहे हैं जैसे दाल, सब्जी, सलाद व कम तेल का खाना।
आपको रात के समय हैवी मील जैसे तला हुआ, ज्यादा मसालेदार या ज्यादा फैट वाला खाना नहीं खाना है। जितना हो सके घर पर हेल्दी तरीके से बनाया हुआ खाना ही खाना है, ना कि बाहर बना हुआ या पैक्ड फूड खाना है। इसके बाद आपको यह भी ध्यान रखना है कि आप ज्यादा लेट नहीं बल्कि समय पर सो रहे हैं और नियमित रूप से आपकी नींद पूरी हो रही है।
याद रखें, सेहत बड़े फैसलों से नहीं, बल्कि रोज की छोटी-छोटी आदतों से बनती है। समय पर और सही तरीके से खाना, डायबिटीज और दिल की बीमारियों से बचाव की दिशा में एक अहम कदम है।
डॉ. गीतेश गोविल कंसल्टेंट - कार्डियोलॉजी मणिपाल हॉस्पिटल गाजियाबाद
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।