Obesity Risk: समय पर कंट्रोल नहीं किया मोटापा तो हो सकता है कई बीमारियों का खतरा

Risk of Obesity: मोटापा बढ़ने के साथ एक नहीं बल्कि कई बीमारियों का खतरा एक साथ बढ़ जाता है, जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है। लेकिन इस लेख में आप इस बारे में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : March 23, 2026 7:43 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Aparna Govil Bhasker

Motape se Konsi Bimari Hoti Hai: मोटापा स्वास्थ्य के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है, लेकिन दुख की बात है कि अभी भी ज्यादातर भारतीय मोटापे को कोई स्वास्थ्य समस्या समझते ही नहीं है। लेकिन भारतीयों को यह समझना होगा कि मोटापा सिर्फ दिखावे या शरीर के आकार से जुड़ी समस्या नहीं है। बल्कि मोटापे के कारण आप कई बड़ी व जानलेवा बीमारियो को भी अपने शरीर में न्यौता दे रहे हैं। मोटापे के कारण हृदय रोग, मधुमेह, फैटी लिवर, उच्च रक्तचाप और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। सिर्फ हमारे देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है और उसके सबसे बड़ा कारण लोगों की खराब जीवनशैली और खानपान की आदतें हैं।

डायबिटीज का कारण कैसे बनता है मोटापा

सरल भाषा में कहीं तो मोटापे का मतलब शरीर में चर्बी जमा होना है और इसके कारण शरीर इंसुलिन नाम के एक हार्मोन ठीक से उपयोग नहीं कर पाता है। यह प्रक्रिया खून में शुगर को कंट्रोल रखने के लिए बेहद जरूरी है और ऐसा न होने पर रक्त शर्करा यानी ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है यानी टाइप 2 डायबिटीज का खतरा। अगर ब्लड सुगर को कंट्रोल न कियाजाए तो इसका असर हार्ट, नर्वस सिस्टम, आंखों और किडनी आदि पर भी पड़ सकता है।

मोटापा कैसे बढ़ाता है हाई ब्लड प्रेशर का खतरा

अगर शरीर का वजन ज्यादा है तो इसका मतलब है कि हार्ट को शरीर के सभी हिस्सों में रक्त पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। यही कारण है कि ब्लड प्रेशर बढ़ने लगेगा यानी हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण दिखने लगते हैं। यदि उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित न किया जाए, तो इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

मोटापे से किडनी के रोगों का खतरा

अगर शरीर का वजन असामान्य रूप से बढ़ गया है यानी मोटापा हो गया है, तो डायबिटीज व हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है। ये दोनों ही समस्याएं कुछ समय बाद सीधे किडनी को ही नुकसान पहुंचाती हैं साथ ही शरीर का जरूरत से ज्यादा बढ़ा हुआ वजन भी किडनी को प्रभावित करता है। इन समस्याओं से क्रोनिक किडनी डिजीज का खतरा बढ़ता है। इन स्थितियों में किडनी पर जरूरत से ज्यादा लोड पड़ जाता है और उसके कारण शरीर के हानिकारक पदार्थों को फिल्टर करने की उसकी क्षमता कम हो सकती है।

मोटापे से लिवर रोगों का खतरा

अगर लिवर के स्वास्थ्य की बात करें तो मोटापा लिवर के लिए सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है। ऐसा इसलिए क्योंकि मोटापे से ग्रसित कई लोगों के लिवर में ज्यादा मात्रा में चर्बी जमा हो जाती है। इससे नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) हो सकती है। यह हो सकता है कि शुरुआत में लक्षण न दिखें लेकिन बाद में लिवर में सूजन, लिवर सिरोसिस (स्कारिंग) और यहां तक कि कुछ मामलों में लिवर फेलियर जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।

मोटापे को नियंत्रित करने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना बहुत जरूरी है। जंक फूड, तले-भुने खाद्य पदार्थ, प्रोसेस्ड फूड और डिब्बाबंद भोजन से बचने की कोशिश करें। तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करें। रोजाना कम से कम 45 मिनट व्यायाम करने की आदत डालें। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं, ताकि मोटापे से जुड़ी किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके। अच्छी आदतें अपनाएं और स्वस्थ व खुशहाल जीवन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएं।

डॉ. अपर्णा गोविल भास्कर, बैरिएट्रिक और लैप्रोस्कोपिक सर्जन, अपोलो स्पेक्ट्रा, मुंबई

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।